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हड़ताल में सर्वाधिक 110 रोडवेज बसें चली अंबाला डिपो से
Updated Thu, 25 Oct 2018 01:12 AM IST
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हड़ताल में सर्वाधिक 110 रोडवेज बसें चलीं अंबाला डिपो से
फोटो नंबर : 4, 5, 6 व 39
नारायणगढ़ 10 रोडवेज बसों को भेजा
लंबे रूटों पर कम चलीं बसें, यात्री हुए परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी/कैंट। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल नौवें दिन भी जारी रही। बुधवार को रोडवेज अंबाला डिपो द्वारा हड़ताल के दौरान अब तक सर्वाधिक 110 रोडवेज बसें चलाने का दावा किया गया। विभिन्न रूटों पर यह बसें चलाई गईं। सुबह से ही रोडवेज जीएम गगनदीप सिंह व अन्य अधिकारी डिपो में मौजूद रहे। दिलचस्प बात रही कि बुधवार को न तो स्कूली बस और न ही प्राइवेट बसों का सहारा लिया गया।
उधर लंबे रूटों पर अपेक्षाकृत बसें बुधवार को भी कम रहीं जिस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली, रोहतक, जींद, पानीपत, लुधियाना, जालंधर आदि शहरों के लिए बस सेवा अपेक्षाकृत कम थी। परेशान यात्री काफी समय तक बसों का इंतजार करते रहे।
रोडवेज कर्मियों ने अंबाला डिपो के बाहर लगाए नारे
रोडवेज यूनियन द्वारा अंबाला डिपो के निकट विरोध प्रदर्शन किया गया। सरकार के प्रति अपना कड़ा रुख जारी रखा। यूनियन नेता रमन सैनी ने बताया कि सरकार को चाहिए कि वह 720 किलोमीटर स्कीम के तहत लाई जाने वाली बसों के परमिट को रद्द करे। उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारी यह हड़ताल प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को बचाने के लिए कर रहे हैं। सरकार परिवहन को निजी हाथों में सौंपना चाहती है लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि आज परिवहन मंत्री के साथ तालमेल कमेटी की बैठक है। यदि इसमें कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलता तो यह हड़ताल आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिन से हड़ताली कर्मचारियों को अन्य विभागों का भी समर्थन मिल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि अन्य प्रदेशों की यूनियनें भी हमारे समर्थन में आ रही हैं। पंजाब की एक यूनियन ने तो स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि वह हरियाणा में कल से अपनी बसें नहीं भेजेगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपना अड़ियल रवैया छोड़कर रोडवेज बेडे़ में 10 हजार बसें शामिल करे जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके।
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कोट्स
अंबाला डिपो की 110 बसों को चलाया गया। मंगलवार को अंबाला डिपो के पास 5 लाख 26 हजार रुपये कैश एकत्रित हुआ था। 80 रूटों पर बसें चलाई जा रही हैं। अंबाला में अब तक 58 से ज्यादा कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है तथा कई कर्मचारियों पर एस्मा सहित विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे भी दर्ज हैं। आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत भर्ती प्रक्रिया भी शुरू है। 10 वर्ष के अनुभव वाले ड्राइवरों व कंडक्टरों के लाइसेंस वाले युवाओं को बसें चलाने के लिए दी जा रही हैं।
-गगनदीप सिंह, जीएम रोडवेज, अंबाला डिपो।
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नारायणगढ़ 10 रोडवेज बसों को भेजा
लंबे रूटों पर कम चलीं बसें, यात्री हुए परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी/कैंट। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल नौवें दिन भी जारी रही। बुधवार को रोडवेज अंबाला डिपो द्वारा हड़ताल के दौरान अब तक सर्वाधिक 110 रोडवेज बसें चलाने का दावा किया गया। विभिन्न रूटों पर यह बसें चलाई गईं। सुबह से ही रोडवेज जीएम गगनदीप सिंह व अन्य अधिकारी डिपो में मौजूद रहे। दिलचस्प बात रही कि बुधवार को न तो स्कूली बस और न ही प्राइवेट बसों का सहारा लिया गया।
उधर लंबे रूटों पर अपेक्षाकृत बसें बुधवार को भी कम रहीं जिस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली, रोहतक, जींद, पानीपत, लुधियाना, जालंधर आदि शहरों के लिए बस सेवा अपेक्षाकृत कम थी। परेशान यात्री काफी समय तक बसों का इंतजार करते रहे।
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रोडवेज कर्मियों ने अंबाला डिपो के बाहर लगाए नारे
रोडवेज यूनियन द्वारा अंबाला डिपो के निकट विरोध प्रदर्शन किया गया। सरकार के प्रति अपना कड़ा रुख जारी रखा। यूनियन नेता रमन सैनी ने बताया कि सरकार को चाहिए कि वह 720 किलोमीटर स्कीम के तहत लाई जाने वाली बसों के परमिट को रद्द करे। उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मचारी यह हड़ताल प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को बचाने के लिए कर रहे हैं। सरकार परिवहन को निजी हाथों में सौंपना चाहती है लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि आज परिवहन मंत्री के साथ तालमेल कमेटी की बैठक है। यदि इसमें कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलता तो यह हड़ताल आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिन से हड़ताली कर्मचारियों को अन्य विभागों का भी समर्थन मिल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि अन्य प्रदेशों की यूनियनें भी हमारे समर्थन में आ रही हैं। पंजाब की एक यूनियन ने तो स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि वह हरियाणा में कल से अपनी बसें नहीं भेजेगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपना अड़ियल रवैया छोड़कर रोडवेज बेडे़ में 10 हजार बसें शामिल करे जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके।
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अंबाला डिपो की 110 बसों को चलाया गया। मंगलवार को अंबाला डिपो के पास 5 लाख 26 हजार रुपये कैश एकत्रित हुआ था। 80 रूटों पर बसें चलाई जा रही हैं। अंबाला में अब तक 58 से ज्यादा कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है तथा कई कर्मचारियों पर एस्मा सहित विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमे भी दर्ज हैं। आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत भर्ती प्रक्रिया भी शुरू है। 10 वर्ष के अनुभव वाले ड्राइवरों व कंडक्टरों के लाइसेंस वाले युवाओं को बसें चलाने के लिए दी जा रही हैं।
-गगनदीप सिंह, जीएम रोडवेज, अंबाला डिपो।