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बार-बार तारीख मिलने से किसान को आया गुस्सा, कहा- वी आर स्टूपिट
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बार-बार तारीख मिलने से सरपंच को आया गुस्सा, कहा-आर वी स्टुपिड...
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। अक्टूबर में हुई बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई हजारों एकड़ की फसल के मुआवजे के स्थान पर बार-बार तारीख मिलने से किसान खफा है। उन्होंने मंगलवार को नई अनाज मंडी में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस बीच गुस्से में गांव लखनौर साहिब के सरपंच ने संबोधन में यहां तक कह दिया, आर वी स्टुपिड... जिसे बाद में अन्य किसानों ने शांत करवाया। हालांकि, इस दौरान सीटीएम सुशील कुमार, डीएसपी अजीत, सिटी थाना एसएचओ अजीत, सदर थाना एसएचओ मेहर सिंह भारी पुलिस बल समेत वहां मौजूद रहे।
चार माह के भीतर बार-बार धरना देने के बावजूद भी किसानों को मुआवजा देने की बजाय तारीख दी जा रही है। करीब एक माह पहले भी प्रशासन ने 20 जनवरी को मुआवजा देने की बात कही थी, लेकिन किसानों ने 22 जनवरी तक अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर उनके खातों में मुआवजा राशि नहीं आई तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे। इसी चेतावनी के चलते मंगलवार को किसान भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चडूनी व जिलाअध्यक्ष मलकीत सिंह के नेतृत्व में शहर की नई अनाज मंडी में इकट्ठे हुए। किसान नेताओं ने कहा कि अक्तूबर में बारिश के कारण किसानों की जिले भर में कई गांवों की हजारों एकड़ धान की फसल खराब हो गई थी। इसका मुआवजा अब तक किसानों के खातों में नहीं पहुंचा। अंबाला प्रशासन व सरकार लगातार किसानों के साथ मजाक कर रही है। अधिकारी महीनों से उन्हें झूठे आश्वासन दे रहे हैं।
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नहीं मानी एडीसी की बात
मंगलवार को किसानों के धरने के बीच नई अनाज मंडी में किसानों की बात सुनने के लिए सीटीएम सुशील कुमार मौके पर पहुंचे, जहां सीटीएम ने किसानों से 15 दिन का समय मांगा तो किसानों ने सीधे तौर पर उनसे यह कह दिया कि हमें मुआवजा आज ही चाहिए। इसके बाद एडीसी शक्ति सिंह ने भी धरना स्थल पर पहुंच किसानों से 15 दिन का समय मांगा, लेकिन उन्हें भी बेरंग लौटना पड़ा। इसके बाद संबोधित करते हुए शहर के निकटवर्ती गांव लखनौर साहिब के सरपंच इंद्रपाल ने गुस्से में आकर यह तक कह दिया कि प्रशासन बार-बार झूठे आश्वासन दे रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पास 32 एकड़ जमीन है, जिसमें से 8 एकड़ जमीन की उन्हें मुआवजा राशि भी मिलनी थी। उन्होंने 9800 रुपये प्रीमियम के भी भरे, लेकिन उनके खाते में मुआवजा राशि का एक रुपया भी नहीं आया। इस दौरान गुस्से में आकर सरपंच इंद्रपाल ने कहा कि प्रशसन बार-बार आश्वासन दे रहा है और समय मांग रहा है ऐसा क्यों, वी आर स्टूपिट...।
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डीसी ने मांगा 15 से 20 दिन का समय, किसानों ने दिया अल्टीमेटम
