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नेशनल चैंपियनशिप की दहलीज पर अंबाला का स्पेशल खिलाड़ी तांशू
Updated Mon, 08 Oct 2018 12:42 AM IST
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कुलदीप चहल
अंबाला कैंट। स्पेशल स्कूल वात्सल्य अंबाला में पढ़ने वाला कैंट का छात्र तांशू आइस स्केटिंग नेशनल चैंपियनशिप के लिए टीम की दहलीज पर खड़ा है। उसका चयन गुरुग्राम स्थित आइस स्केटिंग रिंक में उक्त चैंपियनशिप की ट्रेनिंग के लिए हुआ है। अंबाला का यह पहला स्पेशल खिलाड़ी है, जो आइस स्केटिंग के लिए गुरुग्राम में ट्रेनिंग लेगा।
उल्लेखनीय है कि फरवरी 2019 में आइस स्केटिंग नेशनल चैंपियनशिप का आयोजन किया जाना है। इसके लिए अभी वेन्यू फाइनल नहीं है, जबकि इस में कौन भाग लेगा, उसके लिए गुरुग्राम में स्थित आइस स्केटिंग रिंक में चार महीने की ट्रेनिंग दी जानी है। इसके लिए प्रदेश भर से खिलाड़ी बीते दिनों ट्रायल देने के लिए आए थे, जबकि इस ट्रायल में अंबाला के स्पेशल खिलाड़ी तांशू का चयन किया गया है। इस प्रतियोगिता का आयोजन स्पेशल ओलंपिक भारत हरियाणा (मानसिक दिव्यांग बच्चे) द्वारा कराया जा रहा है। इस प्रतियोगिता के बाद वर्ल्ड विंटर गेम्स स्पेशल कैटेगिरी 2023 का रास्ता भी खुल सकता है।
मुश्किलों से जूझकर मां ने नहीं मानी हार
तांशू के पिता का निधन हो चुका है, जबकि उसकी मां स्ट्रीट वेंडिंग (टी स्टाल) चलाकर अपने बेटे का मार्ग प्रशस्त कर रही है। इस मुहिम में कैंटोनमेंट बोर्ड मसीहा बनकर सामने आया है, जिसने तांशू को हर मदद दी है। इसके साथ ही तांशू की मां रजनी बाला ने भी हार नहीं मानी। तमाम मुश्किलों से जूझते हुए उन्होंने अपने बेटे के लिए वह जमीन तैयार कर दी, जिस पर चलकर तांशू बुलंदियों की ऊंचाइयों को छू सकता है। तांशू के कोच चंद्रहास शर्मा का कहना है कि कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ वरुण कालिया ने खिलाड़ी की प्रतिभा को सम्मान दिया है और उसके लिए हर संभव मदद की।
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स्टाफ भी मदद के लिए आगे आया
गुरुग्राम में होने वाली चार माह की विशेष ट्रेनिंग के लिए फंड नहीं था। ऐसे में वात्सल्य स्कूल के स्टाफ ने अपना योगदान दिया। तांशू के कोच ने जहां अपनी एक माह की सैलरी उसे एडवांस कोचिंग के लिए दी है, वहीं स्टाफ के अन्य सदस्यों ने भी खिलाड़ी के लिए अपना योगदान दिया है।
स्पेशल ही नहीं ओपन कैटेगिरी में भी दी मात
स्पेशल खिलाड़ी तांशू ने रोलर स्केटिंग, इन लाइन स्केटिंग में सिर्फ अपनी स्पेशल कैटेगिरी में ही खिलाड़ियों को मात नहीं दी, जबकि ओपन कैटेगिरी यानी सामान्य खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए उनको मात दी है। तांशू ने तीन ऑल इंडिया कंपीटिशन खेले हैं, जिनमें दो गोल्ड व एक सिल्वर मेडल जीता। इसी तरह तीन इंटर स्कूल ओपन चैंपियनशिप में एक गोल्ड, एक ब्रांज तथा पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट हासिल किया, जाबकि अंबाला लोकल लेवल की चार चैंपियनशिप जीती हैं।
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तांशू एक बेहतरीन खिलाड़ी है और खेल के हर टिप्स को तुरंत ही पकड़ लेता है। जिस तरह की कोचिंग उसे मिल रही है, उससे तांशू नई ऊंचाइयों को छूएगा। कैंटोनमेंट बोर्ड भी इस खिलाड़ी की मदद कर रहा है, जबकि स्टाफ ने भी मदद दी है।
