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दस साल में भी नहीं निकल पाया समाधान, ओवरब्रिज के नीचे लगता है जाम
Updated Mon, 20 Aug 2018 12:16 AM IST
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कैंट में ओवरब्रिज के नीचे सवारियां न उतारने और बिठाने के आदेश हवा में, लगा रहता है जाम
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। प्रशासन द्वारा कैंट में रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के सामने बने ओवरब्रिज के नीचे से बसों द्वारा सवारियां उठाने और उतारने पर पाबंदी लगाई गई है। यह व्यवस्था करीब एक दशक से की जा रही है, लेकिन इसका कोई असर नहीं हो रहा है। दिल्ली की ओर जाने वाली बसें कैंट बस स्टैंड से होकर जाती हैं। दिल्ली की ओर जाते ही ओवरब्रिज के नीचे इन बसों की ब्रेक लग जाती है और यहीं पर जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। इसी तरह दिल्ली से पंजाब अथवा चंडीगढ़ की ओर जाने वाली बसें ओवरब्रिज के पास रेलवे स्टेशन के सामने ब्रेक लगा देती हैं, जबकि कई बसें तो बस स्टैंड से निकलते ही ओवरब्रिज के नीचे ब्रेक लगा देती हैं। बसों को बस स्टैंड तक लाने के लिए रोडवेज ने अपने कर्मचारी तैनात किए हैं, जबकि आदेश हैं कि बस स्टैंड से सवारियां उठाने के बाद बसों के दरवाजे बंद करके बाहर भेजी जाएंगी। यही स्थिति सुधारने के लिए हर साल अधिकारी ओवरब्रिज के नीचे ट्रैफिक की स्थिति सुधारने के लिए आदेश जारी करते हैं, नियम बनाते हैं, लेकिन समाधान के नाम पर यह सिर्फ खानापूर्ति है। रोडवेज जहां सिर्फ दावे कर रहा है, वहीं पुलिस का कहना है कि यदि रोडवेज डिमांड करता है तो सुरक्षा के लिए जवान तैनात किए जाएंगे। फिलहाल इस समस्या का समाधान होता दिखाई नहीं दे रहा है।
इस कारण से बिगड़ते हैं हालात
दिल्ली की ओर जाने वाले प्वाइंट और पंजाब जाने वाले प्वाइंट पर सवारियों का जमावड़ा लगा रहता है। सवारियों के लालच में ही यह बसें इन प्वाइंट्स पर ब्रेक लगाती हैं और रास्ता जाम कर देती हैं। एक के बाद एक बस इसी तरह खड़ी रहती है, जिससे आम जनता को अपने वाहन लेकर निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
लोग बोले- चालक बाज नहीं आते तो सवारियों का हटाया जाए
कैंट के रहने वाले दीपक शर्मा, अशोक कुमार, पुष्कर कुमार, अजय करधान का कहना है कि ओवरब्रिज के नीचे तो सवारियों को उतारने और बिठाने के लिए हर समय बसों की ब्रेक लगी दिखती है। यदि बसों के चालक बाज नहीं आते, तो कम से कम इन प्वाइंट्स पर खड़ी सवारियों को हटाया जाए, ताकि रास्ता साफ रहे और बस स्टैंड से बसें मिलें। जो भी अभी तक तो प्रशासन व रोडवेज इस मामले में पूरी तरह से फेल दिखा है।
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बसों को भीतर लाने के लिए रोडवेज ने ओवरब्रिज के नीचे कर्मचारी तैनात किए हैं। इसके अलावा ओवरब्रिज के नीचे से सवारियां उठाने और उतारने पर पाबंदी है। यदि फिर भी यह नहीं मानते, तो रिपोर्ट बनाकर जीएम को भेजी जाएगी, जबकि खुद चेक कर सख्ती करवाता हूं।
- रामरतन, कैंट बस स्टैंड इंचार्ज।
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यदि रोडवेज की ओर से सुरक्षा के लिहाज से जवानों को तैनात करने के लिए कहा जाता है तो ऐसा किया जाएगा। रोडवेज की बसों को ओवरब्रिज के नीचे न रुकने देने की व्यवस्था रोडवेज को करनी है। पुलिस इस कार्रवाई में सुरक्षा के लिए अपना योगदान दे सकती है।
