{"_id":"5b771ec042c792466408bbd9","slug":"181534533312-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंडक्टर की मौत पर भड़के रोडवेज कर्मी, अंबाला डिपो बंद कर किया चक्का जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंडक्टर की मौत पर भड़के रोडवेज कर्मी, अंबाला डिपो बंद कर किया चक्का जाम
Updated Sat, 18 Aug 2018 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिचालक की मौत पर बिफरे रोडवेज कर्मी, चक्का जाम कर नारेबाजी की
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। रोडवेज अंबाला डिपो की जीएम मीनाक्षी दहिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर शुक्रवार को डिपो में रोडवेज वर्कर यूनियन संबंधित सर्व कर्मचारी संघ के सदस्यों ने चक्का जाम करते हुुए अधिकारियों व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान रोडवेज कर्मचारी डिपो के गेट पर बैठ गए और उन्होंने एक भी बस को डिपो से बाहर नहीं निकलने दिया। इस दौरान जो बसें गत दिवस से रूट पर थी वह भी शुक्रवार को डिपो में अंदर नहीं आने दी गई।
यूनियन अपनी कई मांगों को लेकर करीब 53 दिनों से डिपो के बाहर आंदोलन कर रही है। यूनियन के सचिव महावीर पाई ने बताया कि उनकी यूनियन का सदस्य जींद निवासी 45 वर्षीय जय भगवान अंबाला डिपो में परिचालक के पद कार्यरत था। उसकी तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। यूनियन ने इस मामले में सीधे तौर पर जीएम मीनाक्षी दहिया व अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों द्वारा प्रताड़ना के कारण ही मानसिक तनाव के चलते जयभगवान की मौत हुई हैै। इसी के विरोध में चक्का जाम किया गया है। यूनियन नेताओं ने कहा कि इस मामले में जीएम पर केस दर्ज किया जाए, पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए व पीड़ित के परिवार से किसी सदस्य को नौकरी दी जाए। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होगी, तब चक्का जाम जारी रहेगा। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि जीएम द्वारा कर्मचारियों के घर पर फोन करके व डाक द्वारा कार्रवाई करने के पत्र भेजकर धमकाया जा रहा है। कर्मचारियों के उग्र आंदोलन को देखते हुए यूनियन के शीर्ष नेताओं की बैठक चंडीगढ़ में शुक्रवार दोपहर को बाद बुलाई गई है।
पीड़ित परिवार को मिलेगा आठ लाख रुपये का मुआवजा
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन संबधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा द्वारा रोडवेज परिचालक जयभगवान की मौत के रोष स्वरूप डिपो में शुक्रवार सुबह तीन बजे से चक्का जाम किया गया। यूनियन की राज्य कमेटी धरने पर पहुंची और कर्मचारियों के रोष को देखते हुए अंबाला प्रशासन ने मध्यस्थता करते हुए जीएम अंबाला को कर्मचारी नेताओं से बातचीत करने को कहा इसके बाद जीएम के बुलावे पर राज्य प्रधान इंद्र सिंह बधाना, राज्य महासचिव सरबत सिंह पुनिया, वरिष्ठ उप प्रधान नरेंद्र दिनोद, मुख्य संगठनकर्ता धर्मबीर सिंह हुड्डा, राज्य उप प्रधान राजकुमार दलाल, जसबीर सिंह राज्य सचिव, राजपाल, प्रदीप शर्मा, बिजेंद्र अहलावत, प्रेस प्रवक्ता श्रवण कुमार जांगड़ा चंडीगढ़ के प्रधान बलबीर जाखड़, सर्व कर्मचारी संघ अंबाला के जिला प्रधान रामगोपाल व प्रशासन की ओर से ज्वाइंट कमिश्नर गगनदीप सिंह, डीएसपी अजित कुमार, डीएसपी मदन लाल, एएचओ रजनीश कुमार व जीएम मीनाक्षी दहिया शामिल हुई।
