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- एसोसिएशन व अध्यापक संघ ने उठाई एडिड स्कूलों पर ध्यान देने की मांग
Updated Sun, 25 Mar 2018 12:59 AM IST
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आठ एडिड स्कूलों में ताला लगने की स्थिति : बंसल
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
हरियाणा एडिड स्कूल टीचर एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश महासचिव और अध्यापक संघ के सदस्य रमेश बंसल ने कहा कि वर्तमान स्थिति में अधिकांश एडिड स्कूलों पर ताला लटका रहा है। यहां के स्टाफ को मौखिक आदेश के आधार पर भविष्य में नौकरी पर न आने के आदेश सरकार की ओर से दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिला अंबाला में प्रशासक नियुक्ति वाले आठ एडिड स्कूल में ऐसी स्थिति में इन स्कूलों के शिक्षक अपनी नौकरी को लेकर और अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर मारे-मारे फिर रहे हैं क्योंकि इनको रास्ता दिखाने वाला ही कोई नहीं है जबकि स्टाफ को सरकारी सेवा में समायोजित करते समय प्रदेश सरकार ने संबद्ध विद्यालय प्रबंध समितियों को शर्तात्मक आदेश दिया था कि प्रबंध समितियां भविष्य में 33 वर्ष तक इन एडिड स्कूलों को बंद नहीं कर सकती। यदि कोई प्रबंध समिति ऐसा करने का दुस्साहस करती है तो उस पर लाखों रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। रमेश बंसल ने बताया कि प्रदेश सरकार ने जारी शिक्षा सत्र की समाप्ति की प्रतीक्षा किए बिना ही आनन-फानन में आदेश जारी कर दिये की भविष्य में एडिड स्कूलों के पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों को मिड-डे-मील नहीं मिलेगा। योजना को बंद कर इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के मुंह से निवाला छीनने का कार्य प्रदेश सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि अध्यापक संघ सरकार के इस रवैये पर रोष प्रकट करता है और मांग करता है कि जिन एडिड स्कूलों पर सरकार के जारी आदेशों से ताला लगने की नौबत आ गई है नैतिकता के आधार पर उनको वापस लिया जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
हरियाणा एडिड स्कूल टीचर एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश महासचिव और अध्यापक संघ के सदस्य रमेश बंसल ने कहा कि वर्तमान स्थिति में अधिकांश एडिड स्कूलों पर ताला लटका रहा है। यहां के स्टाफ को मौखिक आदेश के आधार पर भविष्य में नौकरी पर न आने के आदेश सरकार की ओर से दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिला अंबाला में प्रशासक नियुक्ति वाले आठ एडिड स्कूल में ऐसी स्थिति में इन स्कूलों के शिक्षक अपनी नौकरी को लेकर और अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर मारे-मारे फिर रहे हैं क्योंकि इनको रास्ता दिखाने वाला ही कोई नहीं है जबकि स्टाफ को सरकारी सेवा में समायोजित करते समय प्रदेश सरकार ने संबद्ध विद्यालय प्रबंध समितियों को शर्तात्मक आदेश दिया था कि प्रबंध समितियां भविष्य में 33 वर्ष तक इन एडिड स्कूलों को बंद नहीं कर सकती। यदि कोई प्रबंध समिति ऐसा करने का दुस्साहस करती है तो उस पर लाखों रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। रमेश बंसल ने बताया कि प्रदेश सरकार ने जारी शिक्षा सत्र की समाप्ति की प्रतीक्षा किए बिना ही आनन-फानन में आदेश जारी कर दिये की भविष्य में एडिड स्कूलों के पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों को मिड-डे-मील नहीं मिलेगा। योजना को बंद कर इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के मुंह से निवाला छीनने का कार्य प्रदेश सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि अध्यापक संघ सरकार के इस रवैये पर रोष प्रकट करता है और मांग करता है कि जिन एडिड स्कूलों पर सरकार के जारी आदेशों से ताला लगने की नौबत आ गई है नैतिकता के आधार पर उनको वापस लिया जाए।