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‘मुझे बचा लो, मैनें जहर निगल लिया है’
Updated Mon, 31 Jul 2017 11:34 PM IST
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‘मुझे बचा लो, मैंने जहर निगल लिया है’
- नुकसान में पहुंचे युवा प्रॉपर्टी डीलर ने अपनी कार में बैठकर निगला जहर, मौत
- कुछ दिन पहले सिंचाई विभाग के गलत अधिसूचना जारी करने से बंद हुई रजिस्ट्रियां मानी जा रही वजह
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। लाखों के नुकसान में पहुंचे युवा प्रॉपर्टी डीलर भरत दुआ ने सोमवार दोपहर प्रभु प्रेमपुरम में अपने ऑफिस के निकट गाड़ी में ही जहरीला पदार्थ निगल लिया। तनाव में आए प्रॉपर्टी डीलर ने जहर निगलने के तुरंत बाद अपने साथी राकेश को फोन मिलाया और कहा कि ‘मुझे बचा लो, मैंने जहर निगल लिया है’।
आनन-फानन में राकेश व अन्य प्रभु प्रेमपुरम पहुंचे और कार से भरत दुआ को निकाल उन्हें कैंट सिविल अस्पताल ले जाया गया। यहां उनकी गंभीर हालत देखते हुए डॉक्टरों ने भरत को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। हालांकि परिवार के सदस्य भरत को जीटी रोड पर ही पास स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने भरत को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद देखते ही देखते सिविल अस्पताल में प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन के अलावा शहर के लोग पहुंचने लगे। सभी स्तब्ध थे कि आखिरकार भरत ने यह कदम क्यों उठाया। लोग ही नहीं परिवार सदस्य भी यह समझ नहीं पा रहे थे कि आखिरकार भरत ने यह कदम क्यों उठाया जबकि वह हर तरफ से साधन संपन्न था। परतें खुली तो पता चला कि प्रॉपर्टी के बिजनेस में भरत काफी नीचे पहुंच गया था। हादसे के बाद भरत की पत्नी, पिता, मां व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। महेशनगर थाना पुलिस ने फिलहाल अभी 174 की कार्रवाई करते हुए रपट दर्ज कर ली है। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के सुपुर्द किया जाएगा।
आवाज भारी हो गई थी भरत की
अस्पताल में मौजूद भरत दुआ के साथी राकेश ने बताया कि जैसे ही उन्हें भरत ने फोन पर बताया कि उन्होंने जहर निगला है तो वह भौंचक्के रह गए। उन्हें पहले आवाज पहचान नहीं आई क्योंकि वह काफी भारी थी। वह मौके पर गए तो भरत सड़क किनारे कार में ही बैठा तड़प रहा था। उन्हें कुछ नहीं सूझा और अन्य साथियों की मदद वह उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह बीते कुछ दिनों से परेशान जरूर था, मगर परेशानी क्या थी यह उसने नहीं बताई।
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अधिसूचना की वजह से 20 लाख डूबे थे
अस्पताल में जब प्रॉपर्टी डीलरों ने पड़ताल की तो पता चला कि भरत दुआ ने कुछ समय पहले टांगरी नदी के निकट कॉलोनी में करीब 90 लाख रुपये का सौदा तय किया था। एक मकान उन्होंने खरीदा था और बयाने के तौर पर 20 लाख रुपये की राशि भी पार्टी को दे दी थी। मगर इस सौदे के कुछ समय बाद ही मई माह में सिंचाई विभाग ने टांगरी नदी के भीतर व आसपास क्षेत्र की गलत अधिसूचना जारी करते हुए कई कालोनियों में प्रापर्टी खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगा दिया था। कालोनियां नदी के रकबे में दिखा दी गई थी। जिन कालोनियों में प्रतिबंध लगा, उन्हीं कालोनियों में भरत दुआ का बिजनेस ज्यादा था। हालांकि मंत्री विज के हस्तक्षेप के बाद सिंचाई विभाग को इस अधिसूचना को रद्द करने के निर्देश दिए गए थे। मगर भरत दुआ इसी मामले को लेकर कई दिनों से तनाव में था। बताते हैं कि 20 लाख रुपये की राशि वापस लेने के लिए भरत दूसरी पार्टी के पास कई बार गया था व अपने परिवार को भी एक-दो बार वह साथ लेकर गए थे।
