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पश्चिमी विक्षोभ ने किसानों को रुलाया, ट्विन सिटी की सड़कें लबालब, घरों में घुसा पानी, ओलों ने किया नुकसान

Fri, 12 Oct 2018 01:00 AM IST
Updated Fri, 12 Oct 2018 01:00 AM IST
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पश्चिमी विक्षोभ ने किसानों को रुलाया, ट्विन सिटी की सड़कें लबालब, घरों में घुसा पानी, ओलों ने किया नुकसान
पश्चिमी विक्षोभ ने किसानों को रुलाया, ट्विन सिटी की सड़कें लबालब, घरों में घुसा पानी, ओलों ने किया नुकसान
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फोटो समेत
जिले में हुई 34 एमएम बारिश ने ही लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया
किसानों की धान की फसल बर्बाद, चारा भी हुआ खराब, आलू व सब्जी उत्पादकों पर भी असर
मौसम विभाग की चेतावनी, कुछ दिन बाद फिर से हो सकती है बारिश
कॉलोनियों में भरा पानी घरों और दुकानों में घुसा
मंडियों में भीगता रहा धान, नेताओं ने शुरू की बयानबाजी
डीसी ने किया प्रभावित गांवों का दौरा, मुलाना में विधायक ने लिया खराब फसलों का जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला। एक बार फिर से आसमान से किसानों के लिए आफत बरसी। अलसुबह तीन बजे तेज बारिश के साथ गिरे ओलों ने किसानों की नींद उड़ा दी। बारिश और ओलों से जहां खेतों में पकी हुई धान की फसल पूरी तरह बिछ गई, वहीं सब्जी उत्पादकों को भी काफी नुकसान हुआ है। मंडियों में भी खुले में पड़ी धान की बोरियां पानी में डूब गईं। खराब हुई फसलों का डीसी शरणदीप कौर बराड़ ने जायजा लिया और पटवारियों को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। वहीं मुलाना की विधायक संतोष चौहान सारवान ने भी खेतों में फसलों की स्थिति को देखा। अंबाला सिटी में किसानों ने मुआवजे के लिए अंबाला-कैथल हाईवे तीन घंटे तक जाम रखा। बारिश के कारण बराड़ा में उखड़ी हुई सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ (डब्ल्यूडी) ने यह हालात पैदा किए हैं। 34 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। आने वाले कुछ दिन में एक बार फिर से बारिश हो सकती है।
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कॉलोनियों में भरा पानी, घरों में भी घुसा
बारिश के कारण जिलेभर में जलभराव की जबरदस्त स्थिति देखने को मिली। घरों व दुकानों में पानी भर गया, जबकि कई घंटों तक पानी की निकासी नहीं हो पाई। अंबाला कैंट की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, रेलवे रोड, वार हीरोज स्टेडियम रोड, साइंस मार्केट, एसडी मंदिर, कच्चा बाजार, बारह क्रॉस रोड, रामबाग रोड, मायावाला चौक, डीसी रोड, रामकिशन कॉलोनी, बीडी फ्लोर मिल के पीछे की कॉलोनियां, महेश नगर, राम नगर, गणेश विहार, एकता विहार चौक, टैगोर नगर, ज्ञानचंद मार्ग, शंकर पार्क, अग्रसेन नगर, इंद्रपुरी, अंबाला सिटी में झंडीवाली गली, रामनगर, कैथमाजरी, मॉडल टाउन, जंडली, टीबी अस्पताल रोड, जगाधरी गेट, नाहन हाउस, छोटा बाजार इलाकों में जलभराव रहा। इन क्षेत्रों में दुकानों और घरों में पानी घुस गया।
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डीसी ने किया गांवों का दौरा, नुकसान के आकलन के निर्देश
