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खानापूर्ति बनकर रह गई बिजली सभा, नहीं पहुंचे अधिकारी

Tue, 18 Sep 2018 01:16 AM IST
Updated Tue, 18 Sep 2018 01:16 AM IST
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खानापूर्ति बनकर रह गई बिजली सभा, नहीं पहुंचे अधिकारी
मुनीष कुमार
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अंबाला सिटी। नारायणगढ़ रोड पर स्थित बिजली निगम कार्यालय में सोमवार को बिजली सभा का आयोजन किया गया। बिजली सभा में अधिकतर शिकायतें गलत बिल व मीटर रीडिंग को लेकर आई। इस दौरान शिकायत देने आए लोगों ने यह कहकर भी अपनी भड़ास निकाली कि वह अपनी बिजली से संबंधित समस्याओं को लेकर बिजली निगम कार्यालयों में जाते हैं तो वहां मौजूद अधिकारी उनकी सुनवाई नहीं करते और जब बिजली सभा में आकर उच्चाधिकारी से गुहार लगाई जाती है तो वह उन्हीं अधिकारियों को उनकी शिकायत मार्क कर देते हैं। उपभोक्ताओं ने इस दौरान यह तक कह डाला कि क्या बिजली निगम के अधिकारी उच्चाधिकारी के कहने पर ही कार्य करते हैं, उन्हें आमजन की परेशानियों से कोई वास्ता नहीं।
बता दें कि सोमवार को भी बिजली सभा में ऐसी शिकायतें आई जो पहले भी आ चुकी है। इन्हीं समस्याओं का निवारण अब तक नहीं हुआ है। सोमवार सभा में अंबाला कैंट व शहर और आसपास के गांवों के उपभोक्ता समस्याएं लेकर आए। ऐसे में बिजली निगम से संबंधित अधिकारी ही सभा में मौजूद नहीं थे जिस कारण समाधान नहीं हो सका। बिजली सभा में केवल एसई आरके खन्ना के अलावा, एक्सईएन बीएस कंबोज, अंबाला कैंट से एसडीओ व उपभोक्ता शिकायत निवारण समिति के सदस्य जीएल बंसल ही मौजूद रहे। वहीं हैरानी की बात यह भी है कि वहां मौजूद एक अधिकारी ने सोमवार को आने वाली शिकायतों की संख्या मात्र पांच दर्ज की, हालांकि वहां करीब 15 शिकायतें आई।
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ये शिकायतें आई सभा में
1. बस्तीराम बाजार निवासी मनोहर लाल ने बताया कि उनके घर का बिल जीवन राय के नाम पर है। उन्होंने बताया कि उनका बिजली का बिल ज्यादा आ रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार बिजली दफ्तर जाकर अधिकारियों से इसकी शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन कार्रवाई न होने पर बिजली सभा में आना पड़ा।
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2. हलवाई बाजार निवासी भूषण जैन ने बताया कि करीब 8-9 माह पूर्व उसके घर की छत गिर गई थी। उसने बताया कि उस वक्त उसके घर का बिजली बिल 30 हजार रुपये था। भूषण जैन ने बताया कि इसके बाद बिजली का मीटर उतरवा दिया गया, लेकिन उसके बाद अब 40 हजार रुपये बिल आ गया, जबकि मीटर उतरा हुआ है। उन्होंने बताया कि इसकी कई बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं हुआ।
3. झंडली के पास प्रीत कॉलोनी निवासी महेंद्र सिंह ने बताया कि उनका घर का बिजली बिल पहले 800 या 900 रुपये आता था, लेकिन अबकी बार 14 हजार रुपये आया। उन्होंने बताया कि इसकी उन्होंने बिजली निगम में भी शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
