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- डाक्टरों द्वारा दवाओं के साथ-साथ किसी न किसी रूप में योग को अपनाने की सलाह दे रहे हैं
Updated Mon, 19 Jun 2017 12:21 AM IST
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दवाओं के साथ अब योग का ट्रीटमेंट भी
अंबाला कैंट। योग के प्रति अब चिकित्सकों का रुझान भी होने लगा है। दवाओं के साथ-साथ योग की सलाह भी डॉक्टर अब अपने मरीजों को देने लगे हैं। योग का क्रेज अब ऐसा होने लगा है कि मरीज भी अब नियमित रूप से योग का सहारा ले रहे हैं। चिकित्सक खुद मानते हैं कि दवा के साथ-साथ यदि योग को अपनाया जाए, तो बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। जिला अंबाला में चिकित्सकों ने अब दवाओं के साथ-साथ योग को भी शामिल कर लिया है। इन चिकित्सकों की मानें, तो योग के सहारे लोगों को स्वस्थ रखने में काफी फायदा हो रहा है, जबकि दवाओं के जरिये जल्द ही बीमारी पर काबू पा लिया जाता है। ऐसे में कई लोगों ने अपनी दिनचर्या में योग को शामिल किया है, जिसके कारण काफी लाभ मिला है। दूसरी ओर फिजियोथेपेरिस्ट भी अब मशीनों और दवाओं से इलाज के साथ-साथ योग को भी शामिल कर रहे हैं। खासकर उन मरीजों को योग की सलाह दी जा रही है, जो क्रोनिक बीमारियों से पीड़ित हैं।
करीब चालीस प्रतिशत मरीज योग के सहारे
डॉक्टरों और फिजियोथेरेपिस्ट की मानें, तो उनके क्लीनिक अथवा अस्पताल में आने वाले करीब चालीस प्रतिशत मरीज योग के सहारे अपने को फिट रखे हैं। इनमें 40 से अधिक आयु वर्ग के मरीज हैं, जबकि लगभग 10 प्रतिशत युवा वर्ग ऐसा है, जो दवाओं के साथ-साथ योग को भी अपना रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि इन मरीजों में सरवाइकल, जोड़ों का दर्द, हार्ट पेशेंट, एक्सीडेंट के बाद शारीरिक दर्द, वृद्धावस्था के कारण होने वाले रोग, मोटापा, शूगर आदि से पीड़ित शामिल हैं।
क्लीनिक में युवा अवस्था से लेकर वृद्धावस्था तक के मरीज आते हैं। इनको मशीनों के सहारे तो इलाज दिया जाता है साथ ही योग करने की भी सलाह दी जाती है। हर बीमारी में अलग से आसन बताए जाते हैं, जिसके जरिये मरीजों को काफी फायदा हुआ है।
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- डॅा. मिलन दास, फिजियोथेरेपिस्ट
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अंबाला कैंट। योग के प्रति अब चिकित्सकों का रुझान भी होने लगा है। दवाओं के साथ-साथ योग की सलाह भी डॉक्टर अब अपने मरीजों को देने लगे हैं। योग का क्रेज अब ऐसा होने लगा है कि मरीज भी अब नियमित रूप से योग का सहारा ले रहे हैं। चिकित्सक खुद मानते हैं कि दवा के साथ-साथ यदि योग को अपनाया जाए, तो बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। जिला अंबाला में चिकित्सकों ने अब दवाओं के साथ-साथ योग को भी शामिल कर लिया है। इन चिकित्सकों की मानें, तो योग के सहारे लोगों को स्वस्थ रखने में काफी फायदा हो रहा है, जबकि दवाओं के जरिये जल्द ही बीमारी पर काबू पा लिया जाता है। ऐसे में कई लोगों ने अपनी दिनचर्या में योग को शामिल किया है, जिसके कारण काफी लाभ मिला है। दूसरी ओर फिजियोथेपेरिस्ट भी अब मशीनों और दवाओं से इलाज के साथ-साथ योग को भी शामिल कर रहे हैं। खासकर उन मरीजों को योग की सलाह दी जा रही है, जो क्रोनिक बीमारियों से पीड़ित हैं।
करीब चालीस प्रतिशत मरीज योग के सहारे
डॉक्टरों और फिजियोथेरेपिस्ट की मानें, तो उनके क्लीनिक अथवा अस्पताल में आने वाले करीब चालीस प्रतिशत मरीज योग के सहारे अपने को फिट रखे हैं। इनमें 40 से अधिक आयु वर्ग के मरीज हैं, जबकि लगभग 10 प्रतिशत युवा वर्ग ऐसा है, जो दवाओं के साथ-साथ योग को भी अपना रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि इन मरीजों में सरवाइकल, जोड़ों का दर्द, हार्ट पेशेंट, एक्सीडेंट के बाद शारीरिक दर्द, वृद्धावस्था के कारण होने वाले रोग, मोटापा, शूगर आदि से पीड़ित शामिल हैं।
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क्लीनिक में युवा अवस्था से लेकर वृद्धावस्था तक के मरीज आते हैं। इनको मशीनों के सहारे तो इलाज दिया जाता है साथ ही योग करने की भी सलाह दी जाती है। हर बीमारी में अलग से आसन बताए जाते हैं, जिसके जरिये मरीजों को काफी फायदा हुआ है।
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- डॅा. मिलन दास, फिजियोथेरेपिस्ट