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Ambala News: कारा के माध्यम से ही बच्चा लिया जा सकता है गोद
Sun, 11 Jan 2026 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Sun, 11 Jan 2026 11:39 PM IST
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सुरजीत सिंह, पूर्व डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी।
- फोटो : मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में गांधी प्रतिमा की नीचे उपवास करते कांग्रेसजन। स्रोत स्वयं
अंबाला। हरियाणा में बच्चा गोद लेने की इच्छुक दंपतियों या एकल माता-पिता के लिए यह जानना आवश्यक है कि भारत में गोद लेने की पूरी प्रक्रिया अब केवल कारा ( सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी) के माध्यम से ही मान्य है। किसी अस्पताल, एनजीओ या सीधे किसी व्यक्ति से बच्चा लेना मानव तस्करी की श्रेणी में आ सकता है और यह गैर-कानूनी है। सबसे पहले ''''''''कारा'''''''' की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण करें। पंजीकरण के बाद संबंधित जिले की विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी आपके घर का दौरा कर एक रिपोर्ट तैयार करेगी। आपकी पात्रता के आधार पर पोर्टल पर बच्चों के प्रोफाइल दिखाए जाएंगे। बच्चा मिलने के बाद, जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष गोद लेने का आदेश जारी करने के लिए आवेदन किया जाता है।
- सुरजीत सिंह, पूर्व डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी
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- सुरजीत सिंह, पूर्व डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी

सुरजीत सिंह, पूर्व डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी।- फोटो : मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में गांधी प्रतिमा की नीचे उपवास करते कांग्रेसजन। स्रोत स्वयं
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