डीसी शरणदीप कौर बराड़ ने वीरवार को जिला अधिकारियों के साथ ओलावृष्टि प्रभावित गांवों का दौरा करके फसलों के नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने बलाना, हुमायुंपुर, मटेडी शेखां, तेजा-मोहड़ी, माजरी और ओजलां सहित अन्य गांवों का दौरा किया और किसानों से बातचीत की। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि सरकार उनके इस नुकसान के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने इस मौके पर राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ उपस्थित पटवारियों को भी निर्देश दिए कि वे ओलावृष्टि से प्रभावित गांवों के एक-एक खेत का सही आंकलन करें और कोई भी खेत छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम अदा नहीं भी किया है, उनके नुकसान का मुआवजा भी दिलवाया जाएगा। उनके साथ एसडीएम अंबाला छावनी सुभाष चंद्र सिहाग, एसडीएम अंबाला शहर मीनाक्षी दहिया, जिला राजस्व अधिकारी कैप्टन विनोद शर्मा, तहसीलदार राजेश पूनिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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फसलें बर्बाद, मंडी में भीगा गेहूं
बराड़ा। किसान नारायणदत्त, सतबीर सिंह, प्रेम सिंह, रामधारी, सुरेश कुमार, बंता राम, प्रदीप कुमार, मुख्तार राम, नादा सिंह व कशमीर सिंह ने बताया कि बारिश का पानी खेतों से पहले ही सूखा नहीं था कि अब ओलों व तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने धान की फसल को बर्बाद कर दिया। तेज हवा के कारण जहां धान की पकी हुई फसल जमीन पर गिर गई जहां-जहां ओला पड़ा धान की बाली भी झड़ गई। किसानों ने बताया कि अब धान की फसल काटी भी नहीं जा सकती। बराड़ा, उगाला, सूभरी, सोहाता व अधोया गांव सहित सैकड़ों किसानों की हजारों एकड़ जमीन पर खड़ी फसलें बर्बाद हो गई।
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बची फसल तबाह, पशुचारे का भी संकट
मुलाना। सुबह लगभग पांच साढ़े पांच बजे मुलाना, सीरसगढ़, बुडियों, होली, धीन, जफरपुर, सिंबला, डुलियाना, रूकड़ी, बिकमपुर, जमालमाजरा सहित अन्य गांवों में बिजली की गड़गड़ाहट के साथ मुसलाधार बारिश, तेज आंधी व भारी ओलावृृष्टि हुई। किसान प्रीतम सिंह, कुलवंत सिंह, विजय, बनारसी व मनदीप सिंह ने बताया कि स्थिति यह है कि एक पखवाड़े पहले हुई बरसात से उबरे नहीं थे कि अब तो किसान की कमर ही टूट गई है। बची फसल जहां बर्बाद हो गई, वहीं पशुचारे का संकट भी खड़ा हो गया है। उधर, मंडियों में धान भीगता रहा, जबकि अब कटे धान की नमी की मात्रा बढ़ेगी।
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विधायक संतोष सारवान ने लिया जायजा
मुलाना। विधायक संतोष चौहान सारवान ने खराब फसलों का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार मुलाना अमित वर्मा को निर्देश दिए कि जल्द खराब फसल का आकलन तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा।
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कई स्कूलों में कर दी छुट्टी
भारी बारिश के कारण जहां स्कूलों में पानी भर गया, वहीं स्कूलों ने छुट्टी भी कर दी गई। सुबह बच्चे स्कूल तो पहुंचे, लेकिन कई स्कूल ऐसे थे कि उनमें छुट्टी कर दी गई। स्कूल संचालकों का कहना है कि पानी भरा होने के कारण यह कदम उठाया गया है। कैंट के अंध महाविद्यालय में भी पानी भर गया, जिसके चलते सारा दिन पानी की निकासी में ही लगे रहे।
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बरसात के कारण धंसी जमीन, फंसे वाहन
बराड़ा। स्थानीय बाई पास स्थित महाराणा प्रताप चौक के पास सड़क धंस जाने से ट्राला जमीन में धंस गया। इस कारण जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने क्रेन के माध्यम से घंटों की मशक्कत के बाद जमीन में धंसे ट्राले को बाहर निकाला। वाहन चालक बुधराम व सुरजीत ने बताया कि यह सड़क हाल ही में नई बनी है लेकिन सड़क में घटिया स्तर की सामग्री लगी होने के कारण यह सड़क टूट गई। एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार ने बताया कि जहां-जहां पानी निकासी नहीं हो पा रही है वहां पानी निकालने के प्रबंध किए जा रहे हैं।
