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सिटी की होलसेल कपड़ा मार्केट में हड़ताल
Updated Mon, 03 Jul 2017 11:32 PM IST
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जीएसटी के विरोध में कपड़ा बाजार हड़ताल पर
अंबाला सिटी। कपड़ा उद्योग पर लगाए गए पांच प्रतिशत जीएसटी का विरोध करने से अब तक बच रही अंबाला होलसेल क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन सोमवार एकाएक हड़ताल पर उतर आई। दोपहर में लिए निर्णय के बाद सैकड़ों कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद कर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इससे पूर्व एसोसिएशन के प्रधान हरचरण सिंह भाटिया की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें कारोबारियों को जीएसटी से होने वाले नुकसान पर चर्चा की गई। उधर सोमवार देर शाम बाजार में ही प्रधान हरचरण सिंह भाटिया के नेतृत्व में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जब तब कपड़े से जीएसटी नहीं हटाया जाता है या उसका सरलीकरण नहीं किया जाता तब तक कपड़ा कारोबारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे।
बैठक के बाद सभी कपड़ा कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और सड़कों पर उतर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के विरोध में नारेबाजी करते हुए कपड़ा कारोबारियों ने प्रदर्शन किया और जो कुछ दुकानें खुली थीं उन्हें भी बंद करवा दिया। वहीं कपड़ा व्यापारियों के इस अप्रत्याशित फैसले से प्रशासन और पुलिस के भी हाथ पांव फूल गए। सूचना पाकर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और उसने पूरे मामले पर कड़ी नजर रखी। कारोबारियों ने प्रसिद्ध अग्रसेन चौक के निकट होलसेल कपड़ा बाजार को बंद करवाया। इसके बाद वह रेलवे रोड व बस स्टैंड के निकट बाजार बंद करवाया गया। यहां पर सड़कों पर उतरकर कारोबारियों व कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी की।
बिना ठोस तैयारियों के लागू की गई जीएसटी
कपड़ा मार्केट के प्रधान हरचरण सिंह भाटिया ने व्यापारियों से कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार केंद्र में स्पष्ट बहुमत से बनी है। यही कारण है कि वह तानाशाही से भरे फैसले ले रहे हैं। जीएसटी को बिना ठोस तैयारियों के लागू कर दिया गया है। इसका खामियाजा कारोबारियों को उठाना पड़ रहा है। जीएसटी में कपड़ा कारोबार पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है जबकि इसके पहले कपड़ा कारोबार हमेशा टैक्स से मुक्त रहा है। जीएसटी में रिटर्न दाखिल करना भी पेचीदा है, जिस कारण इंस्पेक्टर राज हो जाएगा। अधिकतर कपड़ा कारोबारी कम शिक्षित हैं, जिसके चलते उन्हें भारी परेशानी होने वाली है।
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करोड़ों का कारोबार प्रभावित
सिटी होलसेल व रिटेल मार्केट में हड़ताल के चलते करोड़ों रुपये का नुकसान पहले दिन हुआ है। सिटी में करीब एक हजार होलसेल व रिटेल कपड़े के शोरूम व दुकानें हैं जिनका टर्न ओवर करीब डेढ़ अरब है। अनुमान है कि मात्र एक दिन हड़ताल में ही डेढ़ करोड़ से अधिक का नुकसान बाजार में हुआ है। होलसेल कपड़ा मार्केट में हरियाणा के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में कपड़े की सप्लाई होती है। साड़ी, सूटी लहंगा व अन्य विवाह के कपड़ों के लिए मार्केट प्रसिद्ध है।
ट्रेड मुलाजिमन यूनियन ने किया विरोध
ट्रेड मुलाजिमन यूनियन के महासचिव सुदर्शन अग्रवाल ने कहा कि अब विरोध प्रदर्शन का क्या फायदा। यदि विरोध करना ही था तो जीएसटी लागू होने से पहले होना चाहिए था। बड़ा कपड़ा मार्केट होने के चलते सरकार पर इसका असर भी पड़ता। अग्रवाल ने कहा कि अब हड़ताल करने से मुलाजिमों और छोटे कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। हर रोज कमाकर खाने वाले व्यापारी और मुलाजिमों के लिए भूखे मरने की नौबत आ जाएगी।
