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नशा मुक्ति केंद्र में मरने वाले व्यक्ति का शव लेने से परिजनों ने किया मना तो पुलिस के फूले हाथ-पांव
Updated Sun, 02 Sep 2018 01:16 AM IST
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नशा मुक्ति केंद्र में मरने वाले व्यक्ति का शव लेने से इनकार
अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। यमुनानगर जिले के कस्बा साढौरा में बने नशा मुक्ति केंद्र में नारायणगढ़ के समीपवर्ती गांव लोटों के रहने वाले 44 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम करवा दिया गया था, लेकिन परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया तो पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया तो परिजन शव लेने के लिए माने।
पुरुषोत्तम पुत्र हरबंस सिंह नशा करने का आदी था। उसे परिजनों ने 28 अगस्त को नशा मुक्ति केंद्र साढौरा यमुनानगर में दाखिल करवाया था, जिसकी वीरवार रात को अज्ञात कारणों से मृत्यु हो गई। परिजनों का कहना था कि उनके पास नशा मुक्ति केंद्र से वीरवार रात को फोन आया था कि पुरुषोत्तम की तबीयत काफी खराब है। जब वे साढौरा अस्पताल में पहुंचे तो पता चला कि पुरुषोत्तम की मौत हो चुकी है। उन्होंने पुलिस को मामले की सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि पुरुषोत्तम की मौत नशा मुक्ति केंद्र वालों के कारण हुई है। नशा मुक्ति केंद्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं साढोरा पुलिस ने शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम करवा दिया था लेकिन परिजनों ने शव को शनिवार को लेने से मना कर दिया।
वहीं जब परिजनों ने शव नहीं लिया तब पुलिस की भी सांसें फूलने लगी थी। पुलिस को डर था कि कहीं मृतक के परिजन कोई विरोध प्रदर्शन न कर दें, जिसको लेकर नारायणगढ़ थाना प्रभारी हरभजन सिंह शनिवार को सुबह ही मोर्चरी पहुंचे व शव परिजनों के सपुर्द करवा कर उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी संवेदनाएं परिवार के साथ हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद थाना प्रभारी अंतिम संस्कार में भी परिजनों के साथ मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारायणगढ़। यमुनानगर जिले के कस्बा साढौरा में बने नशा मुक्ति केंद्र में नारायणगढ़ के समीपवर्ती गांव लोटों के रहने वाले 44 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम करवा दिया गया था, लेकिन परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया तो पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया तो परिजन शव लेने के लिए माने।
पुरुषोत्तम पुत्र हरबंस सिंह नशा करने का आदी था। उसे परिजनों ने 28 अगस्त को नशा मुक्ति केंद्र साढौरा यमुनानगर में दाखिल करवाया था, जिसकी वीरवार रात को अज्ञात कारणों से मृत्यु हो गई। परिजनों का कहना था कि उनके पास नशा मुक्ति केंद्र से वीरवार रात को फोन आया था कि पुरुषोत्तम की तबीयत काफी खराब है। जब वे साढौरा अस्पताल में पहुंचे तो पता चला कि पुरुषोत्तम की मौत हो चुकी है। उन्होंने पुलिस को मामले की सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि पुरुषोत्तम की मौत नशा मुक्ति केंद्र वालों के कारण हुई है। नशा मुक्ति केंद्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं साढोरा पुलिस ने शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम करवा दिया था लेकिन परिजनों ने शव को शनिवार को लेने से मना कर दिया।
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वहीं जब परिजनों ने शव नहीं लिया तब पुलिस की भी सांसें फूलने लगी थी। पुलिस को डर था कि कहीं मृतक के परिजन कोई विरोध प्रदर्शन न कर दें, जिसको लेकर नारायणगढ़ थाना प्रभारी हरभजन सिंह शनिवार को सुबह ही मोर्चरी पहुंचे व शव परिजनों के सपुर्द करवा कर उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी संवेदनाएं परिवार के साथ हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद थाना प्रभारी अंतिम संस्कार में भी परिजनों के साथ मौजूद रहे।
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