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सीएम खट्टर बोले- नवंबर मीटिंग से पहले तय करो ड्राफ्ट, सेना से लेंगे जमीन
Updated Wed, 31 Oct 2018 01:39 AM IST
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सीएम बोले- नवंबर मीटिंग से पहले तय करो ड्राफ्ट, सेना से लेंगे जमीन
कृपा इस खबर में मंगलवार माई सिटी अंक के पहले पेज पर लगा बॉटम का ईपीएस लगा लें।
फोटो नंबर : 22
एयरफोर्स स्टेशन में डीसी ने सीएम को किया जमीन हस्तांतरण के मामले में ब्रीफ
सीएम बोले- जमीन के बदले राशि भी दी जा सकती है सेना को
रमिंद्र सिंह
अंबाला कैंट। सैन्य भूमि पर दशकों से बसे हजारों परिवारों को जमीन का मालिकाना हक प्रदान करने की कवायद रंग ला रही है। सीएम मनोहर लाल ने भी अपनी मंजूरी दे दी है। मंगलवार सुबह अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचे सीएम को डीसी शरणदीप कौर बराड़ ने इस मामले में ब्रीफ किया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि नवंबर में सेना की मीटिंग से पहले इसका ड्राफ्ट तैयार करें और जो बेहतर होगा वह किया जाएगा।
सुबह राष्ट्रपति के एयरफोर्स स्टेशन पर आगमन के दौरान यहां पहुंचे सीएम को डीसी ने बताया कि दशकों से हजारों परिवार दुधला मंडी, गुलाब मंडी, हिम्मतपुरा, माली परेड आदि स्थानों पर बसे हुए हैं। यहां के निवासियों को न मकान बनाने की इजाजत है, न ही जमीन उनके नाम है। लीज भूमि पर वह खेती कर जीवन यापन कर रहे हैं। डीसी ने बताया कि सैन्य अधिकारियों के साथ मिलकर प्रपोजल तैयार किया गया है जिस पर सेना ने राज्य सरकार से इन क्षेत्रों की 261 एकड़ जमीन के बदले अन्य जमीन मांगी है या फिर जमीन का जो केएलपी (की लोकेशन प्लान) मूल्य है, वह मांगा है। दोनों ऑप्शन सेना द्वारा राज्य सरकार को दिए गए हैं। इस पर सीएम ने डीसी को मामले में सकारात्मक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि यहां के निवासी राज्य सरकार के अधीन आते हैं और उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार का फर्ज है। सीएम ने नवंबर में सेना के साथ होने वाली मीटिंग से पहले इस मामले में कार्य योजना तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकार सेना से जमीन लेकर उसका मूल्य दे सकती है। आसपास क्षेत्रों की भूमि मूल्य के हिसाब से उस क्षेत्र का मूल्य तय कर बताया जाए कि इस भूमि का कितना मूल्य होगा। इसके अलावा यदि राज्य सरकार के पास 261 एकड़ अन्य स्थान पर जमीन है तो इस प्लान भी विचार किया जाए।
यह है मामला
दुधला मंडी, गुलाब मंडी, माली परेड आदि स्थानों पर सेना की लीज भूमि पर कई परिवार दशकों से बसे हैं। सेना व कैंटोनमेंट बोर्ड इसे कब्जा मानते हुए यह भूमि खाली कराना चाहती है। अब तक काफी भूमि खाली भी करवाई जा चुकी है, मगर मंत्री विज ने गत दिनों खड़गा कोर कमांडर व प्रशासन के साथ संयुक्त मीटिंग में इस मामले को उठाया था जिसके बाद सेना यह भूमि राज्य सरकार को देने के लिए राजी हुई थी, मगर सेना ने इन क्षेत्रों की 261 एकड़ भूमि के बदले अन्य स्थान पर भूमि या फिर भूमि के बदले जो केएलपी (की लोकेशन प्लान) मूल्य है, वह मांगा था।
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कोट्स
परिवारों के घरों को बचाने के लिए सीएम मनोहर लाल से एयरफोर्स स्टेशन में बातचीत हुई जिसमें उन्होंने सकारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम ने सेना द्वारा दिए दोनों ऑप्शन पर विचार करने को कहा है। जो ऑप्शन बेहतर होगा वह अमल में लाया जाएगा।
-अनिल विज, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री, हरियाणा।
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सीएम ने सकारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश डीसी को दिए हैं। सीएम ने यह भी कहा कि भूमि के बदले सरकार राशि भी सेना को दे सकती है। फिलहाल अभी डीसी को मामले में कार्रवाई करने के निर्देश सीएम द्वारा दिए गए हैं।