परिवार रो-रोकर बेहाल
भरत दुआ शादीशुदा थे। उनके दो बच्चे भी हैं। उनके पिता बैंक में कार्यरत हैं। साधन संपन्न होने के साथ-साथ भरत जिला प्रापर्टी डीलर एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी थे जबकि वह श्रीराम जी योग संस्था व अन्य समाज सेवी संस्थाओं से भी सक्रिय तौर पर जुड़े थे। भरत ने अभी कुछ दिन पहले ही इनोवा गाड़ी खरीदी थी और आर्थिक तंगी की वजह से भरत ने गत दिनों यह गाड़ी अपने दोस्त को बेचने की पेशकश तक की थी।
एक माह में तीसरा सुसाइड
बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही बीडी फ्लोर मिल के निकट प्रॉपर्टी डीलर सूरी ने जहरीला पदार्थ निगल लिया था, जबकि इससे पहले बोह में गोल्डी नामक प्रापर्टी डीलर ने भी सुसाइड किया था।
सरकार ध्यान दे प्रापर्टी कारोबारियों पर : गोयल
प्रॉपर्टी एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक गोयल ने बताया कि भरत दुआ की प्रॅापर्टी का मामला फंसा था जबकि कई कालोनियों में रजिस्ट्री प्रतिबंधित होने पर वह काफी दिनों से परेशानी में थे। कुछ दिन पहले ही भरत ने उनसे कहा था कि वह परेशान हैं, मगर उन्होंने उसे समझाया था कि रजिस्ट्रियां खुलते ही हालात सामान्य हो जाएंगे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि भरत ऐसा कदम उठा सकता है।
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पुलिस ने फिलहाल अभी 174 की कार्रवाई की है। मंगलवार पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के सुपुर्द किया जाएगा। फिलहाल इस संबंध में परिवार के बयान अभी नहीं लिए गए हैं।
- महल सिंह, कार्यकारी थाना प्रभारी, महेशनगर थाना।
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‘मुझे बचा लो, मैंने जहर निगल लिया है’
- नुकसान में पहुंचे युवा प्रॉपर्टी डीलर ने अपनी कार में बैठकर निगला जहर, मौत
- कुछ दिन पहले सिंचाई विभाग के गलत अधिसूचना जारी करने से बंद हुई रजिस्ट्रियां मानी जा रही वजह
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। लाखों के नुकसान में पहुंचे युवा प्रॉपर्टी डीलर भरत दुआ ने सोमवार दोपहर प्रभु प्रेमपुरम में अपने ऑफिस के निकट गाड़ी में ही जहरीला पदार्थ निगल लिया। तनाव में आए प्रॉपर्टी डीलर ने जहर निगलने के तुरंत बाद अपने साथी राकेश को फोन मिलाया और कहा कि ‘मुझे बचा लो, मैंने जहर निगल लिया है’।
आनन-फानन में राकेश व अन्य प्रभु प्रेमपुरम पहुंचे और कार से भरत दुआ को निकाल उन्हें कैंट सिविल अस्पताल ले जाया गया। यहां उनकी गंभीर हालत देखते हुए डॉक्टरों ने भरत को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। हालांकि परिवार के सदस्य भरत को जीटी रोड पर ही पास स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने भरत को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद देखते ही देखते सिविल अस्पताल में प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन के अलावा शहर के लोग पहुंचने लगे। सभी स्तब्ध थे कि आखिरकार भरत ने यह कदम क्यों उठाया। लोग ही नहीं परिवार सदस्य भी यह समझ नहीं पा रहे थे कि आखिरकार भरत ने यह कदम क्यों उठाया जबकि वह हर तरफ से साधन संपन्न था। परतें खुली तो पता चला कि प्रॉपर्टी के बिजनेस में भरत काफी नीचे पहुंच गया था। हादसे के बाद भरत की पत्नी, पिता, मां व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। महेशनगर थाना पुलिस ने फिलहाल अभी 174 की कार्रवाई करते हुए रपट दर्ज कर ली है। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के सुपुर्द किया जाएगा।
