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एंबुलेंस में हुई महिला की डिलीवरी, अस्पताल प्रशासन के फूले हाथ-पांव, जांच शुरू
Updated Fri, 30 Nov 2018 12:44 AM IST
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एंबुलेंस में महिला की डिलिवरी, अस्पताल प्रशासन के फूले हाथ-पांव, जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। सीएचसी मुलाना से अंबाला कैंट सिविल अस्पताल में रेफर की गई गर्भवती की डिलिवरी एंबुलेंस में हो गई। केस सिविल अस्पताल आते ही स्टाफ और चिकित्सकों के हाथ-पांव फूल गए, जबकि परिजन भी महिला को वार्ड तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर ढूंढते रहे। हालांकि जच्चा और बच्चा स्वस्थ हैं, जबकि विभाग ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद साफ होगा कि मामले में किस स्तर पर और किससे लापरवाही हुई है।
वीरवार सुबह मुलाना के अमित कुमार अपनी गर्भवती पत्नी अनुराधा को जांच के लिए मुलाना के प्राथमिक सामुदायिक केंद्र में लेकर पहुंचे थे। वहां महिला की जांच की तो उसमें खून की कमी पाई गई, जिस पर डॉक्टर ने उसे सिविल अस्पताल अंबाला कैंट में रेफर कर दिया। वहां मौजूद आशा वर्कर सपना भी अमित और उसके परिवार के साथ एंबुलेंस में बैठ अंबाला के लिए रवाना हो गई। बताया जाता है कि एंबुलेंस में महिला को प्रसव पीड़ा तेज हो गई और डिलीवरी हो गई। एंबुलेंस जैसे ही कैंट अस्पताल पहुंची तो आशा वर्कर व अन्य ने तुरंत अस्पताल स्टाफ व डॉक्टर सूचित किया। परिजन भी तुरंत स्ट्रेचर के लिए भागे ताकि जच्चा और बच्चा को वार्ड तक लाया जा सके, जबकि काफी देर तक उनको स्ट्रेचर नहीं मिला। इसी दौरान पहुंची स्टाफ व डॉक्टरों ने यह केस संभाला और बच्चे को लेकर वार्ड में पहुंचे। इसके बाद महिला को भी वार्ड तक लाया गया और उपचार शुरू किया गया।
सीएमओ ने दिए जांच के आदेश
बताया जाता है कि गर्भवती महिला का एचबी काफी कम था, जिसके चलते रिस्क होने के कारण महिला को अंबाला कैंट सिविल अस्पताल रेफर करना पड़ा। हैरानी इस बात की है कि नियमित चेकअप होने के बावजूद कैसे एचबी कम रहा। इसी को लेकर अब जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में हर तथ्य पर पूछताछ होगी कि महिला का एचबी कम क्यों रहा? यदि उपचार अथवा चेकअप नियमित होता रहा, तो क्यों नहीं इस बात का ध्यान रखा गया और दवाएं दी गई। इस मामले में डॉक्टरों से लेकर आशा वर्करों आदि से पूछताछ होगी।
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कोट्स
मुलाना से कैंट सिविल अस्पताल के लिए महिला को रेफर किया गया था। गर्भवती महिला का एचबी कम था, जबकि एंबुलेंस में ही डिलीवरी हो चुकी थी। कैंट अस्पताल में तुरंत उपचार दिया गया। इस बारे में सीएमओ को जानकारी दी जा चुकी है।
-डॉ. सतीश, एसएमओ, अंबाला कैंट सिविल अस्पताल।
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इस मामले की जानकारी मिली है जबकि स्ट्रेचर अधिकतर समय आसानी से मिल जाते हैं। फिलहाल इस मामले की जांच कैंट सिविल अस्पताल के एसएमओ को दी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चल पाएगा कि कमी कहां पर रह गई है। कोशिश की जाएगी हर स्तर पर स्ट्रेचर सहज उपलब्ध हों, जिसके लिए निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. संतलाल वर्मा, सीएमओ, अंबाला।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। सीएचसी मुलाना से अंबाला कैंट सिविल अस्पताल में रेफर की गई गर्भवती की डिलिवरी एंबुलेंस में हो गई। केस सिविल अस्पताल आते ही स्टाफ और चिकित्सकों के हाथ-पांव फूल गए, जबकि परिजन भी महिला को वार्ड तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर ढूंढते रहे। हालांकि जच्चा और बच्चा स्वस्थ हैं, जबकि विभाग ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद साफ होगा कि मामले में किस स्तर पर और किससे लापरवाही हुई है।
वीरवार सुबह मुलाना के अमित कुमार अपनी गर्भवती पत्नी अनुराधा को जांच के लिए मुलाना के प्राथमिक सामुदायिक केंद्र में लेकर पहुंचे थे। वहां महिला की जांच की तो उसमें खून की कमी पाई गई, जिस पर डॉक्टर ने उसे सिविल अस्पताल अंबाला कैंट में रेफर कर दिया। वहां मौजूद आशा वर्कर सपना भी अमित और उसके परिवार के साथ एंबुलेंस में बैठ अंबाला के लिए रवाना हो गई। बताया जाता है कि एंबुलेंस में महिला को प्रसव पीड़ा तेज हो गई और डिलीवरी हो गई। एंबुलेंस जैसे ही कैंट अस्पताल पहुंची तो आशा वर्कर व अन्य ने तुरंत अस्पताल स्टाफ व डॉक्टर सूचित किया। परिजन भी तुरंत स्ट्रेचर के लिए भागे ताकि जच्चा और बच्चा को वार्ड तक लाया जा सके, जबकि काफी देर तक उनको स्ट्रेचर नहीं मिला। इसी दौरान पहुंची स्टाफ व डॉक्टरों ने यह केस संभाला और बच्चे को लेकर वार्ड में पहुंचे। इसके बाद महिला को भी वार्ड तक लाया गया और उपचार शुरू किया गया।
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सीएमओ ने दिए जांच के आदेश
बताया जाता है कि गर्भवती महिला का एचबी काफी कम था, जिसके चलते रिस्क होने के कारण महिला को अंबाला कैंट सिविल अस्पताल रेफर करना पड़ा। हैरानी इस बात की है कि नियमित चेकअप होने के बावजूद कैसे एचबी कम रहा। इसी को लेकर अब जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच में हर तथ्य पर पूछताछ होगी कि महिला का एचबी कम क्यों रहा? यदि उपचार अथवा चेकअप नियमित होता रहा, तो क्यों नहीं इस बात का ध्यान रखा गया और दवाएं दी गई। इस मामले में डॉक्टरों से लेकर आशा वर्करों आदि से पूछताछ होगी।
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मुलाना से कैंट सिविल अस्पताल के लिए महिला को रेफर किया गया था। गर्भवती महिला का एचबी कम था, जबकि एंबुलेंस में ही डिलीवरी हो चुकी थी। कैंट अस्पताल में तुरंत उपचार दिया गया। इस बारे में सीएमओ को जानकारी दी जा चुकी है।
-डॉ. सतीश, एसएमओ, अंबाला कैंट सिविल अस्पताल।
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इस मामले की जानकारी मिली है जबकि स्ट्रेचर अधिकतर समय आसानी से मिल जाते हैं। फिलहाल इस मामले की जांच कैंट सिविल अस्पताल के एसएमओ को दी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चल पाएगा कि कमी कहां पर रह गई है। कोशिश की जाएगी हर स्तर पर स्ट्रेचर सहज उपलब्ध हों, जिसके लिए निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. संतलाल वर्मा, सीएमओ, अंबाला।