-अजय बवेजा, उपाध्यक्ष, कैंटोनमेंट बोर्ड, अंबाला।
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फोटो नंबर : 22
एयरफोर्स स्टेशन में डीसी ने सीएम को किया जमीन हस्तांतरण के मामले में ब्रीफ
सीएम बोले- जमीन के बदले राशि भी दी जा सकती है सेना को
रमिंद्र सिंह
अंबाला कैंट। सैन्य भूमि पर दशकों से बसे हजारों परिवारों को जमीन का मालिकाना हक प्रदान करने की कवायद रंग ला रही है। सीएम मनोहर लाल ने भी अपनी मंजूरी दे दी है। मंगलवार सुबह अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचे सीएम को डीसी शरणदीप कौर बराड़ ने इस मामले में ब्रीफ किया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि नवंबर में सेना की मीटिंग से पहले इसका ड्राफ्ट तैयार करें और जो बेहतर होगा वह किया जाएगा।
सुबह राष्ट्रपति के एयरफोर्स स्टेशन पर आगमन के दौरान यहां पहुंचे सीएम को डीसी ने बताया कि दशकों से हजारों परिवार दुधला मंडी, गुलाब मंडी, हिम्मतपुरा, माली परेड आदि स्थानों पर बसे हुए हैं। यहां के निवासियों को न मकान बनाने की इजाजत है, न ही जमीन उनके नाम है। लीज भूमि पर वह खेती कर जीवन यापन कर रहे हैं। डीसी ने बताया कि सैन्य अधिकारियों के साथ मिलकर प्रपोजल तैयार किया गया है जिस पर सेना ने राज्य सरकार से इन क्षेत्रों की 261 एकड़ जमीन के बदले अन्य जमीन मांगी है या फिर जमीन का जो केएलपी (की लोकेशन प्लान) मूल्य है, वह मांगा है। दोनों ऑप्शन सेना द्वारा राज्य सरकार को दिए गए हैं। इस पर सीएम ने डीसी को मामले में सकारात्मक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि यहां के निवासी राज्य सरकार के अधीन आते हैं और उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार का फर्ज है। सीएम ने नवंबर में सेना के साथ होने वाली मीटिंग से पहले इस मामले में कार्य योजना तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकार सेना से जमीन लेकर उसका मूल्य दे सकती है। आसपास क्षेत्रों की भूमि मूल्य के हिसाब से उस क्षेत्र का मूल्य तय कर बताया जाए कि इस भूमि का कितना मूल्य होगा। इसके अलावा यदि राज्य सरकार के पास 261 एकड़ अन्य स्थान पर जमीन है तो इस प्लान भी विचार किया जाए।
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यह है मामला
दुधला मंडी, गुलाब मंडी, माली परेड आदि स्थानों पर सेना की लीज भूमि पर कई परिवार दशकों से बसे हैं। सेना व कैंटोनमेंट बोर्ड इसे कब्जा मानते हुए यह भूमि खाली कराना चाहती है। अब तक काफी भूमि खाली भी करवाई जा चुकी है, मगर मंत्री विज ने गत दिनों खड़गा कोर कमांडर व प्रशासन के साथ संयुक्त मीटिंग में इस मामले को उठाया था जिसके बाद सेना यह भूमि राज्य सरकार को देने के लिए राजी हुई थी, मगर सेना ने इन क्षेत्रों की 261 एकड़ भूमि के बदले अन्य स्थान पर भूमि या फिर भूमि के बदले जो केएलपी (की लोकेशन प्लान) मूल्य है, वह मांगा था।
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परिवारों के घरों को बचाने के लिए सीएम मनोहर लाल से एयरफोर्स स्टेशन में बातचीत हुई जिसमें उन्होंने सकारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम ने सेना द्वारा दिए दोनों ऑप्शन पर विचार करने को कहा है। जो ऑप्शन बेहतर होगा वह अमल में लाया जाएगा।
-अनिल विज, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री, हरियाणा।
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सीएम ने सकारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश डीसी को दिए हैं। सीएम ने यह भी कहा कि भूमि के बदले सरकार राशि भी सेना को दे सकती है। फिलहाल अभी डीसी को मामले में कार्रवाई करने के निर्देश सीएम द्वारा दिए गए हैं।
-अजय बवेजा, उपाध्यक्ष, कैंटोनमेंट बोर्ड, अंबाला।