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लोगों को गुमराह करने के बजाय 261 एकड़ भूमि पर स्थिति स्पष्ट करें मंत्री : चित्रा सरवारा
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लोगों को गुमराह करने के बजाय 261 एकड़ भूमि पर स्थिति स्पष्ट करें मंत्री : चित्रा सरवारा
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और सोशल मीडिया इंचार्ज चित्रा सरवारा ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सेना व हरियाणा सरकार के बीच 261 एकड़ भूमि के स्थानांतरण मुद्दे पर सरकार व मिनिस्ट्री आफ डिफेंस स्थिति को स्पष्ट करें। मंत्री अनिल विज की तरफ से दावा किया जा रहा है कि जमीन निगम में स्थानांतरित कर दी गई है, वहीं कैंटोनमेंट बोर्ड की मीटिंग में इस मुद्दे पर स्थिति को पूरी तरह से स्पष्ट नहीं किया गया।
शुक्रवार को रेस्ट हाउस में चित्रा सरवारा व कैंटोनमेंट बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष व पार्षद सुरिंदर तिवारी पत्रकारों से बातचीत की। तिवारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि मंत्री अनिल विज, बोर्ड के उपाध्यक्ष अजय बवेजा इस मामले पर झूठ बोलकर उपरोक्त क्षेत्रों के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। बोर्ड के सीईओ वरुण कालिया ने बोर्ड मीटिंग में कहा था कि उनके पास ऐसा कोई प्रपोजल नहीं आया है। पहले इन क्षेत्रों के लोगों को वोट डालने का अधिकार था, लेकिन अब इनसे केंद्र के अधीनस्थ कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला छावनी ने वोट का अधिकार छीन लिया है। पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि उपरोक्त क्षेत्रों के लोगों को अंग्रेजी शासन के दौरान व रोजगार करने के लिए जमीन आवंटित की गई थी। लेकिन, देश के आजाद होने के 70 साल बाद भी आज तक इन लोगों को मालिकाना हक नहीं दिया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और सोशल मीडिया इंचार्ज चित्रा सरवारा ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सेना व हरियाणा सरकार के बीच 261 एकड़ भूमि के स्थानांतरण मुद्दे पर सरकार व मिनिस्ट्री आफ डिफेंस स्थिति को स्पष्ट करें। मंत्री अनिल विज की तरफ से दावा किया जा रहा है कि जमीन निगम में स्थानांतरित कर दी गई है, वहीं कैंटोनमेंट बोर्ड की मीटिंग में इस मुद्दे पर स्थिति को पूरी तरह से स्पष्ट नहीं किया गया।
शुक्रवार को रेस्ट हाउस में चित्रा सरवारा व कैंटोनमेंट बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष व पार्षद सुरिंदर तिवारी पत्रकारों से बातचीत की। तिवारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि मंत्री अनिल विज, बोर्ड के उपाध्यक्ष अजय बवेजा इस मामले पर झूठ बोलकर उपरोक्त क्षेत्रों के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। बोर्ड के सीईओ वरुण कालिया ने बोर्ड मीटिंग में कहा था कि उनके पास ऐसा कोई प्रपोजल नहीं आया है। पहले इन क्षेत्रों के लोगों को वोट डालने का अधिकार था, लेकिन अब इनसे केंद्र के अधीनस्थ कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला छावनी ने वोट का अधिकार छीन लिया है। पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि उपरोक्त क्षेत्रों के लोगों को अंग्रेजी शासन के दौरान व रोजगार करने के लिए जमीन आवंटित की गई थी। लेकिन, देश के आजाद होने के 70 साल बाद भी आज तक इन लोगों को मालिकाना हक नहीं दिया गया।
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