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- कुर्बानी गैंग का मेंबर नरेश अंबाला सेशन कोर्ट से जमानत पर रिहा
Updated Tue, 14 Nov 2017 01:20 AM IST
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कुर्बानी गैंग का सदस्य नरेश अंबाला सेशन कोर्ट से जमानत पर रिहा
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
डेरा प्रमुख को सजा के विरोध में समर्थकों द्वारा बनाए कुर्बानी गैंग द्वारा देशद्रोह, सरकार के खिलाफ विद्रोह और शांति भंग करने के मामले में आरोपी बब्याल निवासी नरेश कुमार को सेशन जज विक्रम अग्रवाल की अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया। अदालत ने आरोपी नरेश कुमार को एक लाख के मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए, साथ ही आदेश में अदालत ने यह शर्त रखी कि नरेश कुमार बिना अदालत की इजाजत के देश से बाहर नहीं जाएगा। अदालत में आरोपी नरेश कुमार के बचाव में अधिवक्ता तरुन दत्ता पेश हुए।
अधिवक्ता तरुन दत्ता ने अदालत को बताया कि पुलिस ने नरेश पर देशद्रोह और सरकार के विरुद्ध विद्रोह करने का संगीन इल्जाम लगाया है, जबकि पुलिस द्वारा जो फाइनल रिपोर्ट अदालत में दाखिल की गई है, उसमें कहीं भी आरोपी नरेश कुमार के खिलाफ पुलिस ऐसे सबूत देने में नाकाम रही है। जिससे उसपर लगे देशद्रोह जैसे संगीन अपराध सिद्ध किए जा सकें। उन्होंने कहा कि 25 अगस्त को पंचकूला में हिंसा भड़की जिसमें करीब 40 लोगों की जान चली गई, जबकि आरोपी नरेश कुमार को अंबाला से गिरफ्तार किया गया और पुलिस द्वारा 25 अगस्त से पहले से ही शक के आधार पर आरोपियों की मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल पर पैनी नजर रख रही थी और वह किससे कब क्या बात कर रहे हैं, उसकी सारी डिटेल भी पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट के साथ अदालत में दाखिल की। दत्ता ने कहा कि पुलिस की फाइनल रिपोर्ट में एक भी ऐसा सबूत या दस्तावेज नहीं है, जिससे साबित किया जा सके कि आरोपी नरेश कुमार 25 अगस्त को पंचकूला गया हो या उसने अंबाला में कहीं दंगा भड़काने की कोशिश की हो। अदालत ने बचाव पक्ष व पुलिस दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी नरेश कुमार को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
डेरा प्रमुख को सजा के विरोध में समर्थकों द्वारा बनाए कुर्बानी गैंग द्वारा देशद्रोह, सरकार के खिलाफ विद्रोह और शांति भंग करने के मामले में आरोपी बब्याल निवासी नरेश कुमार को सेशन जज विक्रम अग्रवाल की अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया। अदालत ने आरोपी नरेश कुमार को एक लाख के मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए, साथ ही आदेश में अदालत ने यह शर्त रखी कि नरेश कुमार बिना अदालत की इजाजत के देश से बाहर नहीं जाएगा। अदालत में आरोपी नरेश कुमार के बचाव में अधिवक्ता तरुन दत्ता पेश हुए।
अधिवक्ता तरुन दत्ता ने अदालत को बताया कि पुलिस ने नरेश पर देशद्रोह और सरकार के विरुद्ध विद्रोह करने का संगीन इल्जाम लगाया है, जबकि पुलिस द्वारा जो फाइनल रिपोर्ट अदालत में दाखिल की गई है, उसमें कहीं भी आरोपी नरेश कुमार के खिलाफ पुलिस ऐसे सबूत देने में नाकाम रही है। जिससे उसपर लगे देशद्रोह जैसे संगीन अपराध सिद्ध किए जा सकें। उन्होंने कहा कि 25 अगस्त को पंचकूला में हिंसा भड़की जिसमें करीब 40 लोगों की जान चली गई, जबकि आरोपी नरेश कुमार को अंबाला से गिरफ्तार किया गया और पुलिस द्वारा 25 अगस्त से पहले से ही शक के आधार पर आरोपियों की मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल पर पैनी नजर रख रही थी और वह किससे कब क्या बात कर रहे हैं, उसकी सारी डिटेल भी पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट के साथ अदालत में दाखिल की। दत्ता ने कहा कि पुलिस की फाइनल रिपोर्ट में एक भी ऐसा सबूत या दस्तावेज नहीं है, जिससे साबित किया जा सके कि आरोपी नरेश कुमार 25 अगस्त को पंचकूला गया हो या उसने अंबाला में कहीं दंगा भड़काने की कोशिश की हो। अदालत ने बचाव पक्ष व पुलिस दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी नरेश कुमार को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।
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