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अंबाला मालगाड़ी डिरेलमेंट: हादसा या मॉकड्रिल, जांच रिपोर्ट से होगा खुलासा, पांच सदस्यीय टीम आज सौंपेगी रिपोर्ट
Sun, 22 Sep 2024 01:40 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Sun, 22 Sep 2024 01:40 PM IST
सार
शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के नजदीक वॉशिंग लाइन में पार्सल वैन वाली मालगाड़ी का एक डिब्बा पटरी से उतर गया था।
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अंबाला मालगाड़ी हादसा।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
अंबाला में मालगाड़ी डिरेलमेंट हादसा है या फिर मॉकड्रिल। यह खुलासा रेलवे की रिपोर्ट से होगा। रेलवे ने पटरी से उतरे पार्सल ट्रेन के डिब्बे को बेशक मॉकड्रिल बता दिया है, लेकिन इससे उनकी परेशानी कम नहीं हुई। मामले की तह तक पहुंचने के लिए विभागीय अधिकारी कार्रवाई में जुट गए हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हादसे के दूसरे दिन भी रेलवे अधिकारी घटनास्थल पर जांच में जुटे रहे। जबकि घटना के दिन सुबह पांच बजे तक विभागीय जांच चलती रही। रेल अधिकारी इसे हादसा मानने को तैयार नहीं हैं और विभागीय अधिकारी भी कुछ बोलने से इनकार कर रहे हैं।
हैरानी की बात है कि बेपटरी हुए पार्सल वैन की मालगाड़ी के डिब्बे को क्यों मॉकड्रिल माना जा रहा है जबकि मौके पर ऐसे कोई भी तथ्य नहीं मिले हैं जो इसे मॉकड्रिल घोषित करते हैं। अब यह देखना है कि पांच अलग-अलग विभागों के कनिष्ठ अधिकारियों की ओर से तैयार की जा रही रिपोर्ट किस तरफ इशारा करती है, इसे मॉकड्रिल माना जाएगा या फिर मानवीय भूल के दौरान हुआ हादसा।
रेल पटरियों पर जलभराव और काई
प्राथमिक जानकारी में यह सामने आया है कि जिस जगह पार्सल वैन वाली मालगाड़ी का डिब्बा धंसा था, उस रेल पटरी पर बारिश का पानी भरा था और पटरी के नीचे मिट्टी भी नरम पड़ गई थी। इस कारण जब मालगाड़ी को बैक करते हुए वॉशिंग लाइन में ले जाया जा रहा था तो एक डिब्बे का पहिया अपनी जगह से खिसक गया और जमीन में धंस गया।
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यह था मामला
शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के नजदीक वॉशिंग लाइन में पार्सल वैन वाली मालगाड़ी का एक डिब्बा पटरी से उतर गया था। मामले की सूचना मिलते ही मंडल कार्यालय और रेलवे स्टेशन के सभी अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। डिब्बे को पटरी पर चढ़ाने के लिए कर्मचारियों को भी साजो-सामान के साथ बुला लिया था। इस दौरान मौजूद वरिष्ठ संरक्षा अधिकारी विलयमजीत सिंह और विभागीय अधिकारी रितिका वशिष्ठ भी मौके पर खड़े थे। उन्होंने इसे मॉकड्रिल बताया था, हालांकि कुछ दूसरे विभागों के अधिकारी इसे हादसा बताकर अपने उच्चाधिकारियों को मामले की विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे थे।
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हैरानी की बात है कि बेपटरी हुए पार्सल वैन की मालगाड़ी के डिब्बे को क्यों मॉकड्रिल माना जा रहा है जबकि मौके पर ऐसे कोई भी तथ्य नहीं मिले हैं जो इसे मॉकड्रिल घोषित करते हैं। अब यह देखना है कि पांच अलग-अलग विभागों के कनिष्ठ अधिकारियों की ओर से तैयार की जा रही रिपोर्ट किस तरफ इशारा करती है, इसे मॉकड्रिल माना जाएगा या फिर मानवीय भूल के दौरान हुआ हादसा।
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रेल पटरियों पर जलभराव और काई
प्राथमिक जानकारी में यह सामने आया है कि जिस जगह पार्सल वैन वाली मालगाड़ी का डिब्बा धंसा था, उस रेल पटरी पर बारिश का पानी भरा था और पटरी के नीचे मिट्टी भी नरम पड़ गई थी। इस कारण जब मालगाड़ी को बैक करते हुए वॉशिंग लाइन में ले जाया जा रहा था तो एक डिब्बे का पहिया अपनी जगह से खिसक गया और जमीन में धंस गया।
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यह था मामला
शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के नजदीक वॉशिंग लाइन में पार्सल वैन वाली मालगाड़ी का एक डिब्बा पटरी से उतर गया था। मामले की सूचना मिलते ही मंडल कार्यालय और रेलवे स्टेशन के सभी अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। डिब्बे को पटरी पर चढ़ाने के लिए कर्मचारियों को भी साजो-सामान के साथ बुला लिया था। इस दौरान मौजूद वरिष्ठ संरक्षा अधिकारी विलयमजीत सिंह और विभागीय अधिकारी रितिका वशिष्ठ भी मौके पर खड़े थे। उन्होंने इसे मॉकड्रिल बताया था, हालांकि कुछ दूसरे विभागों के अधिकारी इसे हादसा बताकर अपने उच्चाधिकारियों को मामले की विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे थे।