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बेगना नदी के किनारे जंगल से मिले 232 पुराने बम शैल, मचा हड़कंप
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शहजादपुर (अंबाला)। गांव मंगलोर के साथ लगती बेगना नदी किनारे जंगल में लगभग 232 पुराने बम शैल का जखीरा मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी शहजादपुर राजेश कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उच्चाधिकारियों व बम निरोधक दस्ते को सूचना दी। बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू की।
जानकारी के अनुसार वन विभाग के रखवाले हरकिरत ने शुक्रवार को जंगल में पड़े प्लास्टिक के कट्टों से ढके मोटे-मोटे लोहे के पुराने टुकड़ों को देखा, जिसकी सूचना उसने अपने अधिकारियों को दी। इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा तो उन्हें बम होने का संदेह हुआ। इस पर थाना प्रभारी शहजादपुर राजेश कुमार ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। साथ ही बम निरोधक दस्ते को भी मौके पर बुलाया गया। सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा। जांच करने पर प्रथमदृष्टया यह पुराने जंग लगे हुए बम शैल बताए जा रहे हैं।
यह प्लास्टिक के पुराने थैलों के नीचे रखे हुए थे, जिनमें से कुछ बाहर निकल गए थे। बम निरोधक दस्ते ने सावधानी से सभी बम शैल को बाहर निकाला, जिसके बाद इसकी गिनती की गई। इस संबंध में थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि उन्हें आज बाद दोपहर वन विभाग के गार्ड से सूचना मिली थी। इसके बाद वे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बम की आशंका होने पर उच्चाधिकारियों के साथ-साथ बम निरोधक दस्ते को सूचना दी।
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जंगल में कैसे पहुंचा बमों का जखीरा, जांच जारी
थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि बरामद बमों को कब्जे में लिया गया है। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि जंगल में बमों का जखीरा कहां से आया। इसके बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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जानकारी के अनुसार वन विभाग के रखवाले हरकिरत ने शुक्रवार को जंगल में पड़े प्लास्टिक के कट्टों से ढके मोटे-मोटे लोहे के पुराने टुकड़ों को देखा, जिसकी सूचना उसने अपने अधिकारियों को दी। इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा तो उन्हें बम होने का संदेह हुआ। इस पर थाना प्रभारी शहजादपुर राजेश कुमार ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। साथ ही बम निरोधक दस्ते को भी मौके पर बुलाया गया। सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा। जांच करने पर प्रथमदृष्टया यह पुराने जंग लगे हुए बम शैल बताए जा रहे हैं।
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यह प्लास्टिक के पुराने थैलों के नीचे रखे हुए थे, जिनमें से कुछ बाहर निकल गए थे। बम निरोधक दस्ते ने सावधानी से सभी बम शैल को बाहर निकाला, जिसके बाद इसकी गिनती की गई। इस संबंध में थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि उन्हें आज बाद दोपहर वन विभाग के गार्ड से सूचना मिली थी। इसके बाद वे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बम की आशंका होने पर उच्चाधिकारियों के साथ-साथ बम निरोधक दस्ते को सूचना दी।
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जंगल में कैसे पहुंचा बमों का जखीरा, जांच जारी
थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि बरामद बमों को कब्जे में लिया गया है। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि जंगल में बमों का जखीरा कहां से आया। इसके बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।