{"_id":"595a868f4f1c1b70108b470f","slug":"31499104911-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गलत रिपोर्ट बनाने वाले चार पटवारी निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गलत रिपोर्ट बनाने वाले चार पटवारी निलंबित
Updated Mon, 03 Jul 2017 11:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गलत रिपोर्ट बनाने वाले चार पटवारी निलंबित
अंबाला सिटी। डीसी प्रभजोत सिंह ने नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से संबंधित चार पटवारियों को निलंबित करने के आदेश दिए हैं और उनके विरुद्ध विभागीय जांच बिठा दी गई है। जांच के लिए एसडीएम नारायणगढ़ मोनिका गुप्ता को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
निलंबित किए गए पटवारियों में कक्कड़ माजरा पटवार सर्कल के पटवारी गुरमीत सिंह, कडासन पटवार सर्कल के पटवारी रामधारी, बहलौली पटवार सर्कल के पटवारी रामकिशन और फतेहगढ़ पटवार सर्कल के पटवारी बलिंद्र सिंह शामिल हैं। जिला राजस्व अधिकारी एसके मेहता ने बताया कि श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 30 जून को अंबाला शहर अनाज मंडी का दौरा करके सूरजमुखी की खरीद का जायजा लिया था। इस दौरान किसानों की ओर से उक्त पटवारियों द्वारा की गई गिरदावरी की रिपोर्ट को गलत बताते हुए राज्यमंत्री के पास शिकायत की थी। राज्यमंत्री ने इन पटवारियों के विरुद्ध जांच करके उचित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। राज्यमंत्री के निर्देशों पर डीसी द्वारा राजस्व अधिकारियों की टीम बनाकर इस मामले की प्राथमिक जांच करवाई गई। जांच करने वाले राजस्व अधिकारियों में नारायणगढ़ के तहसीलदार रमेश अरोड़ा, बराड़ा के तहसीलदार पुण्यदीप शर्मा, अंबाला कैंट के तहसीलदार राजेश पुनिया, अंबाला सिटी के तहसीलदार टीआर गौतम के साथ-साथ नायब तहसीलदार साहा अनिल कौशल व नायब तहसीलदार शहजादपुर भारती पुहाल भी शामिल थी। जांच में पटवारियों की लापरवाही सामने आई थी जिसके बाद अब उन्हें निलंबित किया गया है। इस मामले की गहनता से जांच करने के लिए एसडीएम नारायणगढ़ को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। बता दें कि इस मामले को अमर उजाला ने ही सबसे पहले इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। गिरदावरी रिपोर्ट में कई किसानों के नाम ही गायब थे। सिटी अनाज मंडी में हैफेड को सूरजमुखी की फसल बेचने के लिए कई किसान आए थे, मगर लिस्ट में नाम नहीं होने की वजह से वह उचित दामों पर अपनी फसल नहीं बेच सके थे।
विज्ञापन
अंबाला सिटी। डीसी प्रभजोत सिंह ने नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र से संबंधित चार पटवारियों को निलंबित करने के आदेश दिए हैं और उनके विरुद्ध विभागीय जांच बिठा दी गई है। जांच के लिए एसडीएम नारायणगढ़ मोनिका गुप्ता को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
निलंबित किए गए पटवारियों में कक्कड़ माजरा पटवार सर्कल के पटवारी गुरमीत सिंह, कडासन पटवार सर्कल के पटवारी रामधारी, बहलौली पटवार सर्कल के पटवारी रामकिशन और फतेहगढ़ पटवार सर्कल के पटवारी बलिंद्र सिंह शामिल हैं। जिला राजस्व अधिकारी एसके मेहता ने बताया कि श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 30 जून को अंबाला शहर अनाज मंडी का दौरा करके सूरजमुखी की खरीद का जायजा लिया था। इस दौरान किसानों की ओर से उक्त पटवारियों द्वारा की गई गिरदावरी की रिपोर्ट को गलत बताते हुए राज्यमंत्री के पास शिकायत की थी। राज्यमंत्री ने इन पटवारियों के विरुद्ध जांच करके उचित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। राज्यमंत्री के निर्देशों पर डीसी द्वारा राजस्व अधिकारियों की टीम बनाकर इस मामले की प्राथमिक जांच करवाई गई। जांच करने वाले राजस्व अधिकारियों में नारायणगढ़ के तहसीलदार रमेश अरोड़ा, बराड़ा के तहसीलदार पुण्यदीप शर्मा, अंबाला कैंट के तहसीलदार राजेश पुनिया, अंबाला सिटी के तहसीलदार टीआर गौतम के साथ-साथ नायब तहसीलदार साहा अनिल कौशल व नायब तहसीलदार शहजादपुर भारती पुहाल भी शामिल थी। जांच में पटवारियों की लापरवाही सामने आई थी जिसके बाद अब उन्हें निलंबित किया गया है। इस मामले की गहनता से जांच करने के लिए एसडीएम नारायणगढ़ को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। बता दें कि इस मामले को अमर उजाला ने ही सबसे पहले इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। गिरदावरी रिपोर्ट में कई किसानों के नाम ही गायब थे। सिटी अनाज मंडी में हैफेड को सूरजमुखी की फसल बेचने के लिए कई किसान आए थे, मगर लिस्ट में नाम नहीं होने की वजह से वह उचित दामों पर अपनी फसल नहीं बेच सके थे।
विज्ञापन