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तहसील परिसर में भरा पानी
अंबाला कैंट के तहसील परिसर में भी पानी भर गया। हालात यह रहे कि कई फुट पानी जमा हो गया और लोगों को अपने जरूरी काम के लिए इसी पानी में से होकर गुजरना पड़ा। निकासी के लिए प्रशासन को पंप सेट लगाना पड़ा।
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बिजली गिरने से वायरिंग से उठा धुआं, छत का हिस्सा टूटा
सुबह 3.30 बजे बिजली गिरने से अंबाला कैंट के पालम विहार-सी के एक घर की छत का हिस्सा टूट गया। नेहा ने बताया कि घर में जल रही अखंड जोत में घी डालने के लिए मां शीतल उठी थी। इसी दौरान बिजली कड़की और घर की वायरिंग से धुआं उठने लगा। सभी घबरा गए और नीचे आ गए। पिता राकेश कुमार ने बताया कि इसी दौरान पांच पंखे, एक एलईडी जल गए, वहीं छत पर रखी पानी की टंकी भी लीक हो गई, बाकी छत का हिस्सा भी टूट गया। यह सौभाग्य रहा कि किसी को कोई चोट नहीं आई।
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प्रशासन की लापरवाही जलभराव का कारण
अंबाला में हुई 34 एमएम की बारिश के कारण हुए जलभराव का कारण लोग प्रशासन की लापरवाही मान रहे हैं। कैंट के रहने वाले हरविंदर सिंह नीटू, सतीश कनौजिया, संतोष खींची, दीपक कपूर, सिटी के पंकज सिंह, जगजीत सिंह, अमित कुमार का कहना है कि न तो नालों की सफाई हो पा रही है और न ही पॉलीथिन का इस्तेमाल रुक पा रहा है। नालों से पानी की निकासी का पुख्ता बंदोबस्त नहीं है, जिस कारण यह हालात पैदा हुए हैं। इतनी बारिश भी यदि ट्विन सिटी नहीं झेल पाती, तो फिर कैसे हालात बदलेंगे।
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लाखों का नुकसान हुआ : कलीराम
नारायणगढ़। किसान कलीराम नगावां ने बताया कि उन्होंने करीब नौ एकड़ में धान की फसल को रोपा था। फसल पकी खड़ी थी, जबकि इस बारिश में यह फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। फसल बिछ चुकी है और कुछ भी हासिल नहीं होगा। इस कारण से उसका लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
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रेलवे अंडरपास बना झील
अंबाला कैंट शास्त्री कॉलोनी से पहले बना रेलवे अंडरपास इस बारिश के कारण झील में बदल गया है। इस अंडरपास में सात से आठ फुट पानी जमा हो चुका है, जबकि इसकी निकासी का कोई बंदोबस्त नहीं है। यह हिस्सा रेलवे कॉलोनी सहित एक बड़ी आबादी को जोड़ता है। यह रास्ता बंद होने के कारण लोगों को पड़ाव थाने के पास लगते रेलवे फाटक से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिस कारण दिन भर जाम की स्थिति बनी रही।
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यह कहता है मौसम विभाग
मौसम विभाग का कहना है कि तितली तूफान और पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। अंबाला में 34 एमएम बारिश हुई, जबकि आने वाले कुछ दिनों में एक और पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल सकता है। हालांकि कुछ दिन मौसम साफ रहेगा। बारिश और ओलावृष्टि के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री नीचे रहा।

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कोट
फसलों के नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। फसलों के नुकसान के मामले में गलत रिपोर्ट प्रस्तुत करने अथवा खेत में जाने के बजाए किसी के घर बैठकर गिरदावरी करने वाले पटवारी के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
-शरणदीप कौर बराड़, डीसी, अंबाला।
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