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विभागीय तालमेल की कमी से लगातार हो रहे हादसे
Updated Tue, 08 Aug 2017 12:04 AM IST
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चालान तो कट रहे पर रोड सेफ्टी के नाम कुछ नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। सड़कों पर लगातार होते हादसे मानवीय चूक के साथ-साथ पुलिस व प्रशासन की चूक का भी नतीजा हैं। हादसों में कमी लाने के लिए कागजों में योजनाएं तो ढेरों बनी है, मगर अमल अब तक नहीं हो सका है। साफ है कि पुलिस व जिला प्रशासन में तालमेल की कमी का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। चौक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी चालान काट रहे हैं, मगर रोड सेफ्टी के नाम पर कुछ नहीं हो रहा। अभी गत दिनों जिला स्तर पर सीएम रोड सेफ्टी एसोसिएट तैनात किए गए हैं, मगर इससे पहले गठित रोड सेफ्टी संगठन कितना सार्थक सिद्ध हुआ। इतना ही नहीं जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक एक या दो माह में होती है। समिति के सुझावों तक धरातल पर अमल नहीं हुआ है। ऐसे में भविष्य में कैसे जिले में रोड सेफ्टी को बेहतर कहा सकता है।
प्रशासन व पुलिस आंकड़े जारी करके दावे कर रही है कि जिले में सड़क हादसों में कमी आई है, मगर हकीकत इससे कोसों दूर है। आंकड़े केवल वह है जोकि दर्ज है जो दुर्घटना के मामले दर्ज नहीं उनका क्या। बात जगाधरी रोड की करें तो यहां हर दिन औसतन एक से दो हादसे होते हैं। अभी सोमवार की हादसे में 12 वर्षीय बालक बुरी तरह घायल हो गया जिसे पीजीआई रेफर करना पड़ा। रोड पर सुधार की योजना बीते कई वर्षों से चल रही हैं, मगर जमीनी स्तर पर कार्रवाई आज तक नहीं हुई। जिले में जगाधरी रोड इस समय सर्वाधिक हादसों भरी सड़क बनकर उभर रही है।
सर्वे रिपोर्ट के बावजूद हालात जस के तस
जगाधरी रोड पर अव्यवस्था का आलम ऐसा है कि करीब पांच वर्ष पहले पीडब्ल्यूडी ने शहरी सीमा में जगाधरी रोड का पूरा सर्वे किया था। सर्वे में एक नहीं बल्कि एक दर्जन से ज्यादा एक्सीडेंट प्रोन एरिया बताए गए थे, रोड किनारे अवैध तरीके से लगी दुकानों, डिवाइडरों को चिह्नित किया गया था। रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी गई थी, मगर आज तक सुधार के लिए कार्रवाई नहीं हुई। रोड पर 60 हजार से ज्यादा वाहन तब प्रतिदिन चलते पाए गए थे जोकि अब 80 हजार से ज्यादा होने की उम्मीद है। इसके अलावा इस रोड पर एक दर्जन से ज्यादा स्कूल व एक कालेज एवं अन्य शिक्षण संस्थानों के बच्चों की सुरक्षा राम भरोसे है।
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हिसार रोड पर भी यही स्थिति
सिटी में हिसार रोड पर भी शहरी सीमा में स्थिति खराब है। रोड पर ट्रेफिक का दबाव इतना है जिस वजह से यहां पर भी आए दिन हादसे होते हैं। कई शिक्षण संस्थान रोड पर पड़ते हैं जिस वजह से जाम की स्थिति सारा दिन रोड पर बनी रहती है। हादसे भी इस रोड पर होना आम बात है।
रोड सेफ्टी संगठन भंग
जिस तरह सीएम रोड सेफ्टी एसोसिएट अब गठित किए गए हैं ठीक उसी तरह कई वर्ष पूर्व जिले में रोड सेफ्टी संगठन का गठन किया गया था। संगठन सदस्यों को जिम्मेवारी सौंपी गई थी कि वह जनता को जागरूक करने के साथ-साथ सड़कों पर सुरक्षा के लिए पुलिस व प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करें। संगठन कुछ वर्षों तक तो सक्रिय रहा, मगर अब इस संगठन को ही भंग कर दिया गया है। इनके स्थान पर अब एसोसिएट गठित हो रहे हैं।
यह है सड़कों पर स्थिति
- सिटी व कैंट में ट्रैफिक लाइट्स अब तक ठप पड़ी हैं।
- जगाधरी रोड पर कैपिटल चौक पर 12 लाख रुपये खर्च कर लगी लाइट्स 10 साल से कंडम हैं।
- सड़क सुरक्षा समिति बैठक में जगाधरी रोड पर परशुराम चौक व सप्लाई चौक पर ट्रैफिक लाइट्स लगाने की बात कही गई थी, मगर नगर निगम ने आज तक इस पर कार्य नहीं किया।
- महेशनगर में कई वाहन चालक रांग साइड से चौराहों से निकलते हैं।
- इंडस्ट्रियल एरिया में जगाधरी रोड पर कई हादसे हुए है, यहां भी ट्रैफिक लाइट्स नहीं लगी हैं।
यह प्रशासन के दावे
प्रशासन का दावा है कि बीते वर्ष एक जनवरी से 30 जून तक जिला में छोटी-बड़ी 137 सड़क दुर्घटनाएं हुई जबकि इस वर्ष इस अवधि में 133 सड़क दुर्घटनाएं हुई है। बीते वर्ष 68 एक्सीडेंट प्रोन एरिया पर 254 हादसे हुए जिनमें 209 लोग घायल हुए।
--------------
फंड में कमी व तालमेल का अभाव : त्रेहन
रोड सेफ्टी संगठन के अध्यक्ष रहे सुरेश त्रेहन बताते हैं कि सड़क सुरक्षा के लिए संगठन द्वारा काफी कार्य किया गया था, कई योजनाएं बनाई गई थी व प्रशासन और पुलिस को सुधार के मुख्य बिंदु बताए गए थे। मगर सरकारी तंत्र में फंड की कमी व तालमेल का अभाव है। इसी वजह से कई योजनाएं धरातल पर उतर नहीं पाती। कैंट में जगाधरी रोड खतरनाक बनी हुई है जिस पर आए दिन हादसे होते हैं। सुधार के लिए कई बिंदु बताए गए, मगर कार्य आज तक नहीं हुआ है। अब जो एसोसिएट बनाए जा रहे हैं वह रोड सेफ्टी के कितने एक्सपर्ट हैं इसकी जानकारी नहीं है।
पूरा वर्कआउट होगा, जल्द होगी कार्रवाई
सड़क सुरक्षा को पूरी तरह से मजबूत किया जाएगा। इस समय सुरक्षा को लेकर जमीनी स्तर पर पूरी कार्रवाई की जा रही है। एक्सीडेंट प्रोन एरिया की पहचान के बाद उनमें सुधार व अन्य पहलुओं पर वर्क किया जा रहा है। जल्द ही धरातल पर लोगों को इसके परिणाम देखने को मिलेंगे। हमारा उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बेहतर हर हादसों में कमी लाना है ताकि बहुमूल्य जीवन को बचाया जा सके। जनता का सहयोग भी इसमें अपेक्षित है।
- रशित बजाज, आफिसर, रोड सेफ्टी एसोसिएट, अंबाला।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। सड़कों पर लगातार होते हादसे मानवीय चूक के साथ-साथ पुलिस व प्रशासन की चूक का भी नतीजा हैं। हादसों में कमी लाने के लिए कागजों में योजनाएं तो ढेरों बनी है, मगर अमल अब तक नहीं हो सका है। साफ है कि पुलिस व जिला प्रशासन में तालमेल की कमी का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। चौक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी चालान काट रहे हैं, मगर रोड सेफ्टी के नाम पर कुछ नहीं हो रहा। अभी गत दिनों जिला स्तर पर सीएम रोड सेफ्टी एसोसिएट तैनात किए गए हैं, मगर इससे पहले गठित रोड सेफ्टी संगठन कितना सार्थक सिद्ध हुआ। इतना ही नहीं जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक एक या दो माह में होती है। समिति के सुझावों तक धरातल पर अमल नहीं हुआ है। ऐसे में भविष्य में कैसे जिले में रोड सेफ्टी को बेहतर कहा सकता है।
प्रशासन व पुलिस आंकड़े जारी करके दावे कर रही है कि जिले में सड़क हादसों में कमी आई है, मगर हकीकत इससे कोसों दूर है। आंकड़े केवल वह है जोकि दर्ज है जो दुर्घटना के मामले दर्ज नहीं उनका क्या। बात जगाधरी रोड की करें तो यहां हर दिन औसतन एक से दो हादसे होते हैं। अभी सोमवार की हादसे में 12 वर्षीय बालक बुरी तरह घायल हो गया जिसे पीजीआई रेफर करना पड़ा। रोड पर सुधार की योजना बीते कई वर्षों से चल रही हैं, मगर जमीनी स्तर पर कार्रवाई आज तक नहीं हुई। जिले में जगाधरी रोड इस समय सर्वाधिक हादसों भरी सड़क बनकर उभर रही है।
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सर्वे रिपोर्ट के बावजूद हालात जस के तस
