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- प्रशासन के तमाम दावे सिर्फ कागजी व हवा हवाई साबित
Updated Wed, 13 Dec 2017 01:06 AM IST
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टंगैल नंदीशाला : खुले आसमान के तले पशु, छह गोवंश की मौत, दर्जनों बीमार
अमर उजाला ब्यूरो
मुलाना।
टंगैल नंदीशाला में सर्द मौसम में खुले आसमान के नीचे रह रहे पशुओं में से छह गोवंश की मौत हो चुकी है। वहीं कई पशु बीमार हैं। बारिश और ठंड के बीच इस नंदीशाला में पशुओं की जान आफत में आ चुकी है, जबकि दावा किया जा रहा है कि अब तक करीब 210 गौवंशों की मौत हो चुकी है। सोमवार रात बारिश में भीगने से ठंड की चपेट में आए 6 गोवंश की मौत हुई है, जबकि लगभग एक दर्जन बुखार की चपेट में है।
यह है मामला
जिला प्रशासन ने लावारिस पशुओं को इस नंदीशाला में रखने की योजना बनाई थी। लेकिन धीरे-धीरे नंदीशाला में इतने पशु हो गए कि नंदीशाला कमेटी के हाथपांव फूल गए। इसी बीच कमेटी ने कई बार प्रशासन को व्यवस्थाएं देने के लिए कहा। एक बार तो नंदीशाला कमेटी ने अधूरे संसाधनों का हवाला देते हुए अपने हाथ खड़े कर दिए और इसे चलाने में असमर्थता जताते हुए इसकी चाबी भी प्रशासन को सौंप दी। इसके बाद प्रशासन ने आनन-फानन में गांव के सरपंचों से मीटिंग कर कुछ फंड तो एकत्रित किया, लेकिन यह भी नाकाफी रहा, जबकि शैड बनाने का भी आश्वासन दिया। इसके बाद नंदीशाला में दूसरे शैड का निर्माण भी हुआ, लेकिन अभी भी आधे से ज्यादा पशु खुले आसमान तले कड़कड़ाती ठंड में रहते हैं। कमेटी सदस्यों ने नंदीशाला में लगभग चार जगह तिरपाल लगाकर गोवंश को ठंड से बचाने की कोशिश की है, लेकिन वह नाकाफी साबित हो रही है।
सोमवार रात बारिश में भीगने से ठंड की चपेट में आए छह गोवंश की मौत हुई है, जबकि लगभग एक दर्जन बुखार की चपेट में है। जब से नंदीशाला बनी है, तब से अब तक करीब 210 गौवंश की मौत हो चुकी है। यदि शैड सहित अन्य सुविधाएं नंदीशाला में जल्द मुुुुहैया न कराई गई, तो हालात खराब हो सकते हैैं। - मनदीप सिंह बोपाराय, टंगैल नंदीशाला, कमेटी प्रधान
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नंदीशाला में हालातों को सुधारा जा रहा है। जल्द ही तीसरे शैड का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम अंबाला से बातचीत की जा रही है, जबकि अन्य फंड की मदद से नंदीशाला में सभी सुविधाओं का बंदोबस्त कर दिया जाएगा। - गिरीश कुमार, एसडीएम बराड़ा
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अमर उजाला ब्यूरो
मुलाना।
टंगैल नंदीशाला में सर्द मौसम में खुले आसमान के नीचे रह रहे पशुओं में से छह गोवंश की मौत हो चुकी है। वहीं कई पशु बीमार हैं। बारिश और ठंड के बीच इस नंदीशाला में पशुओं की जान आफत में आ चुकी है, जबकि दावा किया जा रहा है कि अब तक करीब 210 गौवंशों की मौत हो चुकी है। सोमवार रात बारिश में भीगने से ठंड की चपेट में आए 6 गोवंश की मौत हुई है, जबकि लगभग एक दर्जन बुखार की चपेट में है।
यह है मामला
जिला प्रशासन ने लावारिस पशुओं को इस नंदीशाला में रखने की योजना बनाई थी। लेकिन धीरे-धीरे नंदीशाला में इतने पशु हो गए कि नंदीशाला कमेटी के हाथपांव फूल गए। इसी बीच कमेटी ने कई बार प्रशासन को व्यवस्थाएं देने के लिए कहा। एक बार तो नंदीशाला कमेटी ने अधूरे संसाधनों का हवाला देते हुए अपने हाथ खड़े कर दिए और इसे चलाने में असमर्थता जताते हुए इसकी चाबी भी प्रशासन को सौंप दी। इसके बाद प्रशासन ने आनन-फानन में गांव के सरपंचों से मीटिंग कर कुछ फंड तो एकत्रित किया, लेकिन यह भी नाकाफी रहा, जबकि शैड बनाने का भी आश्वासन दिया। इसके बाद नंदीशाला में दूसरे शैड का निर्माण भी हुआ, लेकिन अभी भी आधे से ज्यादा पशु खुले आसमान तले कड़कड़ाती ठंड में रहते हैं। कमेटी सदस्यों ने नंदीशाला में लगभग चार जगह तिरपाल लगाकर गोवंश को ठंड से बचाने की कोशिश की है, लेकिन वह नाकाफी साबित हो रही है।
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सोमवार रात बारिश में भीगने से ठंड की चपेट में आए छह गोवंश की मौत हुई है, जबकि लगभग एक दर्जन बुखार की चपेट में है। जब से नंदीशाला बनी है, तब से अब तक करीब 210 गौवंश की मौत हो चुकी है। यदि शैड सहित अन्य सुविधाएं नंदीशाला में जल्द मुुुुहैया न कराई गई, तो हालात खराब हो सकते हैैं। - मनदीप सिंह बोपाराय, टंगैल नंदीशाला, कमेटी प्रधान
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नंदीशाला में हालातों को सुधारा जा रहा है। जल्द ही तीसरे शैड का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम अंबाला से बातचीत की जा रही है, जबकि अन्य फंड की मदद से नंदीशाला में सभी सुविधाओं का बंदोबस्त कर दिया जाएगा। - गिरीश कुमार, एसडीएम बराड़ा