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- मंत्री, विधायक और अधिकारियों द्वारा शुरू किए गए सफाई अभियान का नहीं दिख रहा असर
Updated Mon, 26 Jun 2017 12:11 AM IST
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अभियान बेअसर, न जनता जागरूक न प्रशासन की सख्ती
अंबाला कैंट। जिले में पसरी गंदगी को देखकर लगता नहीं कि इससे निजात नहीं मिल पाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों, विधायकों, नेताओं व मंत्री के शुरू किए गए अभियान कुछ दिन अपनी चमक बिखेरने के बाद खत्म हो गए। भीतरी इलाकों से गंदगी उठाकर इधर उधर डंप किया जा रहा है। कंटेनर के पास ही गंदगी बिखरी पड़ी रहती है।
अंबाला को साफ सुथरा करने के लिए मंत्री, विधायकों, नेताओं, समाज सेवी संस्थाओं आदि ने अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के लिए सप्ताह भर का सफाई अभियान चलाया था। यह अभियान हर विस क्षेत्र में जहां, जिसके जरिये जनता को सफाई के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही दावा किया गया कि प्रशासन द्वारा हर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाएगा। इस दौरान मंत्रियों और नेताओं ने खुद नाले से गंदगी निकाली, जबकि आसपास फैली गंदगी को भी साफ किया। लेकिन इसका असर अब कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है।
ट्विन सिटी में है करीब 1300 सफाई कर्मी
जिला अंबाला में सफाई कर्मचारियों की अच्छी खासी फौज है। ट्विन सिटी के 20 वार्डों में करीब 1300 (नियमित और ठेके पर) कर्मचारी हैं। कर्मचारियों के जिम्मे कैंट व सिटी की सफाई व्यवस्था है, जबकि लोगों की मानें, तो यह पूरी तरह से नहीं की जा रही है। उल्लेखनीय है कि सफाई के मामले में अंबाला को दो हजार में से 773 नंबर मिले थे, जबकि देश भर में अंबाला को 308वां और हरियाणा में 13वां नंबर मिला था।
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डंपिंग एरिया में गंदगी ढेर, लावारिस पशु बन रहे परेशानी
गांव पटवी स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट अभी तक शुरू नहीं हो पाया है, जबकि डंपिंग के लिए वार्ड के अनुसार कुछ क्षेत्र चयनित किए गए हैं। लेकिन हालात यह हैं कि इन क्षेत्रों में भी गंदगी के ढेर लगे रहते हैं, जहां पर लावारिस जानवर लोगों के लिए परेशानी बन रहे हैं। कई बार तो यह पशु जनता के लिए खतरा तक बन चुके हैं।
यह व्यवस्थाएं भी नहीं दे रहीं राहत
- डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के बावजूद गंदगी नहीं उठती
- छोटे ट्रैक्टर ट्रालियां भी दी गईं, लेकिन फिर भी सफाई नहीं होती
- जहां पर कंटेनर हैं, वहां पर भी गंदगी इधर उधर बिखरी रहती है
- जहां पर गंदगी डालने पर जुर्माने का बोर्ड लगाया, वहां पर भी गंदगी
- तमाम अभियानों के बावजूद सफाई को लेकर कुछ हासिल नहीं हो पाया है
- मशीनों से सफाई की योजना पर काम शुरू हुआ है, लेकिन यह भी राहत नहीं है
अभियान तो ठीक है, लेकिन इनका फायदा कितना हुआ और नुकसान कितना हुआ, इसकी ओर कोई ध्यान नहीं है। अभियान चलाकर अधिकारी और नेता भूल जाते हैं और सफाई व्यवस्था फिर से बदहाल हो जाती है। इसकी ओर ध्यान देना होगा, ताकि अभियानों का तो असर दिखाई दे।
- आनंद मोहन शुक्ला, अंबाला कैंट
सफाई को लेकर हर बार कुछ न कुछ दावे किए जाते हैं। अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन इसका फायदा तो कुछ दिखता नहीं। जहां पर भी कंटेनर हैं, वहां पर आसपास गंदगी बिखरी रहती है। स्थिति में सुधार नहीं है। न तो अभियानों का असर है और न ही तमाम अन्य व्यवस्थाओं का।
- राम सिंह, अंबाला सिटी
प्रशासन यदि चाहे तो सफाई व्यवस्था बनाना कोई बड़ी बात नहीं है। सिर्फ दावों से बात नहीं बनने वाली, जबकि सुविधाएं भी हैं। जरूरत है कर्मचारियों पर मॉनीटरिंग करने की। इन्हीं सुविधाओं व योजनाओं से बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं, लेकिन बेसिक पूरा होना चाहिए।
- मानव कुमार, अंबाला सिटी
कुछ भी कर लो, सफाई व्यवस्था के लिए प्रशासन व जनता दोनों को ही काम करना होगा। हम यदि अपना घर साफ कर सकते हैं, तो आसपास भी गंदगी न बिखेरें। दूसरा सिर्फ दिखावे के लिए अभियान या अन्य योजनाएं न चलाई जाएं, जबकि इनकी खामियों को भी दूर करें। जब व्यवस्थाएं पूरी हैं, तो फिर क्यों सफाई व्यवस्था नहीं होती, इस पर भी गौर करें, तभी अभियान सफल हो सकेंगे।
- सलीम खान, अंबाला कैंट
सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम पूरी तरह से गंभीर है। लोगों को जागरूक होना होगा, जबकि निगम के सफाई कर्मचारी भी काम कर रहे हैं। सफाई को लेकर जल्द ही निगम कुछ अन्य व्यस्थाएं भी करेगा, जिसके बाद धीरे-धीरे ट्विन सिटी में पूरी तरह से सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी।