जगाधरी रोड पर अव्यवस्था का आलम ऐसा है कि करीब पांच वर्ष पहले पीडब्ल्यूडी ने शहरी सीमा में जगाधरी रोड का पूरा सर्वे किया था। सर्वे में एक नहीं बल्कि एक दर्जन से ज्यादा एक्सीडेंट प्रोन एरिया बताए गए थे, रोड किनारे अवैध तरीके से लगी दुकानों, डिवाइडरों को चिह्नित किया गया था। रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी गई थी, मगर आज तक सुधार के लिए कार्रवाई नहीं हुई। रोड पर 60 हजार से ज्यादा वाहन तब प्रतिदिन चलते पाए गए थे जोकि अब 80 हजार से ज्यादा होने की उम्मीद है। इसके अलावा इस रोड पर एक दर्जन से ज्यादा स्कूल व एक कालेज एवं अन्य शिक्षण संस्थानों के बच्चों की सुरक्षा राम भरोसे है।
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हिसार रोड पर भी यही स्थिति
सिटी में हिसार रोड पर भी शहरी सीमा में स्थिति खराब है। रोड पर ट्रेफिक का दबाव इतना है जिस वजह से यहां पर भी आए दिन हादसे होते हैं। कई शिक्षण संस्थान रोड पर पड़ते हैं जिस वजह से जाम की स्थिति सारा दिन रोड पर बनी रहती है। हादसे भी इस रोड पर होना आम बात है।
रोड सेफ्टी संगठन भंग
जिस तरह सीएम रोड सेफ्टी एसोसिएट अब गठित किए गए हैं ठीक उसी तरह कई वर्ष पूर्व जिले में रोड सेफ्टी संगठन का गठन किया गया था। संगठन सदस्यों को जिम्मेवारी सौंपी गई थी कि वह जनता को जागरूक करने के साथ-साथ सड़कों पर सुरक्षा के लिए पुलिस व प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करें। संगठन कुछ वर्षों तक तो सक्रिय रहा, मगर अब इस संगठन को ही भंग कर दिया गया है। इनके स्थान पर अब एसोसिएट गठित हो रहे हैं।
यह है सड़कों पर स्थिति
- सिटी व कैंट में ट्रैफिक लाइट्स अब तक ठप पड़ी हैं।
- जगाधरी रोड पर कैपिटल चौक पर 12 लाख रुपये खर्च कर लगी लाइट्स 10 साल से कंडम हैं।
- सड़क सुरक्षा समिति बैठक में जगाधरी रोड पर परशुराम चौक व सप्लाई चौक पर ट्रैफिक लाइट्स लगाने की बात कही गई थी, मगर नगर निगम ने आज तक इस पर कार्य नहीं किया।
- महेशनगर में कई वाहन चालक रांग साइड से चौराहों से निकलते हैं।
- इंडस्ट्रियल एरिया में जगाधरी रोड पर कई हादसे हुए है, यहां भी ट्रैफिक लाइट्स नहीं लगी हैं।
यह प्रशासन के दावे
प्रशासन का दावा है कि बीते वर्ष एक जनवरी से 30 जून तक जिला में छोटी-बड़ी 137 सड़क दुर्घटनाएं हुई जबकि इस वर्ष इस अवधि में 133 सड़क दुर्घटनाएं हुई है। बीते वर्ष 68 एक्सीडेंट प्रोन एरिया पर 254 हादसे हुए जिनमें 209 लोग घायल हुए।
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फंड में कमी व तालमेल का अभाव : त्रेहन
रोड सेफ्टी संगठन के अध्यक्ष रहे सुरेश त्रेहन बताते हैं कि सड़क सुरक्षा के लिए संगठन द्वारा काफी कार्य किया गया था, कई योजनाएं बनाई गई थी व प्रशासन और पुलिस को सुधार के मुख्य बिंदु बताए गए थे। मगर सरकारी तंत्र में फंड की कमी व तालमेल का अभाव है। इसी वजह से कई योजनाएं धरातल पर उतर नहीं पाती। कैंट में जगाधरी रोड खतरनाक बनी हुई है जिस पर आए दिन हादसे होते हैं। सुधार के लिए कई बिंदु बताए गए, मगर कार्य आज तक नहीं हुआ है। अब जो एसोसिएट बनाए जा रहे हैं वह रोड सेफ्टी के कितने एक्सपर्ट हैं इसकी जानकारी नहीं है।
पूरा वर्कआउट होगा, जल्द होगी कार्रवाई
सड़क सुरक्षा को पूरी तरह से मजबूत किया जाएगा। इस समय सुरक्षा को लेकर जमीनी स्तर पर पूरी कार्रवाई की जा रही है। एक्सीडेंट प्रोन एरिया की पहचान के बाद उनमें सुधार व अन्य पहलुओं पर वर्क किया जा रहा है। जल्द ही धरातल पर लोगों को इसके परिणाम देखने को मिलेंगे। हमारा उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बेहतर हर हादसों में कमी लाना है ताकि बहुमूल्य जीवन को बचाया जा सके। जनता का सहयोग भी इसमें अपेक्षित है।
- रशित बजाज, आफिसर, रोड सेफ्टी एसोसिएट, अंबाला।