{"_id":"5c534aeebdec2225060d78ed","slug":"31548962542-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज पेश होगा बजट, अंबाला के प्रमुख मिक्सी, कपड़ा व सांइस उद्योग की टिकी निगाहें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज पेश होगा बजट, अंबाला के प्रमुख मिक्सी, कपड़ा व सांइस उद्योग की टिकी निगाहें
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अंबाला सिटी। आज देश का बजट पेश होगा। इस पर अंबाला में प्रमुख माने जाने वाले कपड़ा, मिक्सी व सांइस उद्योग के व्यापारियों की निगाहें टिकी हुई हैं। व्यापारी इस बात से भी बजट पर निगाहें लगाए बैठे हैं क्योंकि यह भाजपा सरकार के कार्यकाल का अंतिम बजट है। इस बजट में व्यापारियों को थोड़ी राहत मिल सके, जिसका सीधा-सीधा असर आम जनता पर भी पड़ेगा। जब इस बारे में अमर उजाला ने इस बड़े उद्योगों से जुड़े व्यापारियों से बात की तो उन्होंने सर्वप्रथम जीएसटी के दायरे को कम करने व पॉलिसी में सुधार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिन चीजों पर अभी भी 18 प्रतिशत के लगभग टैक्स वसूल किया जा रहा है उसे कम किया जाए और आम लोगों इससे राहत मिल सके।
यह है इन उद्योगों की स्थिति
एशिया के सबसे बड़े कहे जाने वाले कपड़ा बाजार अंबाला से प्रतिदिन हजारों लोग खरीदारी करने के लिए आते हैं। व्यापारियों का कहना है जब से जीएसटी लागू हुआ है वह कागजों में उलझ कर रह गए हैं। इस कारण उनकी दुकानदारी भी प्रभावित होती है, वहीं जो पांच प्रतिशत जीएसटी सरकार द्वारा कपड़े पर लगाया गया है, उसे अलग-अलग चरणों में लगाने के स्थान पर पहले चरण मैनुफेक्चरिंग पर लग देना चाहिए, ताकि उन्हें बार-बार रिटर्न भरने के झंझट से छुटकारा मिल सके। वहीं कई ऐसे उत्पाद भी है जिनपर 8 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता है, उन सभी को एक समान चाहे पांच प्रतिशत ही रखा जाए लेकिन पहले चरण में ही रख दिया जाए।
-विशाल बत्रा, प्रधान, होलसेल कपड़ा मार्केट एसोसिएशन
मिक्सी उद्योग पर भी जीएसटी का काफी असर पड़ा है। व्यापारियों का कहना है कि मिक्सी उद्योग पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है, जिसे कम किया जाना चाहिए। साथ ही ऐसी पॉलिसी तैयार करनी चाहिए जो धीरे-धीरे विलुप्त होते अंबाला के मिक्सी उद्योग में जान डाल सके। इससे अंबाला के युवाओं को रोजगार भी प्राप्त होगा और एक बार फिर से मिक्सी उद्योग के लिए पहचान बन जाएगी।
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-हीरा कश्यप, व्यापारी मिक्सी उद्योग
सांइस उद्योग के लिए अंबाला को जाना जाता है, लेकिन धीरे-धीरे सांइस उद्योग की रफ्तार भी काफी धीमी चल रही है, वहीं व्यापारियों ने बताया कि सांइस के कुछ उत्पाद ऐसे भी हैं जिनपर अभी भी 18 प्रतिशत जीएसटी लग रहा है, जिसे कम किया जाना चाहिए। वहीं व्यापारियों को आस है कि इस बार बजट में सांइस उद्योग को लेकर भी सरकार द्वारा कोई घोषणा की जाएगी।
-एपी बंसल, प्रधान सांइटिफ्कि ऑपरेटर, मैनुफेक्चरर ऐंड एक्सपोटर एसोसिएशन
इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान पर पहले के मुकाबले जीएसटी कम कर दिया गया है, लेकिन रिटर्न भरने में काफी परेशानी होती है, इस प्रक्रिया में थोड़ा और सुधार लाना चाहिए, ताकि दुकानदारों को भी थोड़ी राहत मिल सके।
-तरसेम, दुकानदार
------
कपड़े के विभिन्न उत्पादों पर विभिन्न टैक्स लगाए गए। इस सभी पर एक समान टैक्स लगाना चाहिए, ताकि दुकानदारों को परेशानी हो। वहीं जीएसटी के कारण कपड़े के उत्पाद मंहगे भी हो गए हैं और कपड़े पर से जीएसटी हटा दिया जाएगा तो इससे आम जनता को भी राहत मिलेगी।
-प्रिंस विज, दुकानदार
बाजार महंगा हो गया है जिसका नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है। महंगाई पहले से कई स्तर बढ़ गई है। व्यापारी वर्ग के लिए कोई रियायत सरकार द्वारा नहीं दी जा रही है। इस बार बजट में रियायतें मिलनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता तो इसका खामियाजा व्यापारी वर्ग को झेलना पड़ेगा।
-अजय गुलाटी, अध्यक्ष द मेन सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन अंबाला कैंट
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यह है इन उद्योगों की स्थिति
एशिया के सबसे बड़े कहे जाने वाले कपड़ा बाजार अंबाला से प्रतिदिन हजारों लोग खरीदारी करने के लिए आते हैं। व्यापारियों का कहना है जब से जीएसटी लागू हुआ है वह कागजों में उलझ कर रह गए हैं। इस कारण उनकी दुकानदारी भी प्रभावित होती है, वहीं जो पांच प्रतिशत जीएसटी सरकार द्वारा कपड़े पर लगाया गया है, उसे अलग-अलग चरणों में लगाने के स्थान पर पहले चरण मैनुफेक्चरिंग पर लग देना चाहिए, ताकि उन्हें बार-बार रिटर्न भरने के झंझट से छुटकारा मिल सके। वहीं कई ऐसे उत्पाद भी है जिनपर 8 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता है, उन सभी को एक समान चाहे पांच प्रतिशत ही रखा जाए लेकिन पहले चरण में ही रख दिया जाए।
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-विशाल बत्रा, प्रधान, होलसेल कपड़ा मार्केट एसोसिएशन
मिक्सी उद्योग पर भी जीएसटी का काफी असर पड़ा है। व्यापारियों का कहना है कि मिक्सी उद्योग पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है, जिसे कम किया जाना चाहिए। साथ ही ऐसी पॉलिसी तैयार करनी चाहिए जो धीरे-धीरे विलुप्त होते अंबाला के मिक्सी उद्योग में जान डाल सके। इससे अंबाला के युवाओं को रोजगार भी प्राप्त होगा और एक बार फिर से मिक्सी उद्योग के लिए पहचान बन जाएगी।
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-हीरा कश्यप, व्यापारी मिक्सी उद्योग
सांइस उद्योग के लिए अंबाला को जाना जाता है, लेकिन धीरे-धीरे सांइस उद्योग की रफ्तार भी काफी धीमी चल रही है, वहीं व्यापारियों ने बताया कि सांइस के कुछ उत्पाद ऐसे भी हैं जिनपर अभी भी 18 प्रतिशत जीएसटी लग रहा है, जिसे कम किया जाना चाहिए। वहीं व्यापारियों को आस है कि इस बार बजट में सांइस उद्योग को लेकर भी सरकार द्वारा कोई घोषणा की जाएगी।
-एपी बंसल, प्रधान सांइटिफ्कि ऑपरेटर, मैनुफेक्चरर ऐंड एक्सपोटर एसोसिएशन
इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान पर पहले के मुकाबले जीएसटी कम कर दिया गया है, लेकिन रिटर्न भरने में काफी परेशानी होती है, इस प्रक्रिया में थोड़ा और सुधार लाना चाहिए, ताकि दुकानदारों को भी थोड़ी राहत मिल सके।
-तरसेम, दुकानदार
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कपड़े के विभिन्न उत्पादों पर विभिन्न टैक्स लगाए गए। इस सभी पर एक समान टैक्स लगाना चाहिए, ताकि दुकानदारों को परेशानी हो। वहीं जीएसटी के कारण कपड़े के उत्पाद मंहगे भी हो गए हैं और कपड़े पर से जीएसटी हटा दिया जाएगा तो इससे आम जनता को भी राहत मिलेगी।
-प्रिंस विज, दुकानदार
बाजार महंगा हो गया है जिसका नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है। महंगाई पहले से कई स्तर बढ़ गई है। व्यापारी वर्ग के लिए कोई रियायत सरकार द्वारा नहीं दी जा रही है। इस बार बजट में रियायतें मिलनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता तो इसका खामियाजा व्यापारी वर्ग को झेलना पड़ेगा।
-अजय गुलाटी, अध्यक्ष द मेन सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन अंबाला कैंट