- रमेश मल, मेयर नगर निगम अंबाला
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अंबाला कैंट। जिले में पसरी गंदगी को देखकर लगता नहीं कि इससे निजात नहीं मिल पाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों, विधायकों, नेताओं व मंत्री के शुरू किए गए अभियान कुछ दिन अपनी चमक बिखेरने के बाद खत्म हो गए। भीतरी इलाकों से गंदगी उठाकर इधर उधर डंप किया जा रहा है। कंटेनर के पास ही गंदगी बिखरी पड़ी रहती है।
अंबाला को साफ सुथरा करने के लिए मंत्री, विधायकों, नेताओं, समाज सेवी संस्थाओं आदि ने अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने के लिए सप्ताह भर का सफाई अभियान चलाया था। यह अभियान हर विस क्षेत्र में जहां, जिसके जरिये जनता को सफाई के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही दावा किया गया कि प्रशासन द्वारा हर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाएगा। इस दौरान मंत्रियों और नेताओं ने खुद नाले से गंदगी निकाली, जबकि आसपास फैली गंदगी को भी साफ किया। लेकिन इसका असर अब कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है।
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ट्विन सिटी में है करीब 1300 सफाई कर्मी
जिला अंबाला में सफाई कर्मचारियों की अच्छी खासी फौज है। ट्विन सिटी के 20 वार्डों में करीब 1300 (नियमित और ठेके पर) कर्मचारी हैं। कर्मचारियों के जिम्मे कैंट व सिटी की सफाई व्यवस्था है, जबकि लोगों की मानें, तो यह पूरी तरह से नहीं की जा रही है। उल्लेखनीय है कि सफाई के मामले में अंबाला को दो हजार में से 773 नंबर मिले थे, जबकि देश भर में अंबाला को 308वां और हरियाणा में 13वां नंबर मिला था।
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डंपिंग एरिया में गंदगी ढेर, लावारिस पशु बन रहे परेशानी
गांव पटवी स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट अभी तक शुरू नहीं हो पाया है, जबकि डंपिंग के लिए वार्ड के अनुसार कुछ क्षेत्र चयनित किए गए हैं। लेकिन हालात यह हैं कि इन क्षेत्रों में भी गंदगी के ढेर लगे रहते हैं, जहां पर लावारिस जानवर लोगों के लिए परेशानी बन रहे हैं। कई बार तो यह पशु जनता के लिए खतरा तक बन चुके हैं।
यह व्यवस्थाएं भी नहीं दे रहीं राहत
- डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के बावजूद गंदगी नहीं उठती
- छोटे ट्रैक्टर ट्रालियां भी दी गईं, लेकिन फिर भी सफाई नहीं होती
- जहां पर कंटेनर हैं, वहां पर भी गंदगी इधर उधर बिखरी रहती है
- जहां पर गंदगी डालने पर जुर्माने का बोर्ड लगाया, वहां पर भी गंदगी
- तमाम अभियानों के बावजूद सफाई को लेकर कुछ हासिल नहीं हो पाया है
- मशीनों से सफाई की योजना पर काम शुरू हुआ है, लेकिन यह भी राहत नहीं है
अभियान तो ठीक है, लेकिन इनका फायदा कितना हुआ और नुकसान कितना हुआ, इसकी ओर कोई ध्यान नहीं है। अभियान चलाकर अधिकारी और नेता भूल जाते हैं और सफाई व्यवस्था फिर से बदहाल हो जाती है। इसकी ओर ध्यान देना होगा, ताकि अभियानों का तो असर दिखाई दे।
- आनंद मोहन शुक्ला, अंबाला कैंट
सफाई को लेकर हर बार कुछ न कुछ दावे किए जाते हैं। अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन इसका फायदा तो कुछ दिखता नहीं। जहां पर भी कंटेनर हैं, वहां पर आसपास गंदगी बिखरी रहती है। स्थिति में सुधार नहीं है। न तो अभियानों का असर है और न ही तमाम अन्य व्यवस्थाओं का।
- राम सिंह, अंबाला सिटी
प्रशासन यदि चाहे तो सफाई व्यवस्था बनाना कोई बड़ी बात नहीं है। सिर्फ दावों से बात नहीं बनने वाली, जबकि सुविधाएं भी हैं। जरूरत है कर्मचारियों पर मॉनीटरिंग करने की। इन्हीं सुविधाओं व योजनाओं से बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं, लेकिन बेसिक पूरा होना चाहिए।
- मानव कुमार, अंबाला सिटी
कुछ भी कर लो, सफाई व्यवस्था के लिए प्रशासन व जनता दोनों को ही काम करना होगा। हम यदि अपना घर साफ कर सकते हैं, तो आसपास भी गंदगी न बिखेरें। दूसरा सिर्फ दिखावे के लिए अभियान या अन्य योजनाएं न चलाई जाएं, जबकि इनकी खामियों को भी दूर करें। जब व्यवस्थाएं पूरी हैं, तो फिर क्यों सफाई व्यवस्था नहीं होती, इस पर भी गौर करें, तभी अभियान सफल हो सकेंगे।
- सलीम खान, अंबाला कैंट
सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम पूरी तरह से गंभीर है। लोगों को जागरूक होना होगा, जबकि निगम के सफाई कर्मचारी भी काम कर रहे हैं। सफाई को लेकर जल्द ही निगम कुछ अन्य व्यस्थाएं भी करेगा, जिसके बाद धीरे-धीरे ट्विन सिटी में पूरी तरह से सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी।
- रमेश मल, मेयर नगर निगम अंबाला