नई अनाज मंडी में धरना दे रहे किसान दोपहर तक डीसी के आने का इंतजार करते रहेे, लेकिन दोपहर करीब डेढ़ बजे तक डीसी के धरनास्थल पर न पहुंचने पर किसान इकट्ठे होकर डीसी कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद शाम करीब 5 बजे डीसी शरणदीप कौर बराड़ किसानों से मिलीं। डीसी ने किसानों को कहा कि किसान 15 से 20 दिन का समय दें, जल्द ही सभी किसानों के खातों में राशि डलवा दी जाएगी। इसके बाद किसानों ने डीसी को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर 11 फरवरी तक उनके खातों में मुआवजा राशि नहीं आती तो वह फिर से धरना प्रदर्शन करेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। अक्टूबर में हुई बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई हजारों एकड़ की फसल के मुआवजे के स्थान पर बार-बार तारीख मिलने से किसान खफा है। उन्होंने मंगलवार को नई अनाज मंडी में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस बीच गुस्से में गांव लखनौर साहिब के सरपंच ने संबोधन में यहां तक कह दिया, आर वी स्टुपिड... जिसे बाद में अन्य किसानों ने शांत करवाया। हालांकि, इस दौरान सीटीएम सुशील कुमार, डीएसपी अजीत, सिटी थाना एसएचओ अजीत, सदर थाना एसएचओ मेहर सिंह भारी पुलिस बल समेत वहां मौजूद रहे।
चार माह के भीतर बार-बार धरना देने के बावजूद भी किसानों को मुआवजा देने की बजाय तारीख दी जा रही है। करीब एक माह पहले भी प्रशासन ने 20 जनवरी को मुआवजा देने की बात कही थी, लेकिन किसानों ने 22 जनवरी तक अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर उनके खातों में मुआवजा राशि नहीं आई तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे। इसी चेतावनी के चलते मंगलवार को किसान भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चडूनी व जिलाअध्यक्ष मलकीत सिंह के नेतृत्व में शहर की नई अनाज मंडी में इकट्ठे हुए। किसान नेताओं ने कहा कि अक्तूबर में बारिश के कारण किसानों की जिले भर में कई गांवों की हजारों एकड़ धान की फसल खराब हो गई थी। इसका मुआवजा अब तक किसानों के खातों में नहीं पहुंचा। अंबाला प्रशासन व सरकार लगातार किसानों के साथ मजाक कर रही है। अधिकारी महीनों से उन्हें झूठे आश्वासन दे रहे हैं।
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नहीं मानी एडीसी की बात
मंगलवार को किसानों के धरने के बीच नई अनाज मंडी में किसानों की बात सुनने के लिए सीटीएम सुशील कुमार मौके पर पहुंचे, जहां सीटीएम ने किसानों से 15 दिन का समय मांगा तो किसानों ने सीधे तौर पर उनसे यह कह दिया कि हमें मुआवजा आज ही चाहिए। इसके बाद एडीसी शक्ति सिंह ने भी धरना स्थल पर पहुंच किसानों से 15 दिन का समय मांगा, लेकिन उन्हें भी बेरंग लौटना पड़ा। इसके बाद संबोधित करते हुए शहर के निकटवर्ती गांव लखनौर साहिब के सरपंच इंद्रपाल ने गुस्से में आकर यह तक कह दिया कि प्रशासन बार-बार झूठे आश्वासन दे रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पास 32 एकड़ जमीन है, जिसमें से 8 एकड़ जमीन की उन्हें मुआवजा राशि भी मिलनी थी। उन्होंने 9800 रुपये प्रीमियम के भी भरे, लेकिन उनके खाते में मुआवजा राशि का एक रुपया भी नहीं आया। इस दौरान गुस्से में आकर सरपंच इंद्रपाल ने कहा कि प्रशसन बार-बार आश्वासन दे रहा है और समय मांग रहा है ऐसा क्यों, वी आर स्टूपिट...।
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डीसी ने मांगा 15 से 20 दिन का समय, किसानों ने दिया अल्टीमेटम
नई अनाज मंडी में धरना दे रहे किसान दोपहर तक डीसी के आने का इंतजार करते रहेे, लेकिन दोपहर करीब डेढ़ बजे तक डीसी के धरनास्थल पर न पहुंचने पर किसान इकट्ठे होकर डीसी कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद शाम करीब 5 बजे डीसी शरणदीप कौर बराड़ किसानों से मिलीं। डीसी ने किसानों को कहा कि किसान 15 से 20 दिन का समय दें, जल्द ही सभी किसानों के खातों में राशि डलवा दी जाएगी। इसके बाद किसानों ने डीसी को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर 11 फरवरी तक उनके खातों में मुआवजा राशि नहीं आती तो वह फिर से धरना प्रदर्शन करेंगे।