4. कैलाश नगर निवासी ललित ने बताया कि उनके घर का बिजली का बिल काशी राम के नाम पर है। उन्होंने कहा कि उनके घर का बिजली मीटर खराब होने के कारण काफी ज्यादा बिल आ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले उनके घर का बिजली बिल 2600 से 2700 रुपये आता था, लेकिन अब वहीं 10 से 11 हजार रुपये आता है। उन्होंने कहा कि कई बार बिजली निगम में शिकायत दी, लेकिन सोमवार को बिजली सभा में आकर शिकायत देने पर उन्हें आश्वासन मिला। उन्होंने कहा कि कई बार अधिकारियों को मीटर ठीक करने व बदलने को भी कहा गया, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
5. मिलाप नगर निवासी राजकुमार ने बताया कि करीब साल पूर्व उन्होंने घर का बिजली बिल घर पर न पहुंचने के कारण देरी से भुक्तान किया था, जिसको लेकर उन्होंने चेक के माध्यम से भुक्तान करना चाहा तो चेक बाउंस हो गया, जिस कारण बिजली निगम ने उन पर 10-12 हजार रुपये जुर्माना कर दिया। उन्होंने बताया कि इस वक्त उनका बिजली बिल 65 हजार रुपये है, जिसको लेकर उन्होंने जुर्माना माफी के लिए कई बार अधिकारियों को भी कहा, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
6. हरीपैलेस रोड निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने घर पर चौबारा डाला है, जिस कारण उन्होंने चौबारे के लिए अन्य मीटर लगवाने के लिए दो बार 3800 व 3600 रुपये गत वर्ष 23 मार्च को जमा करवाई। उन्होंने कहा कि अभी तक उनके घर पर नया मीटर नहीं लगने पर उन्होंने कई बार बिजली निगम में जाकर अधिकारियों से उनकी राशि वापस लौटाने को कहा, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।
7. बड़ी सब्जी मंडी से आए गुप्ता स्टील इंडस्ट्री के मालिक अरुण कुमार ने बताया कि उनके घर पर न तो बिजली निगम का कोई कर्मचारी बिजली रीडिंग लेने आता है और न ही बिजली बिल देने आता है। उन्होंने बताया कि पहले उनका बिजली बिल 4400 या 4500 रुपये आता था, लेकिन अब 6 से 7 हजार रुपये आ रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत करने पर अधिकारी कोई सुनवाई नहीं करते।
8. अंबाला कैंट से आए रामकुमार कलसी ने बताया कि उनकी दुकान का बिजली बिल उनके बेटे राजन कलसी के नाम पर है। उन्होंने बताया कि उन्होंने दुकान पर नया मीटर लगाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन बिजली निगम के अधिकारियों की लापरवाही का यह आलम है कि उन्होंने दो माह बीत जाने पर भी अभी तक मीटर नहीं लगाया। उन्होंने कहा कि बिजली निगम कर्मचारी व अधिकारी स्वयं भी अपने विभाग का नुकसान करने में लगे हैं।
9. गांव सद्दोपुर निवासी रविंद्र बताया कि उसके खेत में दो ट्रांसफार्मर हैं और एक ट्रांसफार्मर से चेतन चौहान की टाइल फैक्ट्री में बिजली जाती थी। उसने बताया कि चेतन ने करीब साल पूर्व उस फैक्ट्री को खाली कर दिया औरय वहां ट्रांसफार्मर सड़ा हुआ है। उसने बताया कि चेतन ने बिजली निगम का करीब डेढ़ लाख रुपये बिजली बिल नहीं भरा। रविंद्र ने बताया कि उसने कई बार बिजली निगम के अधिकारियों से कहा कि इस ट्रांसफार्मर को यहां से हटा दो और चेतन से बिजली बिल का भुगतान करें। रविंद्र ने बताया कि उल्टा बिजली निगम के अधिकारियों ने उसके खाते में ही यह बिल डाल दिया।
