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आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर परिजनों ने दिया धरना, पुलिस ने एसआईटी गठित की
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:54 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
शहजादपुर। चरणजीत (26) की मौत के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर परिजनों ने सोमवार को लघु सचिवालय नारायणगढ़ के समक्ष धरना दिया। उधर, पुलिस ने इस मामले में एसआईटी का गठन कर मामले की जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजनों ने धरना समाप्त किया। इसी को लेकर जहां पहले चंडीमंदिर थाने में केस दर्ज किया गया था, वहीं इसकी जांच शहजादपुर थाना को भी सौंपी गई थी। उधर, परिजनों का सीधा आरोप है कि पुलिस इस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।
यह है मामला
मृतक चरणजीत के पिता बीरू राम ने बताया कि 20 मई को वह अपने काम पर गया हुआ था। जब काम से वापस घर पहुंचा तो उसकी पत्नी सोमी देवी ने बताया कि एक कार में चार लड़के रमन कुमार, योगेश, शुभम व धरमु निवासी शहजादपुर उनकी आटा चक्की पर आए और चरणजीत को जबरदस्ती कार में बैठाकर ले गए। उन्होंने बताया कि 20 मई को शाम 6 बजे उन्हें सूचना मिली कि उनका पुत्र चरणजीत पंचकूला के सेक्टर 6 के सरकारी अस्पताल में दाखिल है। सूचना मिलते ही बीरू राम पंचकूला के सरकारी अस्पताल में पहुंचे जहां डॉक्टरों ने बताया कि चरणजीत का शव मोर्चरी में है। उनकी शिकायत पर थाना चंडीमंदिर में चारों युवकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया और पुलिस अधिकारियों द्वारा इस मामले की तफतीश थाना शहजादपुर को दे दी गई।
मामले को दबाने का प्रयास कर रही पुलिस
चरणजीत के पिता का आरोप है कि इस मामले में थाना प्रभारी शहजादुपर द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। यहां तक कि मृतक का मोबाईल फोन, कपड़े व पर्स भी परिजनों को नहीं सौंपा गया। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसे देखते हुए उन्होंने 18 जून को मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार को शिकायत दी लेकिन पुलिस द्वारा फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा मामले में कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से परेशान होकर उन्होंने चारों आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों सहित लघु सचिवालय नारायणगढ़ के सामने धरना दिया।
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इस मामले में पुलिस कोई लापरवाही नहीं बरत रही है, जबकि मृतक के परिजनों को अपने कार्यालय में बुलाया गया। इस मामले में एसआईटी का गठन कर पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी।
- अमित भाटिया, डीएसपी
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शहजादपुर। चरणजीत (26) की मौत के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर परिजनों ने सोमवार को लघु सचिवालय नारायणगढ़ के समक्ष धरना दिया। उधर, पुलिस ने इस मामले में एसआईटी का गठन कर मामले की जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजनों ने धरना समाप्त किया। इसी को लेकर जहां पहले चंडीमंदिर थाने में केस दर्ज किया गया था, वहीं इसकी जांच शहजादपुर थाना को भी सौंपी गई थी। उधर, परिजनों का सीधा आरोप है कि पुलिस इस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।
यह है मामला
मृतक चरणजीत के पिता बीरू राम ने बताया कि 20 मई को वह अपने काम पर गया हुआ था। जब काम से वापस घर पहुंचा तो उसकी पत्नी सोमी देवी ने बताया कि एक कार में चार लड़के रमन कुमार, योगेश, शुभम व धरमु निवासी शहजादपुर उनकी आटा चक्की पर आए और चरणजीत को जबरदस्ती कार में बैठाकर ले गए। उन्होंने बताया कि 20 मई को शाम 6 बजे उन्हें सूचना मिली कि उनका पुत्र चरणजीत पंचकूला के सेक्टर 6 के सरकारी अस्पताल में दाखिल है। सूचना मिलते ही बीरू राम पंचकूला के सरकारी अस्पताल में पहुंचे जहां डॉक्टरों ने बताया कि चरणजीत का शव मोर्चरी में है। उनकी शिकायत पर थाना चंडीमंदिर में चारों युवकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया और पुलिस अधिकारियों द्वारा इस मामले की तफतीश थाना शहजादपुर को दे दी गई।
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मामले को दबाने का प्रयास कर रही पुलिस
चरणजीत के पिता का आरोप है कि इस मामले में थाना प्रभारी शहजादुपर द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। यहां तक कि मृतक का मोबाईल फोन, कपड़े व पर्स भी परिजनों को नहीं सौंपा गया। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसे देखते हुए उन्होंने 18 जून को मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार को शिकायत दी लेकिन पुलिस द्वारा फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा मामले में कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से परेशान होकर उन्होंने चारों आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों सहित लघु सचिवालय नारायणगढ़ के सामने धरना दिया।
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इस मामले में पुलिस कोई लापरवाही नहीं बरत रही है, जबकि मृतक के परिजनों को अपने कार्यालय में बुलाया गया। इस मामले में एसआईटी का गठन कर पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी।
- अमित भाटिया, डीएसपी