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जहां से चले थे आज वहीं खड़े हैं हम

Tue, 13 Aug 2013 05:37 AM IST
Ambala
Ambala Updated Tue, 13 Aug 2013 05:37 AM IST
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अंबाला। आजादी मिले 66 साल हो चुके हैं लेकिन हम जहां से चले थे, वहीं पर खड़े हैं। जनता अपने हक के लिए लड़ रही है, लेकिन सरकारी मशीनरी अपनी गति से चलती है। सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार का माहौल है और रोजगार के लिए युवा भटक रहे हैं।
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भ्रष्टाचार फैला है कार्यालयों में
सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पूरी तरह से फैला हुआ है। आलम यह है कि जायज काम के लिए भी रिश्वत की मांग करते हैं। इसका खुलासा मंत्री के सामने शिकायतकर्ता कर चुके हैं, लेकिन इन पर लगाम आज तक नहीं कसी जा सकी। अब जनता अपने जायज कामों के लिए कहां पर जाये, कोई रास्ता नहीं है।
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* अंबाला शहर में मंत्री हरमोहिंदर चठ्ठा के सामने ही एक किसान ने बिजली विभाग पर रुपये लेकर काम करने के आरोप मढ़े
* विजीलेंस की मानें तो सतर्कता विभाग के तहत इस साल जहां सात नए मामले सामने आए हैं, वहीं 24 की जांच जारी है
* कैंट के बाजारों से हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया है लेकिन आज तक यह नहीं हटे
* गांव बीहटा में एक फर्जी महिला को तसहील में खड़ा कर करोड़ों की जमीन हड़पने की कोशिश हुई, लेकिन मामला पकड़ा गया
* लीज़ लैंड 164-सी व डी को गलत तरीके से अपने नाम करवाया गया

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रोजगार के लिए निजी एजेंसियों का सहारा
सरकार की ओर से बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए रोजगार कार्यालय खोला गया है। यहां पर बेरोजगारों का पंजीकरण किया जाता है और उसके बाद वरिष्ठता के आधार पर ही इन बेरोजगाराें को जॉब के लिए आफर किया जाता है। यहां पर सिर्फ प्राइवेट नौकरी ही मिलती है, जबकि समय-समय पर जॉब फेयर लगाए जाते हैं। सूत्र बताते हैं कि इस कार्यालय पर बेरोजगारों का भरोसा नहीं है। इसी के समानांतर जिला में ऐसी एजेंसियां काम कर रही हैं, जो बिना पंजीकरण के युवाओं को रोजगार के सपने दिखाती हैं। लेकिन यह एजेंसियां जॉब के नाम पर बेरोजगारों से हजारों रुपये भी ऐंठती हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन के पास कुछ भी नहीं है। इतना ही नहीं रोजगार के लिए विदेश जाने वाले बेरोजगारों से भी लाखों की ठगी हो चुकी हैं। मंडल रोजगार अधिकारी पीके गर्ग भी कहते हैं प्राइवेट जॉब की वैकेंसी आती हैं, जबकि निजी प्लेसमेंट एजेंसी रोकने की पावर नहीं है।
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* कैंट के निकलसन रोड स्थित एक एजेंसी ने बेरोजगारों से लाखों रुपये ठगे
* कैंट के ही निकलसन रोड गीता गोपाल चौक के पास एक प्लेसमेंट एजेंसी ने हिमाचल के बेरोजगारों को अंबाला बुलाकर हजारों रुपये झटके और फरार हो गए
* कैंट के महेश नगर स्थित एक ओवरसीज़ कंपनी ने बेरोजगारों को विदेशों में रोजगार का सपना दिखाकर लाखों ठगे
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यह कहते हैं बेरोजगार

रोहित, पंकज, शिवानी, प्रभजोत, सतिंदर सिंह, सुमन का कहना है कि प्लेसमेंट एजेंसी से यदि नौकरी हासिल की, लेकिन पहले रजिस्ट्रेशन करवानी पड़ी। जितने महीने की रजिस्ट्रेशन थी, उसमें तीन या चार बार चांस दिया गया, लेकिन बात नहीं बनी। फिर से उसी एजेंसी में रजिस्ट्रेशन करवाई और नौकरी मिली। लेकिन पहली तनख्वाह का ही आधा हिस्सा एजेंसी खा जाती है। सरकारी रोजगार कार्यालय से जो जॉब आफर आती हैं, उनमें सैलरी कम मिलती है। कई बार तो जॉब आफर के लिए साल भर या इससे अधिक तक इंतजार करना पड़ जाता है।
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