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विधायक को थप्पड़ मारने के आरोपी बेटे को बचाने के लिए कई के पांवों में गिरी मां
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विधायक संतोष सारवान को थप्पड़ मारने वाले युवक तलविंद्र के माता पिता पर्ची दिखाते हुए
- फोटो : AMBALA
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रमाकांत शर्मा। विधायक संतोष सारवान को थप्पड़ मारने की सूचना जैसे ही 20 वर्षीय आरोपित तलविंद्र के परिजनों को मिली, वैसे ही सेना से रिटायर्ड पिता महेंद्र सिंह पत्नी जसबीर कौर के साथ सीरसगढ़ के रेस्ट हाउस में पहुंच गए। दंपती ने अपने बेटे तलविंद्र को बचाने के लिए सरपंच जल सिंह से लेकर विधायक संतोष सारवान तक से गुहार लगाई, लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी। बेटे को जेल जाने से बचाने के लिए आरोपित की मां जसबीर कौर सरपंच जल सिंह के पैरों में भी गिर गई। मां ने अपने बेटे को बचाने के लिए तमाम सबूत भी दिए। वह पर्चियां भी दिखाईं, जिनपर तलविंद्र को दी गई दवाओं की जानकारी लिखी हुई थी। जब इन्हें भी किसी ने नहीं देखा तो उन्होंने पर्ची पर छपे दिमाग के निशान को दिखाते हुए कहा कि यह देख लो साहब। पर सभी ने उनकी गुहार को अनसुना कर दिया।
इस मामले में अमर उजाला टीम ने यमुनानगर के जिस डॉक्टर के पास आरोपित युवक का इलाज चल रहा था, उनसे बात की। सामने आया कि आरोपित के दिमाग का इलाज तो जरूर चला लेकिन कुछ समय से वह अब वहां से दवाई नहीं ले रहा था। इतना ही नहीं यमुनानगर के नागरिक अस्पताल से भी आरोपित का मनोरोग विशेषज्ञ से लंबे समय तक इलाज चला। उसे लंबे समय तक वे प्रोमिन एसआर 500 और टेबलेट क्लोना जापाम दी गई। यह दवाएं ज्यादातर मिरगी के मरीजों को दी जाती हैं।
जो दवाएं तलविंद्र सिंह को दी गई थी वह दिमाग और मिरगी दौरों के जूझ रहे मरीजों को दी जाती हैं। यह दवाएं कम से कम तीन और अधिक से अधिक 5 साल तक चलाई जा सकती हैं। वर्तमान में उनके पास तलविंद्र इलाज के लिए नहीं आ रहा।
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- डॉक्टर अमित सेठी, केसी अस्पताल।
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इस मामले में अमर उजाला टीम ने यमुनानगर के जिस डॉक्टर के पास आरोपित युवक का इलाज चल रहा था, उनसे बात की। सामने आया कि आरोपित के दिमाग का इलाज तो जरूर चला लेकिन कुछ समय से वह अब वहां से दवाई नहीं ले रहा था। इतना ही नहीं यमुनानगर के नागरिक अस्पताल से भी आरोपित का मनोरोग विशेषज्ञ से लंबे समय तक इलाज चला। उसे लंबे समय तक वे प्रोमिन एसआर 500 और टेबलेट क्लोना जापाम दी गई। यह दवाएं ज्यादातर मिरगी के मरीजों को दी जाती हैं।
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जो दवाएं तलविंद्र सिंह को दी गई थी वह दिमाग और मिरगी दौरों के जूझ रहे मरीजों को दी जाती हैं। यह दवाएं कम से कम तीन और अधिक से अधिक 5 साल तक चलाई जा सकती हैं। वर्तमान में उनके पास तलविंद्र इलाज के लिए नहीं आ रहा।
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- डॉक्टर अमित सेठी, केसी अस्पताल।

अरोपी तलविंद्र की माता सरपंच के पैरो में गीरी हुई को उठाता पुलिस कर्मी- फोटो : AMBALA