- बलजीत सिंह, डीएसपी, अंबाला कैंट।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। प्रशासन द्वारा कैंट में रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के सामने बने ओवरब्रिज के नीचे से बसों द्वारा सवारियां उठाने और उतारने पर पाबंदी लगाई गई है। यह व्यवस्था करीब एक दशक से की जा रही है, लेकिन इसका कोई असर नहीं हो रहा है। दिल्ली की ओर जाने वाली बसें कैंट बस स्टैंड से होकर जाती हैं। दिल्ली की ओर जाते ही ओवरब्रिज के नीचे इन बसों की ब्रेक लग जाती है और यहीं पर जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। इसी तरह दिल्ली से पंजाब अथवा चंडीगढ़ की ओर जाने वाली बसें ओवरब्रिज के पास रेलवे स्टेशन के सामने ब्रेक लगा देती हैं, जबकि कई बसें तो बस स्टैंड से निकलते ही ओवरब्रिज के नीचे ब्रेक लगा देती हैं। बसों को बस स्टैंड तक लाने के लिए रोडवेज ने अपने कर्मचारी तैनात किए हैं, जबकि आदेश हैं कि बस स्टैंड से सवारियां उठाने के बाद बसों के दरवाजे बंद करके बाहर भेजी जाएंगी। यही स्थिति सुधारने के लिए हर साल अधिकारी ओवरब्रिज के नीचे ट्रैफिक की स्थिति सुधारने के लिए आदेश जारी करते हैं, नियम बनाते हैं, लेकिन समाधान के नाम पर यह सिर्फ खानापूर्ति है। रोडवेज जहां सिर्फ दावे कर रहा है, वहीं पुलिस का कहना है कि यदि रोडवेज डिमांड करता है तो सुरक्षा के लिए जवान तैनात किए जाएंगे। फिलहाल इस समस्या का समाधान होता दिखाई नहीं दे रहा है।
इस कारण से बिगड़ते हैं हालात
दिल्ली की ओर जाने वाले प्वाइंट और पंजाब जाने वाले प्वाइंट पर सवारियों का जमावड़ा लगा रहता है। सवारियों के लालच में ही यह बसें इन प्वाइंट्स पर ब्रेक लगाती हैं और रास्ता जाम कर देती हैं। एक के बाद एक बस इसी तरह खड़ी रहती है, जिससे आम जनता को अपने वाहन लेकर निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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लोग बोले- चालक बाज नहीं आते तो सवारियों का हटाया जाए
कैंट के रहने वाले दीपक शर्मा, अशोक कुमार, पुष्कर कुमार, अजय करधान का कहना है कि ओवरब्रिज के नीचे तो सवारियों को उतारने और बिठाने के लिए हर समय बसों की ब्रेक लगी दिखती है। यदि बसों के चालक बाज नहीं आते, तो कम से कम इन प्वाइंट्स पर खड़ी सवारियों को हटाया जाए, ताकि रास्ता साफ रहे और बस स्टैंड से बसें मिलें। जो भी अभी तक तो प्रशासन व रोडवेज इस मामले में पूरी तरह से फेल दिखा है।
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बसों को भीतर लाने के लिए रोडवेज ने ओवरब्रिज के नीचे कर्मचारी तैनात किए हैं। इसके अलावा ओवरब्रिज के नीचे से सवारियां उठाने और उतारने पर पाबंदी है। यदि फिर भी यह नहीं मानते, तो रिपोर्ट बनाकर जीएम को भेजी जाएगी, जबकि खुद चेक कर सख्ती करवाता हूं।
- रामरतन, कैंट बस स्टैंड इंचार्ज।
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यदि रोडवेज की ओर से सुरक्षा के लिहाज से जवानों को तैनात करने के लिए कहा जाता है तो ऐसा किया जाएगा। रोडवेज की बसों को ओवरब्रिज के नीचे न रुकने देने की व्यवस्था रोडवेज को करनी है। पुलिस इस कार्रवाई में सुरक्षा के लिए अपना योगदान दे सकती है।
- बलजीत सिंह, डीएसपी, अंबाला कैंट।