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Ambala News: तीसरी बार कैबिनेट में अहम हिस्सेदारी से बढ़ी अंबाला की चौधर
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अंबाला। अंबाला की चौधर भाजपा की तीसरे कार्यकाल की सरकार में भी बरकरार रही। वीरवार को पंचकूला में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में अंबाला कैंट से विधायक अनिल विज को लगातार तीसरी बार केबिनेट मंत्री का पद मिला है। इसके साथ ही सबसे अहम बात है कि वह सीएम के बाद दूसरे नंबर के मंत्री होंगे ऐसे में सरकार में अनिल विज की अहम भागीदारी होगी।
सात बार के विधायक अनिल विज वर्ष 2014 में भाजपा सरकार में केबिनेट मंत्री बने थे। इसके बाद वर्ष 2019 में भाजपा जजपा गठबंधन की सरकार में भी उन्हें केबिनेट में भागीदारी दी। इसके साथ ही वह सीएम के बाद सबसे शक्तिशाली मंत्री रहे। अपने मंत्री पद के कार्यकाल के दौरान विज ने गृहमंत्रालय से लेकर स्वास्थ्य, आयुष, विज्ञान एवं तकनीकि मंत्रालय, शहरी स्थानीय निकाय मंत्रालय व खेल मंत्रालय भी मिल चुका है। अब लगातार तीसरी बार अनिल विज को सीएम के बाद प्रमुख केबिनेट मंत्री बनाया गया है। ऐसे में प्रदेश के साथ-साथ अंबाला में भी विकास कार्यों को तेजी से कराने की लाेग आस लगाए हुए हैं।
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अनिल विज का प्रोफाइल एक नजर में
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से एसडी कालेज में पढ़ते हुए छात्र राजनीति की शुरुआत की।
-1970 में पहली बार एबीवीपी के महासचिव बने।
-1974 में स्टेट बैंक आफ इंडिया में नौकरी ज्वॉइन की।
-1990 में विधायक सुषमा स्वराज को यहां से राज्यसभा में मनोनीत करने के कारण यह सीट खाली हुई। -1991 में नौकरी से इस्तीफा देकर पहला चुनाव भाजपा की टिकट से लड़ते हुए जीत दर्ज कराई।
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-जीतने के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा का स्टेट प्रधान बनाया गया। पार्टी से संबंध खराब होने के बाद 1996 फिर 2000 में आजाद उम्मीदवार खड़े हुए और जीत दर्ज की।
-2005 में कांग्रेस के देवेंद्र बंसल से थोड़े से मार्जन से हार गए।
-2009 में दोबारा भाजपा ज्वाइन की और छावनी विधानसभा सीट से चौथी बार विधायक बने।
-2014 में भाजपा ने इन पर फिर भरोसा दिखाया और विज यहां से जीतकर स्वास्थ्य मंत्री बने।
-2019 में छठी जीत के साथ उनका कद भी बढ़ गया और गृह, स्वास्थ्य के साथ कई मंत्रालय विज को मिले।
- अब सातवीं बार हरियाणा में भाजपा की सरकार में केबिनेट मंत्री बने हैं।
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सात बार के विधायक अनिल विज वर्ष 2014 में भाजपा सरकार में केबिनेट मंत्री बने थे। इसके बाद वर्ष 2019 में भाजपा जजपा गठबंधन की सरकार में भी उन्हें केबिनेट में भागीदारी दी। इसके साथ ही वह सीएम के बाद सबसे शक्तिशाली मंत्री रहे। अपने मंत्री पद के कार्यकाल के दौरान विज ने गृहमंत्रालय से लेकर स्वास्थ्य, आयुष, विज्ञान एवं तकनीकि मंत्रालय, शहरी स्थानीय निकाय मंत्रालय व खेल मंत्रालय भी मिल चुका है। अब लगातार तीसरी बार अनिल विज को सीएम के बाद प्रमुख केबिनेट मंत्री बनाया गया है। ऐसे में प्रदेश के साथ-साथ अंबाला में भी विकास कार्यों को तेजी से कराने की लाेग आस लगाए हुए हैं।
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अनिल विज का प्रोफाइल एक नजर में
- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से एसडी कालेज में पढ़ते हुए छात्र राजनीति की शुरुआत की।
-1970 में पहली बार एबीवीपी के महासचिव बने।
-1974 में स्टेट बैंक आफ इंडिया में नौकरी ज्वॉइन की।
-1990 में विधायक सुषमा स्वराज को यहां से राज्यसभा में मनोनीत करने के कारण यह सीट खाली हुई। -1991 में नौकरी से इस्तीफा देकर पहला चुनाव भाजपा की टिकट से लड़ते हुए जीत दर्ज कराई।
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-जीतने के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा का स्टेट प्रधान बनाया गया। पार्टी से संबंध खराब होने के बाद 1996 फिर 2000 में आजाद उम्मीदवार खड़े हुए और जीत दर्ज की।
-2005 में कांग्रेस के देवेंद्र बंसल से थोड़े से मार्जन से हार गए।
-2009 में दोबारा भाजपा ज्वाइन की और छावनी विधानसभा सीट से चौथी बार विधायक बने।
-2014 में भाजपा ने इन पर फिर भरोसा दिखाया और विज यहां से जीतकर स्वास्थ्य मंत्री बने।
-2019 में छठी जीत के साथ उनका कद भी बढ़ गया और गृह, स्वास्थ्य के साथ कई मंत्रालय विज को मिले।
- अब सातवीं बार हरियाणा में भाजपा की सरकार में केबिनेट मंत्री बने हैं।