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आवाज भारी हो गई थी भरत की
अस्पताल में मौजूद भरत दुआ के साथी राकेश ने बताया कि जैसे ही उन्हें भरत ने फोन पर बताया कि उन्होंने जहर निगला है तो वह भौंचक्के रह गए। उन्हें पहले आवाज पहचान नहीं आई क्योंकि वह काफी भारी थी। वह मौके पर गए तो भरत सड़क किनारे कार में ही बैठा तड़प रहा था। उन्हें कुछ नहीं सूझा और अन्य साथियों की मदद वह उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह बीते कुछ दिनों से परेशान जरूर था, मगर परेशानी क्या थी यह उसने नहीं बताई।
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अधिसूचना की वजह से 20 लाख डूबे थे
अस्पताल में जब प्रॉपर्टी डीलरों ने पड़ताल की तो पता चला कि भरत दुआ ने कुछ समय पहले टांगरी नदी के निकट कॉलोनी में करीब 90 लाख रुपये का सौदा तय किया था। एक मकान उन्होंने खरीदा था और बयाने के तौर पर 20 लाख रुपये की राशि भी पार्टी को दे दी थी। मगर इस सौदे के कुछ समय बाद ही मई माह में सिंचाई विभाग ने टांगरी नदी के भीतर व आसपास क्षेत्र की गलत अधिसूचना जारी करते हुए कई कालोनियों में प्रापर्टी खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगा दिया था। कालोनियां नदी के रकबे में दिखा दी गई थी। जिन कालोनियों में प्रतिबंध लगा, उन्हीं कालोनियों में भरत दुआ का बिजनेस ज्यादा था। हालांकि मंत्री विज के हस्तक्षेप के बाद सिंचाई विभाग को इस अधिसूचना को रद्द करने के निर्देश दिए गए थे। मगर भरत दुआ इसी मामले को लेकर कई दिनों से तनाव में था। बताते हैं कि 20 लाख रुपये की राशि वापस लेने के लिए भरत दूसरी पार्टी के पास कई बार गया था व अपने परिवार को भी एक-दो बार वह साथ लेकर गए थे।
परिवार रो-रोकर बेहाल
भरत दुआ शादीशुदा थे। उनके दो बच्चे भी हैं। उनके पिता बैंक में कार्यरत हैं। साधन संपन्न होने के साथ-साथ भरत जिला प्रापर्टी डीलर एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी थे जबकि वह श्रीराम जी योग संस्था व अन्य समाज सेवी संस्थाओं से भी सक्रिय तौर पर जुड़े थे। भरत ने अभी कुछ दिन पहले ही इनोवा गाड़ी खरीदी थी और आर्थिक तंगी की वजह से भरत ने गत दिनों यह गाड़ी अपने दोस्त को बेचने की पेशकश तक की थी।
एक माह में तीसरा सुसाइड
बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही बीडी फ्लोर मिल के निकट प्रॉपर्टी डीलर सूरी ने जहरीला पदार्थ निगल लिया था, जबकि इससे पहले बोह में गोल्डी नामक प्रापर्टी डीलर ने भी सुसाइड किया था।
सरकार ध्यान दे प्रापर्टी कारोबारियों पर : गोयल
प्रॉपर्टी एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक गोयल ने बताया कि भरत दुआ की प्रॅापर्टी का मामला फंसा था जबकि कई कालोनियों में रजिस्ट्री प्रतिबंधित होने पर वह काफी दिनों से परेशानी में थे। कुछ दिन पहले ही भरत ने उनसे कहा था कि वह परेशान हैं, मगर उन्होंने उसे समझाया था कि रजिस्ट्रियां खुलते ही हालात सामान्य हो जाएंगे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि भरत ऐसा कदम उठा सकता है।
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पुलिस ने फिलहाल अभी 174 की कार्रवाई की है। मंगलवार पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के सुपुर्द किया जाएगा। फिलहाल इस संबंध में परिवार के बयान अभी नहीं लिए गए हैं।
- महल सिंह, कार्यकारी थाना प्रभारी, महेशनगर थाना।