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स्वच्छता रैकिंग में अंबाला की 13 पायदान पर छलांग
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अंबाला सिटी। स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 में अंबाला ने पिछले प्रदर्शन के मुकाबले 13 पायदान छलांग लगाते हुए देशभर में 146वां स्थान हासिल किया है। इसी वर्ष जनवरी-फरवरी माह में यह सर्वेक्षण किया गया था जिसमें जिले का प्रदर्शन बीते वर्ष के मुकाबले सुधरा है। वर्ष 2018 में अंबाला का ओवरऑल रैंक 159 था जबकि इससे पहले वर्ष 2017 में यह रैंक 308 था।
बेशक अंबाला ने इस बार 13 पायदान छलांग लगाई है। मगर तुलना बीते वर्ष से करें तो पहले अंबाला 308 से सीधे 159वें रैंक पर आया था। मगर अब महज 13 पायदान की ऊपर चढ़ सका है। निगम अधिकारी रैकिंग में सुधार की खुशियां मना रहे हैं, मगर हकीकत यह है कि बीते वर्ष अंबाला ने 149 पायदान छलांग लगाई थी जबकि इस वर्ष यह महज 13 पायदान रह गई है। बीते वर्ष तो निगम अधिकारियों ने जोरदार छलांग लगाने पर यह तक दावा कर दिया था कि 2019 में अंबाला को प्रथम सौ रैंक में लाया गया। मगर यह लक्ष्य हासिल नहीं हो सका है। सरकार द्वारा बुधवार को स्वच्छता सर्वेक्षण का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। देशभर में अंबाला को ओवरऑल 146वां रैंक मिला है। अंबाला को कुल 2628.56 अंक मिल हैं। बेशक इस बार रैंक में सुधार है, मगर लक्ष्य प्रथम सौ में आने का था। वहीं प्रदेश की बात करें तो अंबाला को पांचवां स्थान मिला है।
मिशन ओए के तहत हुआ था रैकिंग में सुधार
वर्ष 2017 में अंबाला का रैंक 308 आने के बाद वर्ष 2017 में अंबाला नगर निगम द्वारा सफाई के लिए मिशन ओए की शुरूआत की गई थी। इस मिशन के तहत जबरदस्त कार्य हुआ और कूड़े की छंटाई से लेकर घर-घर से कूड़ा उठाया गया। कूड़ा निपटाने के लिए डंपिंग स्टेशन बनाए गए व अन्य कार्य भी किए गए। इसी वजह से जब 2018 में सर्वेक्षण हुआ तो रैंक 159 आया था, यानि अंबाला ने 149 पायदान की जबरदस्त छलांग लगाई थी। यदि निगम इसी क्रम को बरकरार रखता तो अंबाला का रैंक इस बार प्रथम सौ में अवश्य आता। मगर बीते वर्ष निगम की सफाई को लेकर ढुलमुल कार्यप्रणाली रही। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना ठप हो गई, वहीं गीले-सूखे कूड़े की छटाई भी ठप हो गई। साथ ही कूड़ा निपटान के लिए पटवी प्लांट भी अब तक नहीं चल सका। इस कारण अंबाला की रैकिंग में इस वर्ष ज्यादा सुधार नहीं हो सका है।
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बेशक अंबाला ने इस बार 13 पायदान छलांग लगाई है। मगर तुलना बीते वर्ष से करें तो पहले अंबाला 308 से सीधे 159वें रैंक पर आया था। मगर अब महज 13 पायदान की ऊपर चढ़ सका है। निगम अधिकारी रैकिंग में सुधार की खुशियां मना रहे हैं, मगर हकीकत यह है कि बीते वर्ष अंबाला ने 149 पायदान छलांग लगाई थी जबकि इस वर्ष यह महज 13 पायदान रह गई है। बीते वर्ष तो निगम अधिकारियों ने जोरदार छलांग लगाने पर यह तक दावा कर दिया था कि 2019 में अंबाला को प्रथम सौ रैंक में लाया गया। मगर यह लक्ष्य हासिल नहीं हो सका है। सरकार द्वारा बुधवार को स्वच्छता सर्वेक्षण का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। देशभर में अंबाला को ओवरऑल 146वां रैंक मिला है। अंबाला को कुल 2628.56 अंक मिल हैं। बेशक इस बार रैंक में सुधार है, मगर लक्ष्य प्रथम सौ में आने का था। वहीं प्रदेश की बात करें तो अंबाला को पांचवां स्थान मिला है।
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मिशन ओए के तहत हुआ था रैकिंग में सुधार
वर्ष 2017 में अंबाला का रैंक 308 आने के बाद वर्ष 2017 में अंबाला नगर निगम द्वारा सफाई के लिए मिशन ओए की शुरूआत की गई थी। इस मिशन के तहत जबरदस्त कार्य हुआ और कूड़े की छंटाई से लेकर घर-घर से कूड़ा उठाया गया। कूड़ा निपटाने के लिए डंपिंग स्टेशन बनाए गए व अन्य कार्य भी किए गए। इसी वजह से जब 2018 में सर्वेक्षण हुआ तो रैंक 159 आया था, यानि अंबाला ने 149 पायदान की जबरदस्त छलांग लगाई थी। यदि निगम इसी क्रम को बरकरार रखता तो अंबाला का रैंक इस बार प्रथम सौ में अवश्य आता। मगर बीते वर्ष निगम की सफाई को लेकर ढुलमुल कार्यप्रणाली रही। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना ठप हो गई, वहीं गीले-सूखे कूड़े की छटाई भी ठप हो गई। साथ ही कूड़ा निपटान के लिए पटवी प्लांट भी अब तक नहीं चल सका। इस कारण अंबाला की रैकिंग में इस वर्ष ज्यादा सुधार नहीं हो सका है।
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