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Ambala Weather: गर्मी व लू से बचाव के लिए प्रशासन की ओर से एडवाइजरी जारी, स्कूलों में अवकाश नहीं
Mon, 20 May 2024 12:33 PM IST
नवीन दलाल
माई सिटी रिपोर्टर, अंबाला (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, अंबाला (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Mon, 20 May 2024 12:33 PM IST
सार
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग हरियाणा द्वारा जनहित में लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है, जिसकी सभी को पालना करते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा बनाए रखनी है। डीसी डॉ. शालीन ने कहा कि बच्चों को वाहनों में छोड़कर न जाएं उन्हें लू लगने का खतरा हो सकता है।
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गर्मी में सड़क से गुजरते वाहन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अंबाला में भीषण गर्मी को लेकर जनमानस का बुरा हाल है। दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक पहुंच रहा है मगर अभी तक स्कूलों का अवकाश नहीं किया। इससे अभिभावकों में भी रोष दिख रहा है। वहीं दूसरी तरफ गर्मी को लेकर प्रशासन ने सोमवार को एडवाइजरी जारी की है। अंबाला के डीसी डॉ. शालीन ने बताया कि कि गर्मी के मौसम में हवा के गर्म थपेड़ों और बढ़े हुए तापमान से लू लगने का खतरा बढ़ जाता है।
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खासकर धूप में घूमने वालों, खिलाडिय़ों, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को लू लगने का डर ज्यादा रहता है। लू लगने पर उसके ईलाज से बेहतर है, हम लू से बचे रहें यानी बचाव ईलाज से बेहतर है। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग हरियाणा द्वारा जनहित में लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है, जिसकी सभी को पालना करते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा बनाए रखनी है।
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लू से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
डीसी डॉ. शालीन ने आमजन से आह्वान किया कि वे सरकार की ओर से जारी की गई एडवाइजरी की पालना करें और लू से बचे रहें। उन्होंने बताया कि लू से बचाव के लिए स्थानीय मौसम संबंधी खबरों के लिए रेडियो सुनें, टीवी देखें, समाचार पत्र पढ़ें, गर्मी में हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, अपना सिर ढककर रखें, कपड़े, हैट अथवा छतरी का उपयोग करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं-भले ही प्यास न लगी हो, ओआरएस (ओरल रीहाइड्रेशन सॉल्यूशन), घर में बने पेय जैसे लस्सी, तोरानी (चावल का मांड) नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन कर तरोताजा रहें।
बच्चों का रखें विशेष ध्यान
डीसी डॉ. शालीन ने कहा कि बच्चों को वाहनों में छोड़कर न जाएं उन्हें लू लगने का खतरा हो सकता है, नंगे पांव बाहर न जाएं, गर्मी से राहत के लिए हाथ का पंखा अपने पास रखें, काम के बीच में थोड़ा-थोड़ा विश्राम लें, खेत खलीहान में काम कर रहे हैं तो समय-समय पर पेड़ या छाया में ही आसरा लें। गर्मी के मौसम में जंक फूड का सेवन न करें। ताजे फल, सलाद तथा घर में बना खाना खाएं। खासतौर से दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे के बीच धूप में सीधे जाने से बचें। यदि बच्चे को चक्कर आए, उल्टी घबराहट अथवा तेज सिरदर्द हो, सीने में दर्द हो अथवा सांस लेने में कठिनाई हो तो चिकित्सक को दिखाएं।
बुजुर्गों का विशेष रूप से रखें ध्यान
डीसी डॉ. शालीन ने बताया कि बढ़ती गर्मी में वृद्ध एवं कमजोर व्यक्तियों की खास देखभाल करें, तेज गर्मी, खासतौर से जब वे अकेले हों, तो कम से कम दिन में दो बार उनकी जांच करें, ध्यान रहे कि उनके पास फोन हो, यदि वे गर्मी से बैचेनी महसूस कर रहे हों तो उन्हें ठंडक देने का प्रयास करें। उन्हें अपने पास हमेशा पानी की बोतल रखने के लिए कहें।
अपने जानवरों का लू से कैसे बचाव करें
डीसी डॉ. शालीन ने बताया कि जानवरों को छाया में रखें और उन्हें पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी दें, उन्हें घर के भीतर रखें, पीने के पानी के दो बाउल रखें ताकि एक में पानी खत्म होने पर दूसरे से वे पानी पी सकें, यदि उन्हें घर के भीतर रखा जाना संभव न हो तो उन्हें किसी छायादार स्थान में रखें, जहां वे आराम कर सकें। ध्यान रखें कि जहां उन्हें रखा जाए वहां दिनभर छाया रहे, अपने पालतू जानवर का खाना धूप में न रखें, जानवरों को किसी बंद जगह में न रखें।