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अंबाला सिटी। कपड़ा उद्योग पर लगाए गए पांच प्रतिशत जीएसटी का विरोध करने से अब तक बच रही अंबाला होलसेल क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन सोमवार एकाएक हड़ताल पर उतर आई। दोपहर में लिए निर्णय के बाद सैकड़ों कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद कर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इससे पूर्व एसोसिएशन के प्रधान हरचरण सिंह भाटिया की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें कारोबारियों को जीएसटी से होने वाले नुकसान पर चर्चा की गई। उधर सोमवार देर शाम बाजार में ही प्रधान हरचरण सिंह भाटिया के नेतृत्व में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जब तब कपड़े से जीएसटी नहीं हटाया जाता है या उसका सरलीकरण नहीं किया जाता तब तक कपड़ा कारोबारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे।
बैठक के बाद सभी कपड़ा कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और सड़कों पर उतर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के विरोध में नारेबाजी करते हुए कपड़ा कारोबारियों ने प्रदर्शन किया और जो कुछ दुकानें खुली थीं उन्हें भी बंद करवा दिया। वहीं कपड़ा व्यापारियों के इस अप्रत्याशित फैसले से प्रशासन और पुलिस के भी हाथ पांव फूल गए। सूचना पाकर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और उसने पूरे मामले पर कड़ी नजर रखी। कारोबारियों ने प्रसिद्ध अग्रसेन चौक के निकट होलसेल कपड़ा बाजार को बंद करवाया। इसके बाद वह रेलवे रोड व बस स्टैंड के निकट बाजार बंद करवाया गया। यहां पर सड़कों पर उतरकर कारोबारियों व कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी की।
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बिना ठोस तैयारियों के लागू की गई जीएसटी
कपड़ा मार्केट के प्रधान हरचरण सिंह भाटिया ने व्यापारियों से कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार केंद्र में स्पष्ट बहुमत से बनी है। यही कारण है कि वह तानाशाही से भरे फैसले ले रहे हैं। जीएसटी को बिना ठोस तैयारियों के लागू कर दिया गया है। इसका खामियाजा कारोबारियों को उठाना पड़ रहा है। जीएसटी में कपड़ा कारोबार पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है जबकि इसके पहले कपड़ा कारोबार हमेशा टैक्स से मुक्त रहा है। जीएसटी में रिटर्न दाखिल करना भी पेचीदा है, जिस कारण इंस्पेक्टर राज हो जाएगा। अधिकतर कपड़ा कारोबारी कम शिक्षित हैं, जिसके चलते उन्हें भारी परेशानी होने वाली है।
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करोड़ों का कारोबार प्रभावित
सिटी होलसेल व रिटेल मार्केट में हड़ताल के चलते करोड़ों रुपये का नुकसान पहले दिन हुआ है। सिटी में करीब एक हजार होलसेल व रिटेल कपड़े के शोरूम व दुकानें हैं जिनका टर्न ओवर करीब डेढ़ अरब है। अनुमान है कि मात्र एक दिन हड़ताल में ही डेढ़ करोड़ से अधिक का नुकसान बाजार में हुआ है। होलसेल कपड़ा मार्केट में हरियाणा के अलावा पंजाब, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में कपड़े की सप्लाई होती है। साड़ी, सूटी लहंगा व अन्य विवाह के कपड़ों के लिए मार्केट प्रसिद्ध है।
ट्रेड मुलाजिमन यूनियन ने किया विरोध
ट्रेड मुलाजिमन यूनियन के महासचिव सुदर्शन अग्रवाल ने कहा कि अब विरोध प्रदर्शन का क्या फायदा। यदि विरोध करना ही था तो जीएसटी लागू होने से पहले होना चाहिए था। बड़ा कपड़ा मार्केट होने के चलते सरकार पर इसका असर भी पड़ता। अग्रवाल ने कहा कि अब हड़ताल करने से मुलाजिमों और छोटे कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। हर रोज कमाकर खाने वाले व्यापारी और मुलाजिमों के लिए भूखे मरने की नौबत आ जाएगी।