फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   18 new dengue patients confirmed, figure reached 140

डेंगू के 18 नए मरीजों की पुष्टि, 140 पहुंचा आंकड़ा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 12:54 AM IST
विज्ञापन
18 new dengue patients confirmed, figure reached 140
अंबाला शहर के नागरिक अस्प्ताल में संदिग्ध बुखार के मरीज। - फोटो : Ambala
डेंगू व संदिग्ध बुखार से ग्रसित होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। वीरवार को संदिग्ध बुखार से छावनी के 33 वर्षीय रमश कुमार की मौत हो गई। इससे पहले पिछले 10 दिनों में गांव डेयर के 10 वर्षीय बच्चे और शहजादपुर के 75 वर्षीय मित्रपाल की संदिग्ध बुखार से मौत हो चुकी है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने किसी में भी डेंगू की पुष्टि नहीं की है। वहीं, जिले में अभी तक 140 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। 18 नए मरीजों की पुष्टि वीरवार को हुई है।
विज्ञापन

दूसरी ओर प्लेट्लेट्स कम होने वाले मरीज भी जिले में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या के कारण न केवल सरकारी, बल्कि निजी अस्पतालों की स्थिति भी बिगड़ गई है। छावनी नागरिक अस्पताल में हालात यह हैं कि इमरजेंसी वार्ड पूरी तरह से भर चुका है। वार्ड में एक बेड पर दो-दो मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। बेड की कमी के चलते स्ट्रेचर पर भी मरीज उपचार लेने को मजबूर हैं। ऐसी स्थिति केवल कैंट छावनी अस्पताल की ही नहीं बल्कि जिले भर में बने डेंगू वार्ड की है। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग पूरे प्रबंध करने के दावे कर रहा है।
विज्ञापन

कैंट अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की यह रही स्थिति
छावनी नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की स्थिति वीरवार को काफी गंभीर दिखाई दी। यहां हालात ऐसे थे कि एक बेड पर दो-दो मरीजों को उपचार दिया जा रहा था। इनमें 90 प्रतिशत मरीज बुखार से पीड़ित थे। अधिकतर को प्लेट्लेट्स कम होने की शिकायत आ रही थी। यमुनानगर के सढौरा से आए 30 वर्षीय राहुल ने बताया कि उसे बहुत तेज बुखार था। वह कैंट के सिविल अस्पताल आया तो उसे बेड ही नहीं मिला। अब उसे स्ट्रेचर पर ही उपचार दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दो दिन हो गए, नहीं मिला बेड
नारायणगढ़ के लाहा से आए राहुल ने बताया कि उसे सात दिन से बुखार है। वह एक दिन पहले अस्पताल में आए थे। मगर, उन्हें बेड उपलब्ध नहीं हुआ। डॉक्टरों के कहने पर स्ट्रेचर पर ही लेट गया। शुक्रवार को दूसरा दिन है, तब से स्ट्रेचर पर ही उपचार करवा रहा हूं। वहीं दलीपगढ़ से आए सचिन ने बताया कि वह 3 से 4 दिन से बीमार था। तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो अस्पताल आ गया। जब अस्पताल पहुंचे तो बेड ही नहीं मिला। स्ट्रेचर का भी अपने स्तर पर प्रयास कर इंतजाम कराया। तब से स्ट्रेचर पर ही उपचार चल रहा है।
बेड के लिए मारामारी
नारायगणढ़ के किश्नलाल भी बीमार होने के बाद अस्पताल में बेड की तलाश में जुटे रहे। जब बेड की व्यवस्था नहीं हुई तो मजबूरी में स्ट्रेचर पर उपचार शुरू करवाया। वहीं नारायणगढ़ से ही आए मां पूनम व बेटा तिलक भी बुखार से पीड़ित हैं। वे बेड की कमी होने के कारण एक ही बेड पर अपना उपचार करवा रहे हैं। तोपखाना बाजार के अमित ने बताया कि वह पांच दिन से बुखार से पीड़ित है। तीन दिन से अस्पताल में उपचाराधीन है। बेड की कमी होने के कारण उसी बेड पर तंदवाल से आए राजेंद्र के साथ पिछले 6 दिन से उपचार करवा रहा हूं।
जो भी मरीज अस्पताल में आ रहे हैं, उनमें से अधिकतर मरीज घर पर भी ठीक हो सकते हैं। इसीलिए कैंट के पीएमओ को कहा है कि जिन मरीजों की स्थिति ठीक है, उन्हें डिस्चार्ज कर दें। साथ ही मरीजों को अधिक से अधिक पौष्टिक आहार लेने के लिए भी कहा जा रहा है। इससे मरीज जल्द से जल्द ठीक हो सकें।

-कुलदीप सिंह, सीएमओ, अंबाला।

अंबाला छावनी के आइपीडी ब्लॉक में एक बैड पर लिटाये गए संदिग्ध बुखार के दो मरीज राजिंद्र निवासी तंद

अंबाला छावनी के आइपीडी ब्लॉक में एक बैड पर लिटाये गए संदिग्ध बुखार के दो मरीज राजिंद्र निवासी तंद- फोटो : Ambala

अंबाला छावनी के इमरजेंसी वार्ड में स्ट्रेचर पर लेटा बुखार से पीड़ित मरीज किशन लाल।

अंबाला छावनी के इमरजेंसी वार्ड में स्ट्रेचर पर लेटा बुखार से पीड़ित मरीज किशन लाल।- फोटो : Ambala

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed