फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   तो अंबाला बनेगा इंडस्ट्रियल हब!

तो अंबाला बनेगा इंडस्ट्रियल हब!

Mon, 26 Jun 2017 11:47 PM IST
Updated Mon, 26 Jun 2017 11:47 PM IST
विज्ञापन
तो अंबाला बनेगा इंडस्ट्रियल हब!
इंडिस्ट्रयल हब के तौर पर विकसित होगा अंबाला
विज्ञापन

अंबाला कैंट। भविष्य में दिल्ली के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए अंबाला को इंडस्ट्रियल हब के तौर पर विकसित करने की योजना है। विभिन्न राज्यों व शहरों को लगती सीमाओं के कारण अंबाला एक केंद्र बिंदु पर है। इस वजह से यहां बड़ी इंडस्ट्री की अपार संभावनाएं हैं। आने वाले मानसून सत्र में सांसद रतन लाल कटारिया इस मुद्दे को संसद में पूरी जोरशोर से उठाने की तैयारी में है। प्रदेश में सीएम मनोहर लाल खट्टर को योजना की जानकारी दी जा चुकी है। सांसद की मानें तो जीएसटी लागू होने के बाद खड़ी होने वाली नई व्यवस्था में अंबाला की भूमिका पहले से काफी ज्यादा बढ़ जाएगी। उत्तर भारत के छह राज्यों को यहां इंडस्ट्रियल हब बनने का लाभ मिलेगा।
हिमाचल प्रदेश व पंजाब की सीमा पर लगते और केंद्र शासित चंडीगढ़ से सटे अंबाला को विकसित करने के लिए इंडस्ट्रियल हब बनाने की योजना है। पटियाला, चंडीगढ़, पंचकूला, कुरुक्षेत्र व यमुनानगर जैसे शहरों से अंबाला महज 50 किलोमीटर की दूरी पर है और सबसे बड़ी बात यह है कि यह सभी शहरों का केंद्र बिंदु भी है। अंबाला में बड़ी इंडस्ट्री लगती है तो इसका सीधा लाभ पास लगते अन्य शहरों को भी निश्चित तौर पर मिलेगा। इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश की सीमा भी अंबाला से करीब 55 किलोमीटर दूर है। यहां परिवहन की भी बेहतर सुविधाएं हैं और हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, पंजाब व उत्तर प्रदेश आने-जाने के लिए अंबाला से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
विज्ञापन


2022 के बाद दिल्ली में जगह नहीं : कटारिया
सांसद रतन लाल कटारिया ने कहा कि दिल्ली में में 2022 तक जनसंख्या का दबाव इतना बढ़ जाएगा कि वहां पर कोई जगह उपलब्ध नहीं होगी। ऐसे में अंबाला को दिल्ली का दबाव कम करने के लिए इंडस्ट्रियल हब के तौर पर विकसित किया जा सकता है। इस पूरी योजना को तैयार किया गया है, जिस पर चर्चा की गई है। अंबाला पांच-छह राज्यों के लिए हब बन सकता है। मामले की विस्तृत जानकारी सीएम खट्टर को दी जा चुकी है। आगामी मानसून सत्र में संसद में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री व अन्य से भी मामले को लेकर चर्चा होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


काउंटर मैगनेट योजना में भी शामिल अंबाला
गौरतलब है वर्ष 2009 में अंबाला को दिल्ली में बढ़ती जनसंख्या का दबाव कम करने के लिए काउंटर मैगनेट योजना के तहत चुना गया था। योजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड ने अंबाला में उद्योग की आभार संभावनाएं तलाशी ली थीं। दिल्ली से अंबाला 200 किलोमीटर दूरी पर स्थिति है। रेल व सड़क परिवहन सुविधा बेहतर होने की वजह से तीन से चार घंटे में यह दूरी तय की जा सकती है। सरकार ने मैगनेट योजना तो आरंभ की थी, मगर इसका सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं हुआ जिस वजह से अब तक अंबाला इंडस्ट्री के तौर पर विकसित नहीं हुआ है।

पूर्व की बड़ी योजनाएं जो नहीं हुईं पूरी
- पंजोखरा में आईएमटी लगाने के लिए जद्दोजहद हुई, मगर अंत में सरकार को उन किसानों के आगे झुकना पड़ा जिनकी जमीन आईएमटी के लिए एक्वायर की गई थी। योजना रद्द की गई।
- साहा स्थित एचएसआईआईडीसी में वर्ष 2013 में सौ करोड़ की लागत से टेक्नोलॉजी पार्क बनाने के लिए पूर्व सीएम हुड्डा व पूर्व केंद्रीय मंत्री सैलजा द्वारा शिलान्यास तक किया गया था। मगर आज तक यहां एक ईंट तक नहीं लगी।


अब तक अंबाला में यह बड़े उद्योग
- लघु साइंस उद्योग की वजह से अंबाला कैंट को पहचान मिली है। दो हजार से ज्यादा छोटी-बड़ी साइंस इकाइयां यहां पर स्थित हैं। टर्न ओवर डेढ़ करोड़ से ज्यादा। मगर यह उद्योग आज प्रतिस्पर्धा की दौड़ में पिछड़ रहा है।
- सिटी में होलसेल कपड़ा उद्योग है। यहां एक हजार से ज्यादा दुकानें है जिनका टर्न ओवर पांच सौ करोड़ से अधिक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed