फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Ambala News ›   48 वर्ष पहले कांता स्वरूप ने रक्त की बताई थी अहमियत : रिटायर्ड कर्नल

48 वर्ष पहले कांता स्वरूप ने रक्त की बताई थी अहमियत : रिटायर्ड कर्नल

Mon, 10 Jun 2019 12:53 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jun 2019 12:53 AM IST
विज्ञापन
48 वर्ष पहले कांता स्वरूप ने रक्त की बताई थी अहमियत : रिटायर्ड कर्नल
अंबाला कैंट। रक्त की एक-एक बूंद कीमती है और यह रक्त बहुमूल्य जीवन को बचा सकता है। आज से करीब 48 वर्ष पहले एक युवा को रक्त की अहमियत बताकर उसे रक्तदान के लिए प्रेरित करने वाली महिला पद्मश्री से सम्मानित कांता स्वरूप कृष्ण (90) को सेना से कर्नल रिटायर्ड आरडी सिंह ने सम्मान दिया है। उन्होंने रक्तदान पर अपने संपूर्ण जीवन के घटनाक्रमों पर आधारित एक किताब उन्हें सम्मान स्वरूप भेंट की। कर्नल सिंह ने परिवार सहित कांता स्वरूप के चंडीगढ़ स्थित आवास पर उन्हें यह सम्मान भेंट किया। कैंट की डिफेंस कॉलोनी निवासी कर्नल आरडी सिंह इस समय भी ब्लड बैंक सोसायटी चंडीगढ़ का हिस्सा हैं। कांता स्वरूप के 1971 में डीएवी कॉलेज में दिए लेक्चर से प्रभावित होकर उन्होंने रक्तदान शुरू किया था। वह अपने जीवन में अब तक 102 बार रक्तदान कर चुके हैं जबकि उनकी पत्नी मधु सिंह 30 बार, बेटी अनुष्का 20 बार और उनका दामाद मेजर अंकित सिंह आठ बार रक्तदान कर चुके हैं।
विज्ञापन


1971 में डीएवी कॉलेज में लेक्चर देने पहुंची थीं कांता स्वरूप
1971 में भारत-पाक युद्ध चल रहा था। इस दौरान युद्ध में घायल अनेक सैनिक चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में भर्ती थे। उस रक्त की बहुत जरूरत थी। रक्तदान के लिए प्रेरित के लिए करने के लिए उस समय पीजीआई ब्लड बैंक की सचिव रहीं कांता स्वरूप कृष्णा डीएवी कॉलेज पहुंची थीं। आरडी सिंह ने बताया कि उस समय वह चंडीगढ़ डीएवी कॉलेज में थे। इसी दौरान कांता स्वरूप ने कॉलेज में रक्तदान को लेकर एक लेक्चरर दिया था। इसी से प्रभावित होकर उन्होंने अपने जीवन में रक्तदान करने का दृढ़ संकल्प किया था। आज उसी पर चलते हुए वह रक्तदान के शतक को पार कर चुके हैं। गौर हो कि रक्तदान के लिए समाज में महत्वपूर्ण योगदान के लिए ही कांता स्वरूप को पद्मश्री से नवाजा गया था। आरडी सिंह ने कांता स्वरूप को जब ये बातें बताईं तो वे बेहद खुश हुईं। कर्नल सिंह रिटायर्ड होने के साथ ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने के लिए गठित इंटेक संस्था के कन्वीनर हैं और वह विभिन्न सामाजिक मुद्दों को लेकर जनता के बीच अकेले ही उतर जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed