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दिवाली सिर पर, सिविल में जले का पूर्ण इलाज नहीं, दमकल विभाग के पास कर्मियों की कमी
Updated Sat, 03 Nov 2018 01:16 AM IST
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जले का सिविल अस्पतमाल में पूर्ण इलाज नहीं, दमकल विभाग के पास कर्मियों की कमी
मुनीष कुमार
अंबाला सिटी। दीपावली के नजदीक गली-मोहल्लों में पटाखे बिकने शुरू हो जाते हैं और अक्सर इस वजह से ज्यादातर बच्चे हादसों का शिकार होते हैं, लेकिन यहां आग से झुलसे लोगों के इलाज के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि आग की चपेट में आए व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार दे दिया जाता है।
दरअसल जिला मुख्यालय के नागरिक अस्पतालों में न तो बर्न यूनिट है और न ही जले के इलाज के लिए अन्य कोई व्यवस्था है। इस कारण आग की घटना का शिकार व्यक्ति अंबाला नागरिक अस्पतालों से सीधे पीजीआई ही रेफर किया जाता है। वहीं कुछ लोग निजी अस्पतालों का सहारा लेते हैं। दूसरी ओर सीएमओ संत लाल वर्मा का कहना है कि शहर व छावनी नागरिक अस्पताल में एक-एक बर्न यूनिट है। वहीं दूसरी ओर दमकल विभाग भी कर्मियों की कमी से दिवाली पर दमकल विभाग की परीक्षा होगी।
पीएचसी, सीएचसी में भी साधन नहीं
बता दें कि ग्रामीण अंचल में स्थापित पीएचसी व सीएचसी में भी जले के इलाज के लिए प्रर्याप्त साधन नहीं हैं। इनमें जिले की पीएचसी चौड़मस्तपुर, पीएचसी बिहटा, पीएचसी बराड़ा, पीएचसी समलेहड़ी, पीएचसी नोहनी, पीएचसी नूरपुर, पीएचसी पंजोखरा, पीएचसी नग्गल, पीएचसी बोह, पीएचसी पतरेहड़ी, पीएचसी कुराली, पीएचसी अम्बली व सीएचसी बराड़ा शामिल हैं।
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दमकल विभाग में एक तिहाई कर्मचारी कार्यरत, छुट्टियां रद्द
दमकल विभाग में जिले में इस वक्त अधिकारियों व कर्मचारियों के करीब 141 पद स्वीकृत हैं, जबकि इनमें से केवल एक तिहाई पद पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं लाखों की आबादी वाले शहर में केवल एक दमकल केंद्र है। दिवाली पर आग लगने की घटनाएं अक्सर होती हैं, लेकिन अब की बार दमकल विभाग को ऐसी घटनाओं पर काबू पाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इसकी वजह संसाधनों व कर्मियों की कमी है। बता दें कि जिले में तीन दमकल केंद्र हैं और तीनों में न तो पूरे संसाधन हैं और न ही पर्याप्त कर्मी। वहीं विभाग ने भी 30 अक्तूबर से सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। विभाग की एक-एक गाड़ी शहर हुडा ग्राउंड, छावनी में गांधी ग्राउंड, व नारायणगढ़ में पटाखा स्थल पर खड़ी रहेगी। वहीं बराड़ा खड़ी की गई गाड़ी ही साहा व मुलाना में आग की घटना पर काबू डालेगी। अलबत्ता ऐसे में पटाखा स्थलों के अलावा भीड़भाड़ वाले इलाकों में दमकल की जरूरत ज्यादा रहती है।
वर्जन
शहर व छावनी नागरिक अस्पताल में एक-एक बर्न यूनिट है। दिवाली के मद्देनजर सभी डॉक्टरों को विशेष दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। दोनों नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों की तीनों शिफ्ट में एक-एक डॉक्टर मौजूद रहेगा, और अगर कोई 50 प्रतिशत से ज्यादा जला मरीज होगा उसे पीजीआई रेफर कर दिया जाएगा।
-संत लाल वर्मा, सीएमओ, अंबाला।
वर्जन
दिवाली के मद्देनजर सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। जिले में दमकल विभाग में कर्मियों के साथ-साथ गाड़ियों की भी कमी है। फिलहाल वर्तमान में कार्यरत कर्मियों की ड्यूटियां लगा दी गई हैं ताकि दिवाली पर आग की घटनाओं से समय रहते निपटा जा सके और किसी प्रकार का कोई नुकसान न हो।
-यासिन खान, फायर स्टेशन ऑफिसर, अंबाला।
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मुनीष कुमार
अंबाला सिटी। दीपावली के नजदीक गली-मोहल्लों में पटाखे बिकने शुरू हो जाते हैं और अक्सर इस वजह से ज्यादातर बच्चे हादसों का शिकार होते हैं, लेकिन यहां आग से झुलसे लोगों के इलाज के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि आग की चपेट में आए व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार दे दिया जाता है।
दरअसल जिला मुख्यालय के नागरिक अस्पतालों में न तो बर्न यूनिट है और न ही जले के इलाज के लिए अन्य कोई व्यवस्था है। इस कारण आग की घटना का शिकार व्यक्ति अंबाला नागरिक अस्पतालों से सीधे पीजीआई ही रेफर किया जाता है। वहीं कुछ लोग निजी अस्पतालों का सहारा लेते हैं। दूसरी ओर सीएमओ संत लाल वर्मा का कहना है कि शहर व छावनी नागरिक अस्पताल में एक-एक बर्न यूनिट है। वहीं दूसरी ओर दमकल विभाग भी कर्मियों की कमी से दिवाली पर दमकल विभाग की परीक्षा होगी।
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पीएचसी, सीएचसी में भी साधन नहीं
बता दें कि ग्रामीण अंचल में स्थापित पीएचसी व सीएचसी में भी जले के इलाज के लिए प्रर्याप्त साधन नहीं हैं। इनमें जिले की पीएचसी चौड़मस्तपुर, पीएचसी बिहटा, पीएचसी बराड़ा, पीएचसी समलेहड़ी, पीएचसी नोहनी, पीएचसी नूरपुर, पीएचसी पंजोखरा, पीएचसी नग्गल, पीएचसी बोह, पीएचसी पतरेहड़ी, पीएचसी कुराली, पीएचसी अम्बली व सीएचसी बराड़ा शामिल हैं।
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दमकल विभाग में एक तिहाई कर्मचारी कार्यरत, छुट्टियां रद्द
दमकल विभाग में जिले में इस वक्त अधिकारियों व कर्मचारियों के करीब 141 पद स्वीकृत हैं, जबकि इनमें से केवल एक तिहाई पद पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं लाखों की आबादी वाले शहर में केवल एक दमकल केंद्र है। दिवाली पर आग लगने की घटनाएं अक्सर होती हैं, लेकिन अब की बार दमकल विभाग को ऐसी घटनाओं पर काबू पाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इसकी वजह संसाधनों व कर्मियों की कमी है। बता दें कि जिले में तीन दमकल केंद्र हैं और तीनों में न तो पूरे संसाधन हैं और न ही पर्याप्त कर्मी। वहीं विभाग ने भी 30 अक्तूबर से सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। विभाग की एक-एक गाड़ी शहर हुडा ग्राउंड, छावनी में गांधी ग्राउंड, व नारायणगढ़ में पटाखा स्थल पर खड़ी रहेगी। वहीं बराड़ा खड़ी की गई गाड़ी ही साहा व मुलाना में आग की घटना पर काबू डालेगी। अलबत्ता ऐसे में पटाखा स्थलों के अलावा भीड़भाड़ वाले इलाकों में दमकल की जरूरत ज्यादा रहती है।
वर्जन
शहर व छावनी नागरिक अस्पताल में एक-एक बर्न यूनिट है। दिवाली के मद्देनजर सभी डॉक्टरों को विशेष दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। दोनों नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों की तीनों शिफ्ट में एक-एक डॉक्टर मौजूद रहेगा, और अगर कोई 50 प्रतिशत से ज्यादा जला मरीज होगा उसे पीजीआई रेफर कर दिया जाएगा।
-संत लाल वर्मा, सीएमओ, अंबाला।
वर्जन
दिवाली के मद्देनजर सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। जिले में दमकल विभाग में कर्मियों के साथ-साथ गाड़ियों की भी कमी है। फिलहाल वर्तमान में कार्यरत कर्मियों की ड्यूटियां लगा दी गई हैं ताकि दिवाली पर आग की घटनाओं से समय रहते निपटा जा सके और किसी प्रकार का कोई नुकसान न हो।
-यासिन खान, फायर स्टेशन ऑफिसर, अंबाला।