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Ambala News: हर जन्म में बाबा तेरा साथ चाहिए...
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अंबाला। एकता विहार स्थित कीर्ति नगर श्री शिव कुटीर धर्मशाला में श्री शिव महापुराण कथा के प्रथम दिन कथा व्यास डॉ. स्वामी महामंडलेश्वर शिव चैतन्य महाराज ने श्रद्धालुओं को पंच यज्ञ का महत्व समझाया।
कथा के बीच मुलाना से पधारे शिवा एंड ग्रुप ने हर जन्म में बाबा तेरा साथ चाहिए..., भोले का जयकारा तू लगा कर देख ले, बन जाएंगे सारे काम तू आकर देख ले... आदि भजन सुनाए और श्रद्धालुओं द्वारा हर-हर महादेव का पवित्र उद्घोष किया गया। श्री शिव महापुराण आरती में मुख्य यजमान मंजू व रंजीत बख्शी यमुनानगर से और किरण, रंजीत व आदित्य वैद्य दिल्ली से उपस्थित रहे।
चैतन्य महाराज ने कहा कि धर्मशास्त्रों ने हर एक गृहस्थ को रोजाना पंचमहायज्ञ करना जरूरी माना है। यानी पंच महायज्ञों में वेद पढ़ना ब्रह्मा यज्ञ, तर्पण पितृ यज्ञ, हवन देव यज्ञ, और अतिथियों का पूजन सत्कार अतिथि यज्ञ कहा जाता है।
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शिव महापुराण में बंधन और मोक्ष का वर्णन किया गया है। शिव का अर्थ है, कल्याण, शांति, अविनाशी और प्रकाशमान। शिव उपासक को सांसारिक बंधन बांधकर नहीं रख सकते। महादेव हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। शिव पूजन से समस्त देवताओं की पूजा का फल मिलता है। शिव पुराण भगवान शिव की वाणी है।
सर्वप्रथम स्वयं भगवान शिव ने शिव कथा सनत कुमार को तथा सनत कुमार ने वेदव्यास जी को शिव पुराण का ज्ञान दिया था। व्यासजी ने सृष्टि के कल्याण के लिए विस्तार से इसका वर्णन किया। शिव पुराण की कथा मोक्ष देने वाली है, जैसे की समस्त नदियों में गंगा जी सर्वोपरि हैं। ऐसे समस्त पुराण में से शिव पुराण की कथा परम मंगलकारी है।
पंडित सतीश शांडिल्य ने बताया कि कथा सुनने के लिए दूरदराज से महिला व पुरुष भक्त यज्ञ स्थल पर उमड़े। वहीं समिति के लोग शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सुबह से ही जुड़े रहते हैं। इस मौके पर समिति के सदस्य वंत राम धीमान,विनोद अग्रवाल, अजय जिंदल, विशाल सिंगला,जगदीश गुलाटी व महिला मंडल आदि समिति के दर्जनों सदस्य यज्ञ व्यवस्था में जुटे रहे।
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कथा के बीच मुलाना से पधारे शिवा एंड ग्रुप ने हर जन्म में बाबा तेरा साथ चाहिए..., भोले का जयकारा तू लगा कर देख ले, बन जाएंगे सारे काम तू आकर देख ले... आदि भजन सुनाए और श्रद्धालुओं द्वारा हर-हर महादेव का पवित्र उद्घोष किया गया। श्री शिव महापुराण आरती में मुख्य यजमान मंजू व रंजीत बख्शी यमुनानगर से और किरण, रंजीत व आदित्य वैद्य दिल्ली से उपस्थित रहे।
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चैतन्य महाराज ने कहा कि धर्मशास्त्रों ने हर एक गृहस्थ को रोजाना पंचमहायज्ञ करना जरूरी माना है। यानी पंच महायज्ञों में वेद पढ़ना ब्रह्मा यज्ञ, तर्पण पितृ यज्ञ, हवन देव यज्ञ, और अतिथियों का पूजन सत्कार अतिथि यज्ञ कहा जाता है।
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शिव महापुराण में बंधन और मोक्ष का वर्णन किया गया है। शिव का अर्थ है, कल्याण, शांति, अविनाशी और प्रकाशमान। शिव उपासक को सांसारिक बंधन बांधकर नहीं रख सकते। महादेव हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। शिव पूजन से समस्त देवताओं की पूजा का फल मिलता है। शिव पुराण भगवान शिव की वाणी है।
सर्वप्रथम स्वयं भगवान शिव ने शिव कथा सनत कुमार को तथा सनत कुमार ने वेदव्यास जी को शिव पुराण का ज्ञान दिया था। व्यासजी ने सृष्टि के कल्याण के लिए विस्तार से इसका वर्णन किया। शिव पुराण की कथा मोक्ष देने वाली है, जैसे की समस्त नदियों में गंगा जी सर्वोपरि हैं। ऐसे समस्त पुराण में से शिव पुराण की कथा परम मंगलकारी है।
पंडित सतीश शांडिल्य ने बताया कि कथा सुनने के लिए दूरदराज से महिला व पुरुष भक्त यज्ञ स्थल पर उमड़े। वहीं समिति के लोग शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सुबह से ही जुड़े रहते हैं। इस मौके पर समिति के सदस्य वंत राम धीमान,विनोद अग्रवाल, अजय जिंदल, विशाल सिंगला,जगदीश गुलाटी व महिला मंडल आदि समिति के दर्जनों सदस्य यज्ञ व्यवस्था में जुटे रहे।