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मानसून सीजन में कमजोर इमारतों से खतरा, निगम लापरवाह
Updated Sat, 30 Jun 2018 01:05 AM IST
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बरसात में कमजोर इमारतों के गिरने का खतरा, निगम लापरवाह
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। मॉनसून का सीजन शुरू हो चुका है, जबकि अंग्रेजों के जमाने की बनी दशकों पुरानी इमारतें खतरा बनकर बाजारों में खड़ी हैं। यह अब लगभग जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं, लेकिन नगर निगम की लापरवाही कभी भी लोगों की जान के लिए खतरा बन सकती हैं। यह स्थिति कई सालों से है, लेकिन निगम इस इनको लेकर कोई ठोक कार्रवाई नहीं की है।
अंबाला में करीब बीस ऐसी इमारते हैं जो मॉनसून में कभी भी आम जनता के लिए खतरा बन सकती हैं। यह वे इमारतें हैं, जो दशकों पहले बनाई गई थीं। आज इन इमारतों की स्थिति ऐसी हैं कि यह काफी जर्जर हो चुकी है। अंबाला कैंट में कच्चा बाजार, बजाजा बाजार, चौड़ा बाजार, हलवाई बाजार चौक, सब्जी मंडी का क्षेत्र ऐसा है जहां पर इस तरह की इमारतें देखी जा सकती हैं। इसी तरह अंबाला सिटी की बात करें तो यहां पर कलाल माजरी, छोटा बाजार, काजीवाड़ा, दर्जियां वाली गली, खत्तरवाड़ा, हिसार रोड, डॉ. नागी वाली गली, पटेल रोड, जैन मंदिर, जैन बाजार में इस तरह की इमारतें देखी जा सकती हैं।
बरसात में बढ़ जाता है खतरा
बरसात में इन इमारतों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। खास बात यह है कि इन इमारतों के आसपास रिहायशी व कमर्शियल इलाका है, जहां पर रोजाना हजारों की संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। अंबाला कैंट में कई बार ऐसी इमारतों के बड़े हिस्से मॉनसून के दौरान गिर चुके हैं, जबकि आज भी ये इमारतें खतरा बनकर खड़ी हैं।
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नारायणगढ़ में यह है स्थिति
नारायणगढ़ में भी कईं बिल्डिंग ऐसी हैं, जिनको नपा के अनुसार तोड़ा जाना है, क्योंकि यह खतरा बनी हुई हैं। इनमें पुरानी तहसील पुराना अस्पताल, अस्पताल के रेजिडेंट्स क्वार्टर, पशुपालन विभाग की बिल्डिंग सहित मेन बाजार की करीब चार इमारतें ऐसी हैं, जो नगरपालिका नारायणगढ़ के अनुसार खतरनाक हैं। यदि बारिश में कोई बिल्डिंग गिरती है तो अधिकारियों अथवा आम जनता की जान पर खतरा है। नगरपालिका नारायणगढ़ के एमई रणबीर सिंह का कहना है कि कुछ पुरानी इमारतों को तोड़ा गया है, जबकि अन्य को नोटिस दिया गया है।
यह कहते हैं लोग
कैंट के रहने वाले आनंद मोहन शुक्ला, स्नेहपाल धीमान, पंकज शर्मा, शेखर का कहना है कि पुरानी और जर्जर हो चुकी इमारतों की ओर नगर निगम को ध्यान देना चाहिए। मॉनसून सीजन में यह कभी भी खतरा बन सकती हैं। पहले भी हादसे हुए हैं, लेकिन यह सौभाग्य रहा कि बड़ा नुकसान नहीं हुआ। निगम इस ओर भी देखे कि यह इमारतें बाजारों में हैं और कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है।
जर्जर इमारतों को लेकर निगम कार्रवाई करता है। इस बारे में अधिकारियों से बातचीत कर देखते हैं कि कितनी इमारतें खतरनाक हैं। यदि कहीं पर खतरा दिखता है तो इस पर कार्रवाई की जाएगी, ताकि मॉनसून सीजन में कोई बड़ा हादसा न हो।
- धर्मवीर सिंह, आयुक्त नगर निगम अंबाला
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। मॉनसून का सीजन शुरू हो चुका है, जबकि अंग्रेजों के जमाने की बनी दशकों पुरानी इमारतें खतरा बनकर बाजारों में खड़ी हैं। यह अब लगभग जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं, लेकिन नगर निगम की लापरवाही कभी भी लोगों की जान के लिए खतरा बन सकती हैं। यह स्थिति कई सालों से है, लेकिन निगम इस इनको लेकर कोई ठोक कार्रवाई नहीं की है।
अंबाला में करीब बीस ऐसी इमारते हैं जो मॉनसून में कभी भी आम जनता के लिए खतरा बन सकती हैं। यह वे इमारतें हैं, जो दशकों पहले बनाई गई थीं। आज इन इमारतों की स्थिति ऐसी हैं कि यह काफी जर्जर हो चुकी है। अंबाला कैंट में कच्चा बाजार, बजाजा बाजार, चौड़ा बाजार, हलवाई बाजार चौक, सब्जी मंडी का क्षेत्र ऐसा है जहां पर इस तरह की इमारतें देखी जा सकती हैं। इसी तरह अंबाला सिटी की बात करें तो यहां पर कलाल माजरी, छोटा बाजार, काजीवाड़ा, दर्जियां वाली गली, खत्तरवाड़ा, हिसार रोड, डॉ. नागी वाली गली, पटेल रोड, जैन मंदिर, जैन बाजार में इस तरह की इमारतें देखी जा सकती हैं।
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बरसात में बढ़ जाता है खतरा
बरसात में इन इमारतों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। खास बात यह है कि इन इमारतों के आसपास रिहायशी व कमर्शियल इलाका है, जहां पर रोजाना हजारों की संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। अंबाला कैंट में कई बार ऐसी इमारतों के बड़े हिस्से मॉनसून के दौरान गिर चुके हैं, जबकि आज भी ये इमारतें खतरा बनकर खड़ी हैं।
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नारायणगढ़ में यह है स्थिति
नारायणगढ़ में भी कईं बिल्डिंग ऐसी हैं, जिनको नपा के अनुसार तोड़ा जाना है, क्योंकि यह खतरा बनी हुई हैं। इनमें पुरानी तहसील पुराना अस्पताल, अस्पताल के रेजिडेंट्स क्वार्टर, पशुपालन विभाग की बिल्डिंग सहित मेन बाजार की करीब चार इमारतें ऐसी हैं, जो नगरपालिका नारायणगढ़ के अनुसार खतरनाक हैं। यदि बारिश में कोई बिल्डिंग गिरती है तो अधिकारियों अथवा आम जनता की जान पर खतरा है। नगरपालिका नारायणगढ़ के एमई रणबीर सिंह का कहना है कि कुछ पुरानी इमारतों को तोड़ा गया है, जबकि अन्य को नोटिस दिया गया है।
यह कहते हैं लोग
कैंट के रहने वाले आनंद मोहन शुक्ला, स्नेहपाल धीमान, पंकज शर्मा, शेखर का कहना है कि पुरानी और जर्जर हो चुकी इमारतों की ओर नगर निगम को ध्यान देना चाहिए। मॉनसून सीजन में यह कभी भी खतरा बन सकती हैं। पहले भी हादसे हुए हैं, लेकिन यह सौभाग्य रहा कि बड़ा नुकसान नहीं हुआ। निगम इस ओर भी देखे कि यह इमारतें बाजारों में हैं और कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है।
जर्जर इमारतों को लेकर निगम कार्रवाई करता है। इस बारे में अधिकारियों से बातचीत कर देखते हैं कि कितनी इमारतें खतरनाक हैं। यदि कहीं पर खतरा दिखता है तो इस पर कार्रवाई की जाएगी, ताकि मॉनसून सीजन में कोई बड़ा हादसा न हो।
- धर्मवीर सिंह, आयुक्त नगर निगम अंबाला