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सरकार के चार वर्ष पूरे, कई प्रोजेक्ट अधूरे तो कई पर काम ही नहीं हुआ आरंभ

Fri, 26 Oct 2018 01:18 AM IST
Updated Fri, 26 Oct 2018 01:18 AM IST
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सरकार के चार वर्ष पूरे, कई प्रोजेक्ट अधूरे तो कई पर काम ही नहीं हुआ आरंभ
प्रदेश सरकार के चार वर्ष का रिपोर्ट कार्ड : कई प्रोजेक्ट अधूरे तो कई पर काम ही नहीं हुआ आरंभ
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धरातल पर नहीं उतर सके कई प्रोजेक्ट्स, शहीद स्मारक परियोजना में एक ईंट तक नहीं लग सकी
फोटो नंबर 1 से 20
कैंट अस्पताल का निर्माण पूरा, फाइलों में योजना घूम रही शहीद स्मारक की योजना
अमर उजाल ब्यूरो
अंबाला सिटी। प्रदेश सरकार का चार वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है। विकास की योजनाओं को लेकर जो दावे सरकार ने सत्ता में आते किए थे, उनमें से कई प्रोजेक्ट्स अब तक धरातल पर नहीं उतर सके हैं। चार वर्ष में कई विकास कार्यों का तो निर्माण ही आरंभ नहीं हो सका है जबकि कई कार्य विभागीय फाइलों में अटके पड़े हैं। सबसे बड़ी 323 करोड़ रुपये की लागत से शहीद स्मारक परियोजना में अब तक एक ईंट नहीं लग सकी है जबकि अन्य कार्य भी पेंडिंग हैं। विकास के नाम पर केवल नया सिविल अस्पताल है जोकि इन चार वर्षों में लगभग पूरा बन चुका है।
चार वर्ष में सिविल अस्पताल फ्लैगशिप प्रोजेक्ट
सरकार के अब तक के कार्यकाल में अंबाला कैंट में 50 करोड़ रुपये की लागत से कैंट में सिविल अस्पताल का निर्माण किया गया है जहां इलाज की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। पुराने अस्पताल में जहां महज 500 ओपीडी थी जो अब ढाई हजार तक पहुंच गई है। अस्पताल के निर्माण से अंबाला में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है। आधुनिक ओपीडी, इमरजेंसी ब्लाक, आयूष, होम्योपेथिक, कॉर्डियोलॉजी सेंटर दिए गए हैं। कपिंग थैरेपी भी अस्पताल में शुरू की गई है। इसके अलावा कैथ लैब शुरू की गई है जहां मात्र 47 हजार रुपये में स्टंट डालने की सुविधा है। अब सिविल अस्पताल में 40 करोड़ रुपये की लागत से कैंसर टर्सरी सेंटर का निर्माण किया जा रहा है।
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बैडमिंटन हॉल का निर्माण पूरा, स्टेडियम अगले वर्ष होगा तैयार
खेल के प्रोजेक्ट में इन चार वर्षों में काफी कुछ मिला है। कैंट में चार करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का बैडमिंटन हॉल बन चुका है जिसका औपचारिक उद्घाटन शेष है जबकि 48.57 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। अगले वर्ष तक इसके पूरा होने की उम्मीद है। स्टेडियम में फुटबाल का पॉलीट्रफ और सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है।
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- कैंट के सुभाष पार्क के नजदीक चार करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का बैडमिंटन हाल का निर्माण अंतिम चरण में है जिसका जल्द उद्घाटन होगा।
- स्टेडियम के समक्ष 18 करोड़ रुपये की लागत से स्पोर्ट्स हॉस्टल बनाया जाएगा जिसका निर्माण आरंभ हो चुका है।
- व्यायामशाला का निर्माण भी सुभाष पार्क पास चल रहा है और यह व्यायामशाला अगले वर्ष बनकर तैयार होगी।
- इसी तरह पांच करोड़ रुपये की लागत से सिटी के सेक्टर-10 में जिमखाना क्लब का निर्माण किया जा रहा है।
सिक्स लेन प्रोजेक्ट अटका
अंबाला कैंट की लाइफ लाइन माने जाने वाले अंबाला-जगाधरी नेशनल हाईवे को अंबाला से साहा और साहा से जीटी रोड तक दो चरणों में बनाया जाना है। करीब ढाई सौ करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट अब तक आरंभ नहीं हो सका है। पहले सिक्स लेन बनाने की योजना थी, मगर बाद में योजना में बदलाव किए गए। सरकार ने चार वर्ष तक इस रोड को पहले नेशनल हाईवे घोषित करवाया जिसके बाद अब बजट मंजूर करवाया है, मगर विभागीय स्तर पर अभी भी इस कार्य को चालू नहीं किया जा सका है जबकि रोड पर ट्रैफिक का दबाव निरंतर बढ़ता जा रहा है।
चार साल में चालू नहीं हो पाया पटवी प्लांट
वर्ष 2010 में स्थापित किए गए कूड़ा प्रबंधन के पटवी प्लांट को सरकार चार वर्षों में चालू नहीं कर सकी है। आलम यह है कि प्लांट में लगी मशीनों पर जंग तक लग चुका है। प्लांट को पुन: चालू करने के लिए निगम ने 300 करोड़ की नई योजना बीते वर्ष बनाई थी। दावा किया था कि प्लांट में स्थापित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम के तहत कचरे से बिजली बनेगी, मगर अब तक यह भी नहीं हो सका है। न तो प्लांट तक शहर का कूड़ा पहुंच रहा है और न ही बिजली उत्पादन हो रहा है।
स्वच्छता मिशन में फिसड्डी
चार वर्षों में अंबाला को साफ-स्वच्छ बनाने के लिए 2017 में सबसे बड़ा मिशन ‘ओए’ शुरू किया गया था। एक करोड़ से अधिक की राशि इस पर खर्च की गई थी, मगर कुछ दिन की सतर्कता के बाद हालात पुराने ढर्रे पर आ गए थे। निगम के प्रत्येक वार्ड में कचरा कलेक्शन सेंटर बनाए गए जबकि घरों से गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग इकट्ठा करने का कार्य निगम ने शुरू किया, मगर अब यही सेंटर परेशानी का सबब बन गए हैं, कूड़ा छंटाई करने की योजना टांय-टांय फिस साबित हुई है।
पार्क के सुंदरीकरण में हो रही देरी
जिले के सबसे बड़े नेताजी सुभाषचंद्र बोस पार्क को लेकर मंत्री विज अधिकारियों को फटकार तक लगा चुके हैं। 18 करोड़ रुपये की लागत से सुभाष पार्क का सुंदरीकरण किया जा रहा है। यहां पर झील के अलावा बोटिंग, रेस्टोरेंट, वॉकिंग, झूलों व अन्य व्यवस्थाएं की जानी हैं। दो वर्ष में कार्य पूरा होना था, मगर एक वर्ष बीत चुका है और केवल 20 प्रतिशत काम ही अब तक पूरा हो सका है। इसी तरह महावीर पार्क का कायाकल्प भी इस समय चल रहा है जोकि अभी पूरा नहीं हो सका है।
सीवरेज डालने का कार्य
नगर निगम अंबाला सदर क्षेत्र के हर घर तक नहरी पेयजल और सीवरेज की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए भी 130 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत हुई है। सदर एरिया व सबसे बड़ी रिहायशी कॉलोनी महेश नगर में सीवरेज व्यवस्था न होने के कारण दिक्कतें थीं, जबकि अब इस पर काम शुरू हो चुका है। कई कॉलोनियों में सीवरेज डालने का कार्य इस समय चल रहा है और दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सिटी में पहले ही सीवरेज डल चुकी है।
साइंस कलस्टर व प्लांट्स की घोषणा, मगर जमीनी स्तर पर लाभ नहीं
जिले में फिलहाल कोई नया उद्योग लगाने की योजना नहीं है। साइंस उद्योग को पहचान देने के लिए रीजनल साइंस सेंटर बनाया जाना है, हालांकि जमीन का चयन हो चुका है जबकि कार्य शुरू नहीं हुआ है। इसी तरह छोटे साइंस उद्यमियों के लिए अलग से साइंस सेंटर बनाने की योजना है। इसके लिए गांव ब्राह्मणमाजरा के पास जमीन का चयन हो चुका है, मगर अभी तक इस पर भी कार्य आगे नहीं बढ़ सका है। अंबाला में इस समय साइंस और कपड़ा उद्योग प्रमुख हैं। शहर की अर्थ अव्यवस्था इस उद्योग पर टिकी हुई है। साइंस उद्योग का लगभग 1400 करोड़ का टर्नओवर है जबकि यही स्थिति कपड़ा उद्योग का टर्नओवर करीब दो हजार करोड़ है।
बस स्टैंड का निर्माण अधूरा
अंबाला सिटी में बस स्टैंड का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है। निर्माण के लिए 18.71 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं व कार्य का शिलान्यास भी हो चुका है, मगर अभी बस स्टैंड बनकर तैयार नहीं हुआ है जबकि यह समय की जरूरत है।
फाइलों में योजना घूम रही शहीद स्मारक की योजना
सन 1857 की क्रांति के शहीदों की याद में जीटी रोड पर स्थापित किए जाने वाले शहीद स्मारक के लिए भी नगर निगम द्वारा 22 एकड़ भूमि सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग को उपलब्ध करवाई जा चुकी है। निर्माण पर करीब 325 करोड़ रुपये खर्च होने हैं, मगर इसका निर्माण चार वर्षों में एक इंच भी आगे नहीं बढ़ सका है। केवल फाइलों में योजना घूम रही है।
स्वर्ण जयंती द्वार
अंबाला को तीन प्रदेशों से जोड़ने वाली मुख्य नेशनल हाईवे जीटी रोड पर बहुत ही सुंदर स्वर्ण जयंती द्वार का निर्माण किया गया। सात करोड़ रुपये की लागत से स्वर्ण जयंती द्वार अंबाला से होकर गुजरने वाले हर राहगीर को आकर्षित करता है।
नौरंगराय तालाब
12 करोड़ रुपये की लागत से अंबाला सिटी के नौरंगराय तालाब का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। यह कार्य भी अभी अधूरा है जिसके अगले वर्ष तक पूरा होने का दावा किया जा रहा है।

अन्य अधूरे प्रोजेक्ट
- अंबाला कैंट में मिनी सचिवालय के निर्माण का प्रोजेक्ट अधूरा है, इसका निर्माण ही आरंभ नहीं हो सका है।
- 8 करोड़ रुपये की लागत से अंबाला शहर के महावीर पार्क का निर्माण कार्य किया जा रहा है।
- करोड़ों की लागत से गांधी ग्राउंड के साथ बैंक स्क्वेयर का प्रोजेक्ट पाइप लाइन में है जिसकी 42 लाख रुपये की लागत से चहारदीवारी हो चुकी है।
- गुड़गुड़िया नाले पर मल्टी लेवल पार्किंग का प्रोजेक्ट तैयार है जिससे सदर क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलने का दावा किया जा रहा है।
- सिटी के बाल भवन के भवन का जीर्णोद्धार अंबाला के बच्चों के साथ साथ बड़ों के लिए भी ऐतिहासिक होगा। 10 करोड़ रुपये की लागत से इस बाल भवन के भवन का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। यहां बनाए जाने वाला तारा मंडल बच्चों के मानसिक व बौद्धिक विकास के लिए सहायक होगा।
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