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- अंबाला कैंट में बनने वाले कैंसर टर्सरी सेंटर का मामला -
Updated Fri, 27 Apr 2018 01:10 AM IST
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एचएलएल लाइफकेयर एक साल में बनाएगी कैंट अस्पताल में कैंसर टर्सरी सेंटर, स्वास्थ्य विभाग करेगा मॉनिटरिंग
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
सिविल अस्पताल में एचएलएल लाइफकेयर नामक कंपनी कैंसर टर्सरी सेंटर का निर्माण करेगी। 29 अप्रैल को इसके लिए टेंडर अलाटमेंट होगी। दिल्ली की यह कंपनी प्रदेश सरकार को करीब एक साल में यह सेंटर बनवाकर देगी, इसके लिए करीब 56 करोड़ रुपये का बजट का प्रावधान किया गया है। विभिन्न चरणों में होने वाले इस निर्माण कार्य की स्वास्थ्य विभाग मॉनीटरिंग करेगा।
यह है योजना
प्रदेश सरकार ने कैंसर मरीजों के लिए कैंसर टर्सरी सेंटर की योजना तैयार की थी। प्रदेश के सरकारी अस्पताल में यह पहला अस्पताल है, जहां पर इस तरह की सुविधा दी जानी है। इसको लेकर जहां जमीन को लेकर कागजी कार्रवाई हुई, वहीं योजना को अब अंतिम रूप दिया गया है। इसको लेकर हिंदुस्तान लाइफ केयर लिमिटेड को इसकी जिम्मेदारी दी गई है, जो अपने स्तर पर इस सेंटर को बनाकर देगी।
कैंसर टर्सरी सेंटर के निर्माण के लिए एचएलएल लाइफकेयर कंपनी द्वारा नक्शा तैयार किया गया है। इस नक्शे के आधार पर सेंटर को अंतिम रूप दिया जाना है। इसके लिए सरकार ने एक साल का समय तय किया है, जबकि इस दौरान विभिन्न चरणों में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से मॉनीटरिंग करेगा। इस पर 56 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। निर्माण कार्य शुरू होने से लेकर मशीनों की इंस्टॉलेशन तक स्वास्थ्य विभाग नजर रखेगा।
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पांच सौ मरीज हैं अंबाला में
जिला अंबाला में कैंसर के मरीजों की संख्या करीब पांच सौ है। अधिकतर मरीज पीजीआई से इलाज करवा रहे हैं, जबकि कई मरीजों को कैंट के रोटरी अस्पताल इलाज दिया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों की मानें तो विभाग द्वारा समुचित प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल योजना के तहत अंबाला में 466 मरीज आशंकित कैंसर के सामने आए हैं। इनमें से 120 व्यक्ति मुंह के कैंसर, 88 महिलाएं स्तन कैंसर, 258 महिलाएं गर्भाश्य के मुंह के कैंसर की आशंकित मरीज पाई गई हैं। इसके अलावा कुछ मरीज रोटरी अस्पताल से भी इलाज करवा रहे हैं।
कैंसर टर्सरी सेंटर के लिए एचएलएल लाइफकेयर कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। यह कंपनी एक साल में कैंसर टर्सरी सेंटर बनाकर देगी। सारी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने भी ओके किया है। निर्माण कार्य के दौरान स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से मॉनीटरिंग करेगा। - डॉ. विनोद गुप्ता, सीएमओ अंबाला
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
सिविल अस्पताल में एचएलएल लाइफकेयर नामक कंपनी कैंसर टर्सरी सेंटर का निर्माण करेगी। 29 अप्रैल को इसके लिए टेंडर अलाटमेंट होगी। दिल्ली की यह कंपनी प्रदेश सरकार को करीब एक साल में यह सेंटर बनवाकर देगी, इसके लिए करीब 56 करोड़ रुपये का बजट का प्रावधान किया गया है। विभिन्न चरणों में होने वाले इस निर्माण कार्य की स्वास्थ्य विभाग मॉनीटरिंग करेगा।
यह है योजना
प्रदेश सरकार ने कैंसर मरीजों के लिए कैंसर टर्सरी सेंटर की योजना तैयार की थी। प्रदेश के सरकारी अस्पताल में यह पहला अस्पताल है, जहां पर इस तरह की सुविधा दी जानी है। इसको लेकर जहां जमीन को लेकर कागजी कार्रवाई हुई, वहीं योजना को अब अंतिम रूप दिया गया है। इसको लेकर हिंदुस्तान लाइफ केयर लिमिटेड को इसकी जिम्मेदारी दी गई है, जो अपने स्तर पर इस सेंटर को बनाकर देगी।
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कैंसर टर्सरी सेंटर के निर्माण के लिए एचएलएल लाइफकेयर कंपनी द्वारा नक्शा तैयार किया गया है। इस नक्शे के आधार पर सेंटर को अंतिम रूप दिया जाना है। इसके लिए सरकार ने एक साल का समय तय किया है, जबकि इस दौरान विभिन्न चरणों में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से मॉनीटरिंग करेगा। इस पर 56 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। निर्माण कार्य शुरू होने से लेकर मशीनों की इंस्टॉलेशन तक स्वास्थ्य विभाग नजर रखेगा।
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पांच सौ मरीज हैं अंबाला में
जिला अंबाला में कैंसर के मरीजों की संख्या करीब पांच सौ है। अधिकतर मरीज पीजीआई से इलाज करवा रहे हैं, जबकि कई मरीजों को कैंट के रोटरी अस्पताल इलाज दिया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों की मानें तो विभाग द्वारा समुचित प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल योजना के तहत अंबाला में 466 मरीज आशंकित कैंसर के सामने आए हैं। इनमें से 120 व्यक्ति मुंह के कैंसर, 88 महिलाएं स्तन कैंसर, 258 महिलाएं गर्भाश्य के मुंह के कैंसर की आशंकित मरीज पाई गई हैं। इसके अलावा कुछ मरीज रोटरी अस्पताल से भी इलाज करवा रहे हैं।
कैंसर टर्सरी सेंटर के लिए एचएलएल लाइफकेयर कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। यह कंपनी एक साल में कैंसर टर्सरी सेंटर बनाकर देगी। सारी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने भी ओके किया है। निर्माण कार्य के दौरान स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से मॉनीटरिंग करेगा। - डॉ. विनोद गुप्ता, सीएमओ अंबाला