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Ambala News: बच्चेदानी से निकाली साढ़े तीन किलो की गांठ
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महिला की बच्चेदानी से निकली साढ़े तीन किलो की गांठ दिखाती हुई महिला कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. मिना
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अंबाला। अटल कैंसर केयर केंद्र में पहली बार महिला के बच्चेदानी का ऑपरेशन कर साढ़े तीन किलो की गांठ निकाली। महिला कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ.मीनाक्षी भूषण ने पंजाब के बनूड़ निवासी 32 वर्षीय रणजीत कौर का सफल ऑपरेशन किया। महिला अस्पताल में दाखिल है और गांठ को जांच के लिए भेजा है। ढाई घंटे तक चले इस ऑपरेशन में डॉ. महक, बेहोशी के डॉ. वेद पाठक, नर्सिंग ऑफिसर शिवानी और पूनम शामिल रहीं।
डॉक्टर की मानें तो इतनी बड़ी गांठ का समय रहते आपॅरेशन नहीं किया जाता तो जानलेवा होता। उन्होंने बताया कि महिला का ऑपरेशन किया और गांठ को बाहर निकाला। वे निजी अस्पतालों के चक्कर काटकर परेशान थे। आखिर में नागरिक अस्पताल में डॉ. मीनाक्षी राणा भूषण की ओपीडी में पहुंचे और वह भी इस जटिल ऑपरेशन के लिए तैयार हो गई।
सोलह साल से थी बच्चेदानी में गांठ
बनूड़ निवासी पति नरेश ने बताया कि रणजीत कौर के 16 साल पहले ही बच्चेदानी में गांठ बन गई थी। उस समय इसलिए ऑपरेशन नहीं कराया कि शादी के बाद बच्चे हो जाएं। धीरे-धीरे ये बढ़ती गई। दो बेटियां हुईं। बेटे की चाह में ऑपरेशन नहीं कराया। करीब एक साल पहले गांठ ज्यादा बढ़ने लगी और खाना खाने और खून बहने से दिक्कत हुई। जहां डॉक्टर ने गांव के साथ बच्चेदानी भी निकालकर पत्नी की जान बचाई।
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वर्जन
यहां पर अंबाला के अलावा पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। चिकित्सकों की टीमें पूरी मेहनत के साथ ऑपरेशन को सफल बना रही हैं।
डॉ. राकेश सहल, पीएमओ, नागरिक अस्पताल
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डॉक्टर की मानें तो इतनी बड़ी गांठ का समय रहते आपॅरेशन नहीं किया जाता तो जानलेवा होता। उन्होंने बताया कि महिला का ऑपरेशन किया और गांठ को बाहर निकाला। वे निजी अस्पतालों के चक्कर काटकर परेशान थे। आखिर में नागरिक अस्पताल में डॉ. मीनाक्षी राणा भूषण की ओपीडी में पहुंचे और वह भी इस जटिल ऑपरेशन के लिए तैयार हो गई।
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सोलह साल से थी बच्चेदानी में गांठ
बनूड़ निवासी पति नरेश ने बताया कि रणजीत कौर के 16 साल पहले ही बच्चेदानी में गांठ बन गई थी। उस समय इसलिए ऑपरेशन नहीं कराया कि शादी के बाद बच्चे हो जाएं। धीरे-धीरे ये बढ़ती गई। दो बेटियां हुईं। बेटे की चाह में ऑपरेशन नहीं कराया। करीब एक साल पहले गांठ ज्यादा बढ़ने लगी और खाना खाने और खून बहने से दिक्कत हुई। जहां डॉक्टर ने गांव के साथ बच्चेदानी भी निकालकर पत्नी की जान बचाई।
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यहां पर अंबाला के अलावा पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। चिकित्सकों की टीमें पूरी मेहनत के साथ ऑपरेशन को सफल बना रही हैं।
डॉ. राकेश सहल, पीएमओ, नागरिक अस्पताल