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Ambala News: डीएफसीसीआईएल के कॉरिडोर पर तीन माह में दौड़ीं 1172 मालगाड़ियां
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उत्तर प्रदेश के खुर्जा से पंजाब के साहनेवाल तक डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर पर संचालित मालगाड़ी। रेलवे
अंबाला। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) पर तीन माह में 1172 मालगाड़ियों का संचालन किया गया है जोकि डीएफसीसीआईएल के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे रेलवे को लगभग 1500 करोड़ के राजस्व की प्राप्ति हुई है, वहीं मुख्य रेलवे लाइन के खाली होने से वंदे भारत सहित 30 के करीब नई ट्रेनों का संचालन आरंभ हो पाया है। यह उपलब्धि अंबाला मंडल के अधीन खुर्जा से साहनेवाल तक संचालित हो रही मालगाड़ियों के कारण हासिल हो पाई है जोकि अब मुख्य रेल लाइन की बजाय डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर की लाइन पर संचालित की जा रही है।
प्रत्येक माह 10 करोड़ खर्च
डीएफसीसीआईएल के लगभग 400 किमी लंबे रेल मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक माह 10 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। रेलवे मार्ग की निगरानी के लिए 350 के करीब प्रशिक्षित कर्मचारियों को रखा गया है जोकि 24 घंटे रेल मार्ग पर नजर बनाए हुए हैं। इसमें तकनीकी स्टाफ के अलावा रेल लाइन की सुरक्षा व संरक्षा से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं, इसके अलावा पूरा रेल खंड विद्युत सुविधा से सुसज्जित है, इसलिए बीच रास्ते के पावर स्टेशनों पर भी कर्मचारियों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी विषम परिस्थिति में डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर की बिजली को हॉटलाइन से जोड़ा जा सके।
5500 करोड़ हुए खर्च
डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर के तहत उत्तर प्रदेश के खुर्जा से पंजाब के साहनेवाल तक लगभग 5500 करोड़ की लागत से रेल लाइन बिछाई गई है जोकि सिर्फ मालगाड़ियों के संचालन के लिए है। यह रेल लाइन पश्चिम बंगाल के रेलवे स्टेशनों और बंदरगाह तक जाती है और वहीं से ही सामान मालगाड़ियों में लोड करके देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाता है। रेल मार्ग की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं, इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों की भी व्यवस्था की गई है।
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नई ट्रेनों का संचालन
मालगाड़ियों के लिए नई रेल लाइन के बिछने से अब मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन में वृद्धि हुई है, वहीं ट्रेनों की गति भी अब 90 से 130 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच गई है। रेलवे ने कटरा-नई दिल्ली वंदे भारत के अलावा, अंब अंदौरा-दिल्ली वंदे भारत सहित अन्य कई ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया है, इसमें दैनिक यात्रियों से जुड़ी पैसेंजर ट्रेनें भी शामिल हैं, इसके अलावा कुछ अन्य ट्रेनों के संचालन को लेकर भी रेलवे रुपरेखा तैयार कर रहा है, इसमें उदयपुर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस सहित कुछ अन्य ट्रेनें भी शामिल हैं।
डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर पर मई, जून व जुलाई माह में 1172 मालगाड़ियों का संचालन किया गया जोकि रेलवे के लिए एक बड़ी उपलिब्ध है। बिना दुर्घटना के सामान देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में भेजा गया है, इससे करोड़ों रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई है, वहीं रेल मार्ग के रख-रखाव पर भी लगभग 10 करोड़ रुपये प्रत्येक माह खर्च किए जा रहे हैं।
- पंकज गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, डीएफसीसीआईएल अंबाला।
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प्रत्येक माह 10 करोड़ खर्च
डीएफसीसीआईएल के लगभग 400 किमी लंबे रेल मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक माह 10 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। रेलवे मार्ग की निगरानी के लिए 350 के करीब प्रशिक्षित कर्मचारियों को रखा गया है जोकि 24 घंटे रेल मार्ग पर नजर बनाए हुए हैं। इसमें तकनीकी स्टाफ के अलावा रेल लाइन की सुरक्षा व संरक्षा से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं, इसके अलावा पूरा रेल खंड विद्युत सुविधा से सुसज्जित है, इसलिए बीच रास्ते के पावर स्टेशनों पर भी कर्मचारियों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी विषम परिस्थिति में डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर की बिजली को हॉटलाइन से जोड़ा जा सके।
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5500 करोड़ हुए खर्च
डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर के तहत उत्तर प्रदेश के खुर्जा से पंजाब के साहनेवाल तक लगभग 5500 करोड़ की लागत से रेल लाइन बिछाई गई है जोकि सिर्फ मालगाड़ियों के संचालन के लिए है। यह रेल लाइन पश्चिम बंगाल के रेलवे स्टेशनों और बंदरगाह तक जाती है और वहीं से ही सामान मालगाड़ियों में लोड करके देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाता है। रेल मार्ग की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं, इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों की भी व्यवस्था की गई है।
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नई ट्रेनों का संचालन
मालगाड़ियों के लिए नई रेल लाइन के बिछने से अब मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन में वृद्धि हुई है, वहीं ट्रेनों की गति भी अब 90 से 130 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच गई है। रेलवे ने कटरा-नई दिल्ली वंदे भारत के अलावा, अंब अंदौरा-दिल्ली वंदे भारत सहित अन्य कई ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया है, इसमें दैनिक यात्रियों से जुड़ी पैसेंजर ट्रेनें भी शामिल हैं, इसके अलावा कुछ अन्य ट्रेनों के संचालन को लेकर भी रेलवे रुपरेखा तैयार कर रहा है, इसमें उदयपुर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस सहित कुछ अन्य ट्रेनें भी शामिल हैं।
डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर पर मई, जून व जुलाई माह में 1172 मालगाड़ियों का संचालन किया गया जोकि रेलवे के लिए एक बड़ी उपलिब्ध है। बिना दुर्घटना के सामान देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में भेजा गया है, इससे करोड़ों रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई है, वहीं रेल मार्ग के रख-रखाव पर भी लगभग 10 करोड़ रुपये प्रत्येक माह खर्च किए जा रहे हैं।
- पंकज गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, डीएफसीसीआईएल अंबाला।