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- दुकानदारों को खाद्य पदार्थ ढककर बेचने का आह्वान
Updated Tue, 26 Jun 2018 12:40 AM IST
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गांव में पीलिया और हैजा फैलने पर सरपंच दे सूचना : डीसी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने कहा कि जिला में पीलिया और हैजा जैसे रोगों की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक कदम उठाए गए हैं। स्वास्थ्य एवं जन स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद के अधिकारियों को इस बारे में जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी सुनिश्चित करें कि बिना ढकी मिठाइयों, मीट, केक, बिस्कुट, ब्रेड पकौड़ा, भुने हुए अनाज, कटी हुई सब्जियां व फल की बिक्री एवं भंडारण न हो। उन्होंने इन वस्तुओं की बिक्री से जुड़े दुकानदारों को ऐसी वस्तुएं ताजी व पूरी तरह ढककर रखने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने कहा कि गर्मी के दिनों में बिना ढके खाने के पदार्थों और स्वच्छता का ध्यान रखे बिना तैयार किए गए खाद्य और पेय पदार्थों के प्रयोग से हैजा, पीलिया और डायरिया फैलने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसी बीमारियों की रोकने के लिए बर्फ की कुल्फी, कुल्फियां, झटपट, बर्फ के गोले, शरबत, नींबू पानी, बिना प्रमाणित पानी से बनी बर्फ आदि की बिक्री एवं भंडारण नहीं होना चाहिए। उन्होंने अतिरिक्त उपायुक्त, जिला के तीनों एसडीएम, नगराधीश, सिविल सर्जन, जिला राजस्व अधिकारी, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, सभी कार्यकारी मजिस्ट्रेट, नगर निगम के आयुक्त, नगर पालिका के सचिव, मुख्य सफाई निरीक्षक एवं सफाई निरीक्षक, कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, सभी उपसिविल सर्जन, जिला के सभी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, खाद्य निरीक्षक, वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक तथा बहुउदे्दशीय स्वास्थ्य निरीक्षक को अधिकृत किया है कि वह जिला में किसी भी बाजार, भवन, दुकान, स्टाल व अन्य स्थान पर उपरोक्त वस्तुओं एवं खाद्य पदार्थों की जांच कर सकते हैं। दूषित पाए जाने पर उन्हें जब्त अथवा नष्ट भी कर सकते हैं। इसके अलावा उपरोक्त सभी अधिकारियों को इस बात के लिए भी अधिकृत किया गया है कि वह जिला में संक्रामक पीलिया, हैजा रोग की संभावना के मद्देनजर किसी भी क्षेत्र का निरीक्षण कर सकते हैं तथा ऐसे रोगी को विशेष कैप अथवा अस्पताल में उपचार के लिए भिजवा सकते हैं, ताकि उस क्षेत्र को संक्रामक रोग मुक्त क्षेत्र घोषित किया जा सके।
सरपंचों व सचिवों को भी दिए निर्देश
उपायुक्त ने जिला के सभी सरपंचों, संस्थानों के प्रमुखों, कार्यकारी अधिकारियों एवं सचिवों को निर्देश दिए कि पीलिया, हैजा का कोई भी संक्रामक मामला सामने आने पर इसकी सूचना सिविल सर्जन को दें। उन्होंने ऐसा सामान बेचने वाले दुकानदारों, रेहड़ी वालों को भी निर्देश दिए हैं कि वे खाने-पीने के सामान को अच्छी तरह से ढक कर रखें। गर्मी में तैयार किए जाने वाले विभिन्न पेय पदार्थों में स्वच्छ और प्रमाणित जल ही प्रयोग करें।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने कहा कि जिला में पीलिया और हैजा जैसे रोगों की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक कदम उठाए गए हैं। स्वास्थ्य एवं जन स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद के अधिकारियों को इस बारे में जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी सुनिश्चित करें कि बिना ढकी मिठाइयों, मीट, केक, बिस्कुट, ब्रेड पकौड़ा, भुने हुए अनाज, कटी हुई सब्जियां व फल की बिक्री एवं भंडारण न हो। उन्होंने इन वस्तुओं की बिक्री से जुड़े दुकानदारों को ऐसी वस्तुएं ताजी व पूरी तरह ढककर रखने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने कहा कि गर्मी के दिनों में बिना ढके खाने के पदार्थों और स्वच्छता का ध्यान रखे बिना तैयार किए गए खाद्य और पेय पदार्थों के प्रयोग से हैजा, पीलिया और डायरिया फैलने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसी बीमारियों की रोकने के लिए बर्फ की कुल्फी, कुल्फियां, झटपट, बर्फ के गोले, शरबत, नींबू पानी, बिना प्रमाणित पानी से बनी बर्फ आदि की बिक्री एवं भंडारण नहीं होना चाहिए। उन्होंने अतिरिक्त उपायुक्त, जिला के तीनों एसडीएम, नगराधीश, सिविल सर्जन, जिला राजस्व अधिकारी, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, सभी कार्यकारी मजिस्ट्रेट, नगर निगम के आयुक्त, नगर पालिका के सचिव, मुख्य सफाई निरीक्षक एवं सफाई निरीक्षक, कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, सभी उपसिविल सर्जन, जिला के सभी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, खाद्य निरीक्षक, वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक तथा बहुउदे्दशीय स्वास्थ्य निरीक्षक को अधिकृत किया है कि वह जिला में किसी भी बाजार, भवन, दुकान, स्टाल व अन्य स्थान पर उपरोक्त वस्तुओं एवं खाद्य पदार्थों की जांच कर सकते हैं। दूषित पाए जाने पर उन्हें जब्त अथवा नष्ट भी कर सकते हैं। इसके अलावा उपरोक्त सभी अधिकारियों को इस बात के लिए भी अधिकृत किया गया है कि वह जिला में संक्रामक पीलिया, हैजा रोग की संभावना के मद्देनजर किसी भी क्षेत्र का निरीक्षण कर सकते हैं तथा ऐसे रोगी को विशेष कैप अथवा अस्पताल में उपचार के लिए भिजवा सकते हैं, ताकि उस क्षेत्र को संक्रामक रोग मुक्त क्षेत्र घोषित किया जा सके।
सरपंचों व सचिवों को भी दिए निर्देश
उपायुक्त ने जिला के सभी सरपंचों, संस्थानों के प्रमुखों, कार्यकारी अधिकारियों एवं सचिवों को निर्देश दिए कि पीलिया, हैजा का कोई भी संक्रामक मामला सामने आने पर इसकी सूचना सिविल सर्जन को दें। उन्होंने ऐसा सामान बेचने वाले दुकानदारों, रेहड़ी वालों को भी निर्देश दिए हैं कि वे खाने-पीने के सामान को अच्छी तरह से ढक कर रखें। गर्मी में तैयार किए जाने वाले विभिन्न पेय पदार्थों में स्वच्छ और प्रमाणित जल ही प्रयोग करें।
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