{"_id":"5ab164314f1c1bb3758b6889","slug":"121521574961-ambala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"- परिजनों ने लगाया नर्स पर ईलाज में लापरवाही का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
- परिजनों ने लगाया नर्स पर ईलाज में लापरवाही का आरोप
Updated Wed, 21 Mar 2018 01:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नागरिक अस्पताल में भर्ती डेढ़ वर्षीय बच्ची की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
सिटी नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन डेढ़ वर्षीय बच्ची की मौत होने पर परिजनों ने नर्स पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि बच्ची के शरीर में इंजेक्शन देने के लिए विगो लगाई गई थी। मंगलवार दोपहर को विगो से इंजेक्शन की दवाई इंजेक्ट नहीं हो पाई। आरोप है कि नर्स ने विगों को ठीक नहीं किया और कहा कि बाहर से कराओ तब इंजेक्शन लगाया जाएगा। इसी बीच बच्ची की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उसे वार्ड से ट्रामा सेंटर लाया गया। वहां मौजूद ड्यूटी डॉक्टर ने उसकी हालत बिगड़ती देख चंडीगढ़ रेफर कर दिया, लेकिन चंडीगढ़ ले जाने से पहले बच्ची की मौत हो गई।
गांव अद्दो माजरा निवासी बच्ची के पिता मरसेर सिंह और मां सपना ने बताया कि उनकी डेढ़ वर्ष की बच्ची आरजू निमोनिया से पीड़ित थी। वह सिटी नागरिक अस्पताल के बाल विभाग में दाखिल थी। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे बच्ची ठीक लग रही थी और हंस खेल रही थी। उन्होंने मोबाइल से खेलते हुए उसका वीडियो भी बनाया था। कुछ समय बाद वार्ड नर्स ने बच्ची के शरीर में लगे विगो से उसे इंजेक्शन लगाया लेकिन इंजेक्शन की दवाई शरीर के अंदर नहीं गई और बाहर निकल आई। मरसेर का कहना है कि उन्होंने नर्स को कहा कि इंजेक्शन दूसरा लगा दो, क्योंकि पहले वाले की दवाई इंजेक्ट नहीं हुई, सारी बाहर निकल गई है। लेकिन नर्स ने उन पर भड़कते हुए कहा कि बच्ची के शरीर में लगा विगो ठीक नहीं है उसे बाहर से दूसरा लगवा लाओ फिर इंजेक्शन लगेगा।
परिजनों का आरोप है कि कई बार कहने पर भी नर्स ने उसे ठीक नहीं किया और न ही दूसरा इंजेक्शन लगाया। कुछ ही देर में बच्ची की तबियत बिगड़ने लगी। तबियत बिगड़ने पर नर्स ने बच्ची को ट्रॉमा सेंटर भेज दिया। यहां ड्यूटी पर मौजूद डॉ. संजय ने प्रयास किया लेकिन बच्ची की तबीयत में सुधार नहीं हुआ। हालत बिगड़ती देख उसे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया। लेकिन जब तक उसे लेकर जाते बच्ची की मौत हो गई। फिलहाल बच्ची के शव को शवगृह में रखवा दिया गया है।
विज्ञापन
बच्ची की मौत के बाद परिवार सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। मरसेर सिंह के भाई मनन सहगल ने बताया कि मरसेर सिंह फ्लिपकार्ट कंपनी में डिलीवरी ब्वॉय हैं। उन्होंने बताया कि बच्ची की हालत बीते शुक्रवार से ही खराब थी और शुक्रवार से ही वह सिविल अस्पताल में भर्ती थी। सिविल अस्पताल से गांव करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित है और बेहतर इलाज के लिए बच्ची को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
