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- स्टेट क्राइम ब्रांच के छापे में बच्चों के हाथ नशा सप्लाई की जड़ पकड़ी
Updated Thu, 06 Jul 2017 12:48 AM IST
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पंचर बनाने वाली ट्यूब से नशा कर भीख मांग रहे बच्चे
अंबाला कैंट।
स्टेट क्राइम ब्रांच टीम ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी अंबाला के साथ मिलकर दोपहर कैंट बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत छापेमारी की। छापे के दौरान स्टेशन से कई ऐसे बच्चों को पकड़ा गया जोकि नशा करके स्टेशन और ट्रेनों में भीख मांगते थे। ऐसे बच्चों को टीम ने अपने कब्जे में लिया। पूछताछ की तो पता चला कि बच्चे साइकिल में पंचर लगाने वाली ट्यूब से नशा करते थे जोकि उन्हें दस से लेकर 30 रुपये तक में मिलती थी। पता चला कि रेलवे कॉलोनी और बस स्टैंड के पास दुकानों से बच्चे यह ट्यूब खरीदते हैं। टीम ने दोनों दुकानों पर पूरा जाल बिछाकर बच्चों को ट्यूब लेने के लिए भेजा। एक दुकानदार बच निकला मगर दूसरे दुकानदार से दर्जनों ट्यूब मिली। मौके पर ही पड़ाव पुलिस को बुलाकर सामान जब्त किया गया। टीम ने अब मामले की जानकार डीसी और एसपी को देकर केस दर्ज करने की सिफारिश की है।
कपड़े में ट्यूब लगाकर करते थे नशा
स्टेट क्राइम ब्रांच टीम में शामिल एएसआई राजेश और अन्य के अलावा चाइल्ड वेलफेयर कमेटी अंबाला द्वारा संयुक्त रूप से छापेमारी की गई। दोपहर स्टेशन पर चार बच्चों को पकड़ा गया जोकि भीख मांग रहे थे। मगर इन बच्चों की हालत टीम को अजीब लगी। छानबीन करने पर पता चला कि बच्चों ने ट्यूब से नशा किया था। पकड़े गए एक किशोर ने टीम को बताया कि पंचर लगाने वाली ट्यूब को वह कपड़े में लगाकर सूंघते हैं फिर मुंह से हवा अंदर खींच नशा करते हैं। रेलवे स्टेशन के पास रेलवे कॉलोनी स्थित दुकान और बस स्टैंड के पास एक दुकान से यह ट्यूब भीख मांगने वाले बच्चों को नशा करने के लिए दी जाती है।
एक दुकान पर खाली गया दांव
दुकानों में छापेमारी के लिए टीम ने किशोर को पैसे दिए और उस नोट की फोटो और नंबर नोट किए। इसके बाद किशोर को विश्वास में लेने के बाद टीम के महिला और पुरुष सदस्य बच्चे के इर्द-गिर्द घूमते रहे। पहले रेलवे कॉलोनी स्थित दुकान में किशोर को भेजा गया। यहां दुकान पर जैसे ही ट्यूब लेने के लिए किशोर दाखिल हुआ तो जाल बिछाकर पहले से ही बैठी टीम ने एकदम छापा मारा दिया। पूरी दुकान की तलाशी ली गई। मगर टीम को सामान नहीं मिला। दुकानदार ने पहले माना कि उसके पास कुछ दिनों पहले तक ट्यूब थी। मगर अब वह ट्यूब नहीं बेचता। टीम के हाथ दुकान से कुछ नहीं लगा और यहां दांव खाली गया। इस वजह से वह बैरंग लौटे।
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दूसरी दुकान में ट्यूब का भंडार मिला
इसके बाद फिर किशोर को पैसे देकर बस स्टैंड के पास दुकान पर बेचा गया। यहां पर टीम को दो नन्हें बच्चे और मिले जो ट्यूब लेकर दुकान से बाहर निकल रहे थे। टीम ने दोनों बच्चों को पकड़ लिया। इसके उपरांत जैसे ही ट्यूब खरीदने के लिए किशोर दुकान में दाखिल हुआ तो टीम ने छापा मारा दिया। इस दौरान दुकान मालिक गुलशन कुमार मौके पर मौजूद नहीं था। उन्हें तुरंत दुकान पर बुलाया गया। इसी बीच सूचना मिलते ही पड़ाव चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। दुकान मालिक व स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में टीम को एक दर्जन से ज्यादा पंचर लगाने वाली ट्यूब मिली। किशोर ने बताया कि वह यहीं से ट्यूब लेकर इससे नशा करते हैं। दुकान से टीम ने ट्यूब बरामद की जिन्हें पड़ाव पुलिस के सुपुर्द किया गया है। छापे के दौरान कुल सात बच्चे टीम ने कब्जे में लिए जिन्हें अब पुनर्वास केंद्र भेजा जाएगा।
हमें काफी दिनों से सूचना थी कि स्टेशन पर बच्चे नशा करके भीख मांगते हैं। वह पंचर लगाने वाली ट्यूूब से नशा करते थे जिससे उनका स्वास्थ्य तो खराब हो रहा था साथ ही उनका जीवन भी खतरे में था। सात बच्चों को कब्जे में लिया गया है जिनकी अब काउंसिलिंग की जाएगी। बच्चों को ट्यूब बेचने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने की सिफारिश की जाएगी।
