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Ambala News: रेल विहार में एसटीपी पर खर्च होंगे 45 लाख
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अंबाला। रेल विहार को साफ व स्वच्छ रखने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। इस पर लगभग 45 लाख रुपये खर्च होंगे। अंबाला मंडल की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर मुख्यालय से अनुमति मिल गई है और इस वित्त वर्ष में फंड भी जारी कर दिया है।
इसी कड़ी में खुली नालियों की भी सुध ली जाएगी और यहां भूमिगत पाइप लाइन बिछाई जाएगी जिससे गंदगी से अटी नालियों से निजात मिल सके और मक्खी और मच्छरों का प्रकोप कम हो सके। इसे लेकर रेलवे की टीम ने कार्य शुरु कर दिया है।
इसके तहत उन क्षेत्रों की रुपरेखा तैयार की जा रही है, जहां या तो सीवरेज पाइप की हालत खस्ता हो चुकी है या जहां गंदगी अधिक है। ऐसे में इन क्षेत्रों का पहले जीर्णोद्धार किया जाएगा।
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दरअसल, बारिश के दिनों में जिस प्रकार अंबाला छावनी के अधिकांश क्षेत्र जलमग्न हो जाते हैं, ऐसी ही परेशानी रेल विहार और कॉलोनी में रहने वाले लोगों को भी झेलनी पड़ती थी। जलभराव के कारण नालियां बंद हो जाती थी और सीवरेज सिस्टम के बैक मारने से रेलवे क्वार्टरों के निवासियों को समस्या होती थी।
इसके समाधान के लिए कर्मचारियों की तरफ से भी लगातार शिकायतें मिल रही थी और रेलवे यूनियनों ने भी मंडल रेल प्रबंधक सहित विभागीय अधिकारियों से इस समस्या के समाधान को लेकर मंत्रणा की थी।
सात हजार कर्मचारियों को मिलेगी राहत
मौजूदा समय में अंबाला रेल मंडल में 14 हजार से अधिक रेल कर्मचारी कार्यरत हैं जोकि अलग-अलग रेलवे स्टेशन पर तैनात हैं। इनमें से लगभग सात हजार कर्मचारी व उनके परिजन रेल विहार सहित कॉलोनी में रहते हैं। ऐसे में उन कर्मचारियों के लिए यह राहत होगी। जल्द ही जगह का भी निर्धारण कर दिया जाएगा जोकि आबादी से कुछ दूरी पर होगा।
वर्जन
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए पिछले कुछ समय से कार्रवाई चल रही थी। प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा गया था, जिसे अनुमति मिल गई है और इस वित्त वर्ष के बजट में 45 लाख रुपये की राशि पिंक बुक के तहत जारी की गई है।
एमएस भाटिया, डीआरएम अंबाला।
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इसी कड़ी में खुली नालियों की भी सुध ली जाएगी और यहां भूमिगत पाइप लाइन बिछाई जाएगी जिससे गंदगी से अटी नालियों से निजात मिल सके और मक्खी और मच्छरों का प्रकोप कम हो सके। इसे लेकर रेलवे की टीम ने कार्य शुरु कर दिया है।
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इसके तहत उन क्षेत्रों की रुपरेखा तैयार की जा रही है, जहां या तो सीवरेज पाइप की हालत खस्ता हो चुकी है या जहां गंदगी अधिक है। ऐसे में इन क्षेत्रों का पहले जीर्णोद्धार किया जाएगा।
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दरअसल, बारिश के दिनों में जिस प्रकार अंबाला छावनी के अधिकांश क्षेत्र जलमग्न हो जाते हैं, ऐसी ही परेशानी रेल विहार और कॉलोनी में रहने वाले लोगों को भी झेलनी पड़ती थी। जलभराव के कारण नालियां बंद हो जाती थी और सीवरेज सिस्टम के बैक मारने से रेलवे क्वार्टरों के निवासियों को समस्या होती थी।
इसके समाधान के लिए कर्मचारियों की तरफ से भी लगातार शिकायतें मिल रही थी और रेलवे यूनियनों ने भी मंडल रेल प्रबंधक सहित विभागीय अधिकारियों से इस समस्या के समाधान को लेकर मंत्रणा की थी।
सात हजार कर्मचारियों को मिलेगी राहत
मौजूदा समय में अंबाला रेल मंडल में 14 हजार से अधिक रेल कर्मचारी कार्यरत हैं जोकि अलग-अलग रेलवे स्टेशन पर तैनात हैं। इनमें से लगभग सात हजार कर्मचारी व उनके परिजन रेल विहार सहित कॉलोनी में रहते हैं। ऐसे में उन कर्मचारियों के लिए यह राहत होगी। जल्द ही जगह का भी निर्धारण कर दिया जाएगा जोकि आबादी से कुछ दूरी पर होगा।
वर्जन
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए पिछले कुछ समय से कार्रवाई चल रही थी। प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा गया था, जिसे अनुमति मिल गई है और इस वित्त वर्ष के बजट में 45 लाख रुपये की राशि पिंक बुक के तहत जारी की गई है।
एमएस भाटिया, डीआरएम अंबाला।