आरजू को जब उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर लाया गया तो विगो ठीक-ठाक लगी हुई थी। उससे दवा नहीं बल्कि ग्लूकोस लीक हुआ था। उसकी तबीयत बिगड़ने पर तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया लेकिन परिजन उसे निजी चिकित्सक के पास ले गए और इसी दौरान उसकी मौत हो गई, मामला अचानक कोलेप्स का है। -डॉ. संजय, ड्यूटी पर मौजूद मेडिकल ऑफिसर।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
सिटी नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन डेढ़ वर्षीय बच्ची की मौत होने पर परिजनों ने नर्स पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि बच्ची के शरीर में इंजेक्शन देने के लिए विगो लगाई गई थी। मंगलवार दोपहर को विगो से इंजेक्शन की दवाई इंजेक्ट नहीं हो पाई। आरोप है कि नर्स ने विगों को ठीक नहीं किया और कहा कि बाहर से कराओ तब इंजेक्शन लगाया जाएगा। इसी बीच बच्ची की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उसे वार्ड से ट्रामा सेंटर लाया गया। वहां मौजूद ड्यूटी डॉक्टर ने उसकी हालत बिगड़ती देख चंडीगढ़ रेफर कर दिया, लेकिन चंडीगढ़ ले जाने से पहले बच्ची की मौत हो गई।
गांव अद्दो माजरा निवासी बच्ची के पिता मरसेर सिंह और मां सपना ने बताया कि उनकी डेढ़ वर्ष की बच्ची आरजू निमोनिया से पीड़ित थी। वह सिटी नागरिक अस्पताल के बाल विभाग में दाखिल थी। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे बच्ची ठीक लग रही थी और हंस खेल रही थी। उन्होंने मोबाइल से खेलते हुए उसका वीडियो भी बनाया था। कुछ समय बाद वार्ड नर्स ने बच्ची के शरीर में लगे विगो से उसे इंजेक्शन लगाया लेकिन इंजेक्शन की दवाई शरीर के अंदर नहीं गई और बाहर निकल आई। मरसेर का कहना है कि उन्होंने नर्स को कहा कि इंजेक्शन दूसरा लगा दो, क्योंकि पहले वाले की दवाई इंजेक्ट नहीं हुई, सारी बाहर निकल गई है। लेकिन नर्स ने उन पर भड़कते हुए कहा कि बच्ची के शरीर में लगा विगो ठीक नहीं है उसे बाहर से दूसरा लगवा लाओ फिर इंजेक्शन लगेगा।
विज्ञापन
परिजनों का आरोप है कि कई बार कहने पर भी नर्स ने उसे ठीक नहीं किया और न ही दूसरा इंजेक्शन लगाया। कुछ ही देर में बच्ची की तबियत बिगड़ने लगी। तबियत बिगड़ने पर नर्स ने बच्ची को ट्रॉमा सेंटर भेज दिया। यहां ड्यूटी पर मौजूद डॉ. संजय ने प्रयास किया लेकिन बच्ची की तबीयत में सुधार नहीं हुआ। हालत बिगड़ती देख उसे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया। लेकिन जब तक उसे लेकर जाते बच्ची की मौत हो गई। फिलहाल बच्ची के शव को शवगृह में रखवा दिया गया है।
विज्ञापन
बच्ची की मौत के बाद परिवार सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। मरसेर सिंह के भाई मनन सहगल ने बताया कि मरसेर सिंह फ्लिपकार्ट कंपनी में डिलीवरी ब्वॉय हैं। उन्होंने बताया कि बच्ची की हालत बीते शुक्रवार से ही खराब थी और शुक्रवार से ही वह सिविल अस्पताल में भर्ती थी। सिविल अस्पताल से गांव करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित है और बेहतर इलाज के लिए बच्ची को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
आरजू को जब उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर लाया गया तो विगो ठीक-ठाक लगी हुई थी। उससे दवा नहीं बल्कि ग्लूकोस लीक हुआ था। उसकी तबीयत बिगड़ने पर तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया लेकिन परिजन उसे निजी चिकित्सक के पास ले गए और इसी दौरान उसकी मौत हो गई, मामला अचानक कोलेप्स का है। -डॉ. संजय, ड्यूटी पर मौजूद मेडिकल ऑफिसर।