गुरदेव सिंह मंडेर, सदस्य,
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, अंबाला।
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अंबाला कैंट।
स्टेट क्राइम ब्रांच टीम ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी अंबाला के साथ मिलकर दोपहर कैंट बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत छापेमारी की। छापे के दौरान स्टेशन से कई ऐसे बच्चों को पकड़ा गया जोकि नशा करके स्टेशन और ट्रेनों में भीख मांगते थे। ऐसे बच्चों को टीम ने अपने कब्जे में लिया। पूछताछ की तो पता चला कि बच्चे साइकिल में पंचर लगाने वाली ट्यूब से नशा करते थे जोकि उन्हें दस से लेकर 30 रुपये तक में मिलती थी। पता चला कि रेलवे कॉलोनी और बस स्टैंड के पास दुकानों से बच्चे यह ट्यूब खरीदते हैं। टीम ने दोनों दुकानों पर पूरा जाल बिछाकर बच्चों को ट्यूब लेने के लिए भेजा। एक दुकानदार बच निकला मगर दूसरे दुकानदार से दर्जनों ट्यूब मिली। मौके पर ही पड़ाव पुलिस को बुलाकर सामान जब्त किया गया। टीम ने अब मामले की जानकार डीसी और एसपी को देकर केस दर्ज करने की सिफारिश की है।
कपड़े में ट्यूब लगाकर करते थे नशा
स्टेट क्राइम ब्रांच टीम में शामिल एएसआई राजेश और अन्य के अलावा चाइल्ड वेलफेयर कमेटी अंबाला द्वारा संयुक्त रूप से छापेमारी की गई। दोपहर स्टेशन पर चार बच्चों को पकड़ा गया जोकि भीख मांग रहे थे। मगर इन बच्चों की हालत टीम को अजीब लगी। छानबीन करने पर पता चला कि बच्चों ने ट्यूब से नशा किया था। पकड़े गए एक किशोर ने टीम को बताया कि पंचर लगाने वाली ट्यूब को वह कपड़े में लगाकर सूंघते हैं फिर मुंह से हवा अंदर खींच नशा करते हैं। रेलवे स्टेशन के पास रेलवे कॉलोनी स्थित दुकान और बस स्टैंड के पास एक दुकान से यह ट्यूब भीख मांगने वाले बच्चों को नशा करने के लिए दी जाती है।
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एक दुकान पर खाली गया दांव
दुकानों में छापेमारी के लिए टीम ने किशोर को पैसे दिए और उस नोट की फोटो और नंबर नोट किए। इसके बाद किशोर को विश्वास में लेने के बाद टीम के महिला और पुरुष सदस्य बच्चे के इर्द-गिर्द घूमते रहे। पहले रेलवे कॉलोनी स्थित दुकान में किशोर को भेजा गया। यहां दुकान पर जैसे ही ट्यूब लेने के लिए किशोर दाखिल हुआ तो जाल बिछाकर पहले से ही बैठी टीम ने एकदम छापा मारा दिया। पूरी दुकान की तलाशी ली गई। मगर टीम को सामान नहीं मिला। दुकानदार ने पहले माना कि उसके पास कुछ दिनों पहले तक ट्यूब थी। मगर अब वह ट्यूब नहीं बेचता। टीम के हाथ दुकान से कुछ नहीं लगा और यहां दांव खाली गया। इस वजह से वह बैरंग लौटे।
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दूसरी दुकान में ट्यूब का भंडार मिला
इसके बाद फिर किशोर को पैसे देकर बस स्टैंड के पास दुकान पर बेचा गया। यहां पर टीम को दो नन्हें बच्चे और मिले जो ट्यूब लेकर दुकान से बाहर निकल रहे थे। टीम ने दोनों बच्चों को पकड़ लिया। इसके उपरांत जैसे ही ट्यूब खरीदने के लिए किशोर दुकान में दाखिल हुआ तो टीम ने छापा मारा दिया। इस दौरान दुकान मालिक गुलशन कुमार मौके पर मौजूद नहीं था। उन्हें तुरंत दुकान पर बुलाया गया। इसी बीच सूचना मिलते ही पड़ाव चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। दुकान मालिक व स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में टीम को एक दर्जन से ज्यादा पंचर लगाने वाली ट्यूब मिली। किशोर ने बताया कि वह यहीं से ट्यूब लेकर इससे नशा करते हैं। दुकान से टीम ने ट्यूब बरामद की जिन्हें पड़ाव पुलिस के सुपुर्द किया गया है। छापे के दौरान कुल सात बच्चे टीम ने कब्जे में लिए जिन्हें अब पुनर्वास केंद्र भेजा जाएगा।
हमें काफी दिनों से सूचना थी कि स्टेशन पर बच्चे नशा करके भीख मांगते हैं। वह पंचर लगाने वाली ट्यूूब से नशा करते थे जिससे उनका स्वास्थ्य तो खराब हो रहा था साथ ही उनका जीवन भी खतरे में था। सात बच्चों को कब्जे में लिया गया है जिनकी अब काउंसिलिंग की जाएगी। बच्चों को ट्यूब बेचने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने की सिफारिश की जाएगी।
गुरदेव सिंह मंडेर, सदस्य,
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी, अंबाला।