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134ए : निजी स्कूलों का इंकार, विद्यार्थियों के दाखिले पर लटकी तलवार
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शिक्षा सदन के बाहर लगी लिस्ट को देखते हुए अभिभावक।
- फोटो : Ambala
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134ए की परीक्षा पास करने वाले जिले के 1973 विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ सकती है। क्योंकि जिले के सभी निजी स्कूलों के संचालकों ने 134ए के तहत विद्यार्थियों को दाखिला देने से साफ इंकार कर दिया। दूसरी ओर, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी स्पष्ट कहा है कि अगर कोई निजी स्कूल विद्यार्थियों को दाखिला नहीं देता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जा सकती है।
निजी स्कूलों की दोनों एसोसिएशन के अंबाला के प्रधानों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मान लेती या फिर कोर्ट की ओर से कोई आदेश नहीं आता है, तब तक वह विद्यार्थियों को दाखिला नहीं देंगे। वहीं शुक्रवार को विद्यार्थियों के अभिभावक शिक्षा सदन में जारी की गई लिस्ट में बच्चों का नाम देखने पहुंचे। अब लिस्ट में जिन 1973 विद्यार्थियों का नाम आया है, उन्हें दाखिला मिलेगा या नहीं, यह देखने वाली बात होगी।
शिक्षा निदेशालय की ओर से रद्द कर दी गई थी पुरानी लिस्ट
134ए के तहत जारी हुई पहली लिस्ट को निदेशालय ने रद्द कर दिया था। इस लिस्ट में विद्यार्थियों की संख्या केवल 1936 ही थी। इसके बाद शुक्रवार को निदेशालय की ओर से दोबारा लिस्ट जारी की गई। इस लिस्ट में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाकर 1973 के नाम चयनित किए गए हैं।
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इस ब्लॉक में इतने छात्रों का हुआ चयन
ब्लॉक छात्र
अंबाला वन 594
अंबाला टू 586
बराड़ा 224
साहा 103
शहजादपुर 138
नारायणगढ़ 328
समस्याएं करें, तब देंगे दाखिला
कोर्ट में केस चल रहा है। इसकी सुनवाई 28 फरवरी को होनी है। हम विद्यार्थियों को दाखिला देने से मना नहीं कर रहे हैं। मगर, जब सरकार हमारी समस्याओं को दूर करेगी या फिर कोर्ट की ओर से कोई आदेश आएगा, तब विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा। इस बार सभी निजी स्कूलों ने यह निर्णय लिया है कि 134ए के तहत विद्यार्थियों को दाखिला नहीं दिया जाएगा।
-सौरभ कपूर, प्रधान, इंटिग्रेटेड प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसायटी।
राज्य के सभी निजी स्कूलों का निर्णय
प्रशासन हमें लिखित में 134ए के तहत दाखिला देने की बात कहता है तो हम कंटेप्ट ऑफ कोर्ट का केस डाल सकते हैं। सरकार को चाहिए कि वह निजी स्कूलों को आ रही दिक्कतों को दूर करे। अगर ऐसा नहीं होता है तो इस बार 134ए के तहत आने वाले विद्यार्थियों को दाखिला नहीं दिया जाएगा। इसको लेकर पूरे राज्य के निजी स्कूलों ने निर्णय लिया है।
-प्रशांत मुंजाल, प्रधान, हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेंस
सरकार ने 134ए के तहत विद्यार्थियों को दाखिला देने का वायदा किया है। अब यह सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि सभी चयनित और पात्र विद्यार्थियों का दाखिला करवाए। अगर सरकार दाखिला नहीं करवा पाती है तो इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित हो जाएगी, जो कि पूरी तरह से गलत है।
-अजय गुप्ता, प्रधान, अभिभावक एसोसिएशन अंबाला।