विज्ञापन
राज्य कमेटी के सभी नेता राज्य प्रधान इंद्र सिंह बधाना के नेतृत्व में बातचीत में शामिल हुए। मुख्यालय की ओर से एडीजी विरेंद्र सिंह दहिया की अध्यक्षता में दो दौर की बातचीत हुई, जिसमें एडीजी विरेंद्र दहिया की ओर से आश्वासन दिया गया कि मृतक कर्मचारी जयभगवान के परिवार को आठ लाख रुपये मुआवजा आगामी 31 अगस्त तक दिया जाएगा। धरने में शामिल होने वाले सभी कर्मचारियों की लिव काईड ऑफ ड्यू मंजूर की जाएगी व सस्पेंड किए गए कर्मचारी नेताओं को बहाल करके अंबाला मुख्यालय में वापस रखा जाएगा। राज्य सचिव रणबीर मालिक व सत्यपाल राणा, केंद्रीय कमेटी सदस्य राजकुमार नेपेवाला, कैथल डिपो के प्रधान कृष्ण गुलियाना, रिटायर कर्मचारी संघ जिला पानीपत के दिलावर सिंह राठी, पानीपत डिपो के सचिव मुल्तान सिंह, बिजली विभाग से महेश गोयल, पब्लिक हेल्थ के जिला प्रधान रणजीत सिंह व रविंद्र शर्मा ने भी कर्मचरियों को संबोधित किया।
करीब 7 लाख रुपये का नुकसान
एक ओर जहां बसें न चलने से विभाग को आर्थिक नुकसान हुआ है, वहीं दूसरी ओर बसें न चलने के कारण यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बता दें कि अंबाला डिपो में इस समय कुल 163 बसें हैं, जिनमें से करीब 30 बसें मेंटेनेंस के लिए खड़ी हैं। वहीं शुक्रवार को 55 बसें डिपो से बाहर नहीं निकली, जिस वजह से विभाग को करीब 7 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उक्त 55 बसों को कुल्लू, दिल्ली, लुधियाना, हरिद्वार, धर्मशाला, जालंधर, पटियाला, अमृतसर, कटरा रूट पर भेजना था।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। रोडवेज अंबाला डिपो की जीएम मीनाक्षी दहिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर शुक्रवार को डिपो में रोडवेज वर्कर यूनियन संबंधित सर्व कर्मचारी संघ के सदस्यों ने चक्का जाम करते हुुए अधिकारियों व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान रोडवेज कर्मचारी डिपो के गेट पर बैठ गए और उन्होंने एक भी बस को डिपो से बाहर नहीं निकलने दिया। इस दौरान जो बसें गत दिवस से रूट पर थी वह भी शुक्रवार को डिपो में अंदर नहीं आने दी गई।
यूनियन अपनी कई मांगों को लेकर करीब 53 दिनों से डिपो के बाहर आंदोलन कर रही है। यूनियन के सचिव महावीर पाई ने बताया कि उनकी यूनियन का सदस्य जींद निवासी 45 वर्षीय जय भगवान अंबाला डिपो में परिचालक के पद कार्यरत था। उसकी तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। यूनियन ने इस मामले में सीधे तौर पर जीएम मीनाक्षी दहिया व अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों द्वारा प्रताड़ना के कारण ही मानसिक तनाव के चलते जयभगवान की मौत हुई हैै। इसी के विरोध में चक्का जाम किया गया है। यूनियन नेताओं ने कहा कि इस मामले में जीएम पर केस दर्ज किया जाए, पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए व पीड़ित के परिवार से किसी सदस्य को नौकरी दी जाए। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होगी, तब चक्का जाम जारी रहेगा। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि जीएम द्वारा कर्मचारियों के घर पर फोन करके व डाक द्वारा कार्रवाई करने के पत्र भेजकर धमकाया जा रहा है। कर्मचारियों के उग्र आंदोलन को देखते हुए यूनियन के शीर्ष नेताओं की बैठक चंडीगढ़ में शुक्रवार दोपहर को बाद बुलाई गई है।
विज्ञापन
पीड़ित परिवार को मिलेगा आठ लाख रुपये का मुआवजा
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन संबधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा द्वारा रोडवेज परिचालक जयभगवान की मौत के रोष स्वरूप डिपो में शुक्रवार सुबह तीन बजे से चक्का जाम किया गया। यूनियन की राज्य कमेटी धरने पर पहुंची और कर्मचारियों के रोष को देखते हुए अंबाला प्रशासन ने मध्यस्थता करते हुए जीएम अंबाला को कर्मचारी नेताओं से बातचीत करने को कहा इसके बाद जीएम के बुलावे पर राज्य प्रधान इंद्र सिंह बधाना, राज्य महासचिव सरबत सिंह पुनिया, वरिष्ठ उप प्रधान नरेंद्र दिनोद, मुख्य संगठनकर्ता धर्मबीर सिंह हुड्डा, राज्य उप प्रधान राजकुमार दलाल, जसबीर सिंह राज्य सचिव, राजपाल, प्रदीप शर्मा, बिजेंद्र अहलावत, प्रेस प्रवक्ता श्रवण कुमार जांगड़ा चंडीगढ़ के प्रधान बलबीर जाखड़, सर्व कर्मचारी संघ अंबाला के जिला प्रधान रामगोपाल व प्रशासन की ओर से ज्वाइंट कमिश्नर गगनदीप सिंह, डीएसपी अजित कुमार, डीएसपी मदन लाल, एएचओ रजनीश कुमार व जीएम मीनाक्षी दहिया शामिल हुई।
विज्ञापन
राज्य कमेटी के सभी नेता राज्य प्रधान इंद्र सिंह बधाना के नेतृत्व में बातचीत में शामिल हुए। मुख्यालय की ओर से एडीजी विरेंद्र सिंह दहिया की अध्यक्षता में दो दौर की बातचीत हुई, जिसमें एडीजी विरेंद्र दहिया की ओर से आश्वासन दिया गया कि मृतक कर्मचारी जयभगवान के परिवार को आठ लाख रुपये मुआवजा आगामी 31 अगस्त तक दिया जाएगा। धरने में शामिल होने वाले सभी कर्मचारियों की लिव काईड ऑफ ड्यू मंजूर की जाएगी व सस्पेंड किए गए कर्मचारी नेताओं को बहाल करके अंबाला मुख्यालय में वापस रखा जाएगा। राज्य सचिव रणबीर मालिक व सत्यपाल राणा, केंद्रीय कमेटी सदस्य राजकुमार नेपेवाला, कैथल डिपो के प्रधान कृष्ण गुलियाना, रिटायर कर्मचारी संघ जिला पानीपत के दिलावर सिंह राठी, पानीपत डिपो के सचिव मुल्तान सिंह, बिजली विभाग से महेश गोयल, पब्लिक हेल्थ के जिला प्रधान रणजीत सिंह व रविंद्र शर्मा ने भी कर्मचरियों को संबोधित किया।
करीब 7 लाख रुपये का नुकसान
एक ओर जहां बसें न चलने से विभाग को आर्थिक नुकसान हुआ है, वहीं दूसरी ओर बसें न चलने के कारण यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बता दें कि अंबाला डिपो में इस समय कुल 163 बसें हैं, जिनमें से करीब 30 बसें मेंटेनेंस के लिए खड़ी हैं। वहीं शुक्रवार को 55 बसें डिपो से बाहर नहीं निकली, जिस वजह से विभाग को करीब 7 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उक्त 55 बसों को कुल्लू, दिल्ली, लुधियाना, हरिद्वार, धर्मशाला, जालंधर, पटियाला, अमृतसर, कटरा रूट पर भेजना था।