- यशपाल कुमार, प्रिंसिपल, स्पेशल स्कूल वात्सल्य।
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अंबाला कैंट। स्पेशल स्कूल वात्सल्य अंबाला में पढ़ने वाला कैंट का छात्र तांशू आइस स्केटिंग नेशनल चैंपियनशिप के लिए टीम की दहलीज पर खड़ा है। उसका चयन गुरुग्राम स्थित आइस स्केटिंग रिंक में उक्त चैंपियनशिप की ट्रेनिंग के लिए हुआ है। अंबाला का यह पहला स्पेशल खिलाड़ी है, जो आइस स्केटिंग के लिए गुरुग्राम में ट्रेनिंग लेगा।
उल्लेखनीय है कि फरवरी 2019 में आइस स्केटिंग नेशनल चैंपियनशिप का आयोजन किया जाना है। इसके लिए अभी वेन्यू फाइनल नहीं है, जबकि इस में कौन भाग लेगा, उसके लिए गुरुग्राम में स्थित आइस स्केटिंग रिंक में चार महीने की ट्रेनिंग दी जानी है। इसके लिए प्रदेश भर से खिलाड़ी बीते दिनों ट्रायल देने के लिए आए थे, जबकि इस ट्रायल में अंबाला के स्पेशल खिलाड़ी तांशू का चयन किया गया है। इस प्रतियोगिता का आयोजन स्पेशल ओलंपिक भारत हरियाणा (मानसिक दिव्यांग बच्चे) द्वारा कराया जा रहा है। इस प्रतियोगिता के बाद वर्ल्ड विंटर गेम्स स्पेशल कैटेगिरी 2023 का रास्ता भी खुल सकता है।
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मुश्किलों से जूझकर मां ने नहीं मानी हार
तांशू के पिता का निधन हो चुका है, जबकि उसकी मां स्ट्रीट वेंडिंग (टी स्टाल) चलाकर अपने बेटे का मार्ग प्रशस्त कर रही है। इस मुहिम में कैंटोनमेंट बोर्ड मसीहा बनकर सामने आया है, जिसने तांशू को हर मदद दी है। इसके साथ ही तांशू की मां रजनी बाला ने भी हार नहीं मानी। तमाम मुश्किलों से जूझते हुए उन्होंने अपने बेटे के लिए वह जमीन तैयार कर दी, जिस पर चलकर तांशू बुलंदियों की ऊंचाइयों को छू सकता है। तांशू के कोच चंद्रहास शर्मा का कहना है कि कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ वरुण कालिया ने खिलाड़ी की प्रतिभा को सम्मान दिया है और उसके लिए हर संभव मदद की।
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स्टाफ भी मदद के लिए आगे आया
गुरुग्राम में होने वाली चार माह की विशेष ट्रेनिंग के लिए फंड नहीं था। ऐसे में वात्सल्य स्कूल के स्टाफ ने अपना योगदान दिया। तांशू के कोच ने जहां अपनी एक माह की सैलरी उसे एडवांस कोचिंग के लिए दी है, वहीं स्टाफ के अन्य सदस्यों ने भी खिलाड़ी के लिए अपना योगदान दिया है।
स्पेशल ही नहीं ओपन कैटेगिरी में भी दी मात
स्पेशल खिलाड़ी तांशू ने रोलर स्केटिंग, इन लाइन स्केटिंग में सिर्फ अपनी स्पेशल कैटेगिरी में ही खिलाड़ियों को मात नहीं दी, जबकि ओपन कैटेगिरी यानी सामान्य खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए उनको मात दी है। तांशू ने तीन ऑल इंडिया कंपीटिशन खेले हैं, जिनमें दो गोल्ड व एक सिल्वर मेडल जीता। इसी तरह तीन इंटर स्कूल ओपन चैंपियनशिप में एक गोल्ड, एक ब्रांज तथा पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट हासिल किया, जाबकि अंबाला लोकल लेवल की चार चैंपियनशिप जीती हैं।
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तांशू एक बेहतरीन खिलाड़ी है और खेल के हर टिप्स को तुरंत ही पकड़ लेता है। जिस तरह की कोचिंग उसे मिल रही है, उससे तांशू नई ऊंचाइयों को छूएगा। कैंटोनमेंट बोर्ड भी इस खिलाड़ी की मदद कर रहा है, जबकि स्टाफ ने भी मदद दी है।
- यशपाल कुमार, प्रिंसिपल, स्पेशल स्कूल वात्सल्य।