हमारी ओर से निजी स्कूलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह 134ए के तहत आने वाले विद्यार्थियों को दाखिला दें। अगर निजी स्कूल दाखिला नहीं देते हैं तो अभिभावक पहले बीईओ से मिल सकते हैं। वहां समाधान नहीं निकलता है तो हमसे आकर मिल सकते हैं। हमारी ओर से नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
- अनूप जांगड़ा, डीईईओ, अंबाला।
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निजी स्कूलों की दोनों एसोसिएशन के अंबाला के प्रधानों ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मान लेती या फिर कोर्ट की ओर से कोई आदेश नहीं आता है, तब तक वह विद्यार्थियों को दाखिला नहीं देंगे। वहीं शुक्रवार को विद्यार्थियों के अभिभावक शिक्षा सदन में जारी की गई लिस्ट में बच्चों का नाम देखने पहुंचे। अब लिस्ट में जिन 1973 विद्यार्थियों का नाम आया है, उन्हें दाखिला मिलेगा या नहीं, यह देखने वाली बात होगी।
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शिक्षा निदेशालय की ओर से रद्द कर दी गई थी पुरानी लिस्ट
134ए के तहत जारी हुई पहली लिस्ट को निदेशालय ने रद्द कर दिया था। इस लिस्ट में विद्यार्थियों की संख्या केवल 1936 ही थी। इसके बाद शुक्रवार को निदेशालय की ओर से दोबारा लिस्ट जारी की गई। इस लिस्ट में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाकर 1973 के नाम चयनित किए गए हैं।
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इस ब्लॉक में इतने छात्रों का हुआ चयन
ब्लॉक छात्र
अंबाला वन 594
अंबाला टू 586
बराड़ा 224
साहा 103
शहजादपुर 138
नारायणगढ़ 328
समस्याएं करें, तब देंगे दाखिला
कोर्ट में केस चल रहा है। इसकी सुनवाई 28 फरवरी को होनी है। हम विद्यार्थियों को दाखिला देने से मना नहीं कर रहे हैं। मगर, जब सरकार हमारी समस्याओं को दूर करेगी या फिर कोर्ट की ओर से कोई आदेश आएगा, तब विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा। इस बार सभी निजी स्कूलों ने यह निर्णय लिया है कि 134ए के तहत विद्यार्थियों को दाखिला नहीं दिया जाएगा।
-सौरभ कपूर, प्रधान, इंटिग्रेटेड प्राइवेट स्कूल वेलफेयर सोसायटी।
राज्य के सभी निजी स्कूलों का निर्णय
प्रशासन हमें लिखित में 134ए के तहत दाखिला देने की बात कहता है तो हम कंटेप्ट ऑफ कोर्ट का केस डाल सकते हैं। सरकार को चाहिए कि वह निजी स्कूलों को आ रही दिक्कतों को दूर करे। अगर ऐसा नहीं होता है तो इस बार 134ए के तहत आने वाले विद्यार्थियों को दाखिला नहीं दिया जाएगा। इसको लेकर पूरे राज्य के निजी स्कूलों ने निर्णय लिया है।
-प्रशांत मुंजाल, प्रधान, हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेंस
सरकार ने 134ए के तहत विद्यार्थियों को दाखिला देने का वायदा किया है। अब यह सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि सभी चयनित और पात्र विद्यार्थियों का दाखिला करवाए। अगर सरकार दाखिला नहीं करवा पाती है तो इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित हो जाएगी, जो कि पूरी तरह से गलत है।
-अजय गुप्ता, प्रधान, अभिभावक एसोसिएशन अंबाला।
हमारी ओर से निजी स्कूलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह 134ए के तहत आने वाले विद्यार्थियों को दाखिला दें। अगर निजी स्कूल दाखिला नहीं देते हैं तो अभिभावक पहले बीईओ से मिल सकते हैं। वहां समाधान नहीं निकलता है तो हमसे आकर मिल सकते हैं। हमारी ओर से नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
- अनूप जांगड़ा, डीईईओ, अंबाला।