10. वहीं उक्त शिकायतों के अलावा भी कई शिकायतें आई, जिनमें जग्गी कॉलोनी निवासी वेद प्रकाश ने बताया कि उनके घर की बिजली रीडिंग गलत आ रही है। झंडली निवासी मांगेराम ने बताया कि उनके घर का बिजली बिल ज्यादा आ रहा है। सेक्टर-9 निवासी अशोक गुप्ता ने बताया कि उनके घर पर न ही कोई कर्मचारी बिजली रीङ्क्षडग लेने आता है और न ही बिल देने। वहीं जंडली निवासी देसराज ने बताया कि उन्हें बिजली निगम की तरफ से स्लैब रेट का लाभ नहीं दिया जा रहा, हालांकि उन्होंने इस नियम संबंधि सभी शर्तों को पूरा किया है।
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सोमवार को बिजली सभा में आई सभी शिकायतों में से अधिकतर का मौके पर निवारण कर दिया गया। उपभोक्ताओं की परेशानियों को देखते हुए बिजली सभा का आयोजन कर उनकी समस्या दूर करने का हरसंभव प्रयास रहता है।
आरके खन्ना, एसई, बिजली निगम, अंबाला।
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विजय नगर बिजली घर में उपभोक्ताओं ने किया हंगामा
उधर शहर के विजय नगर स्थित बिजली निगम के दफ्तर में सोमवार को उपभोक्ताओं ने विभाग की कार्यशैली के विरोध में रोष जताया। बता दें कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने जिस प्राइवेट कंपनी को ठेका दिया था। उसके कर्मचारी न तो समय पर लोगों को बिजली बिल भिजवा रहे हैं और न ही लोगों के बिजली मीटरों की रीडिंग सही से ली जा रहे हैं। बिजली निगम के अधिकारियों का भी इस ओर ध्यान नहीं है, यही कारण है कि परेशान आम आदमी को होना पड़ रहा है। जसमेर निवासी बरनाला, गुरदीप, प्रेम चंद जंडली, मोहित कुमार निवासी जंडली, सुरजीत कुमार आदि ने बताया ने उनके पिछले बिल एवरेज रीडिंग के हिसाब से भेज दिये थे। अब यह बिल भारी भरकम राशि के भेजे जा रहे हैं और उनमें यूनिट इतनी बताई है कि उतने बिल आज तक नहीं आए। गुरविंद्र सिंह निवासी बलदेव नगर ने बताया कि उनके पास चार महीने से बिल ही नहीं आ रहा है। जसमेर सिंह ने बताया कि दो बार बिल 500-500 रुपये भेज दिए हैं। अब आकर चेक करवाया है तो बिल 8 हजार रुपये बता दिया है। लक्खा सिंह ने बताया कि वह बीते सात दिन से लगातार इस आफिस में आ रहे है, लेकिन उनका बिल ठीक करने की किस को फुर्सत नहीं है। कुछ लोगों ने बताया कि वे बेहद गरीब हैं और अपना गुजारा ब?ी मुुश्किल से करते हैं। अब 15 हजार रुपये का बिल भेज दिया है। अब अधिकारी उनकी बात न सुनते हुए पूरा बिल जमा करवाने को कह रहे हैं। ऐसे में वे जाएं तो जाएं कहां।

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अधिकारी नहीं होते सीट पर
वैभव शर्मा निवासी न्यू प्रताप नगर ने बताया कि वह अपने बिजली मीटर की लैब से जांच करवाने के लिए लेटर लेकर आये थे, लेकिन यहां कोई अधिकारी मौजूद नहीं है। इसके अलावा अन्य लोगों ने बताया कि एसडीओ करीब 11.20 मिनट पर उठकर कहीं चला गया था। 5 नंबर सीट पर जो व्यक्ति बिजली बिल ठीक करने के लिए बैठा है, वह भी छुटटी पर है। क्या विभाग को ऐसी स्थिति में किसी अन्य की डयूटी नहीं लगायी जानी चाहिए कि वह लोगों को डील करें।
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