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हादसों का कारण बन रहे सड़कों पर लावारिस पशु
Updated Sat, 24 Jun 2017 11:15 PM IST
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हादसों का कारण बन रहे सड़कों पर लावारिस पशु
अंबाला कैंट। ट्विन सिटी में लावारिस पशु लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। मुख्य सड़कों के अलावा गली मोहल्लों में ऐसे पशुओं की भरमार है जिस वजह से वाहन चालकों के साथ-साथ लोग परेशान हैं। पशुओं को पकड़ने के लिए नगर निगम द्वारा अब तक कोई ठोस योजना तैयार नहीं की गई है। पहले निगम बैठक में पशुओं को पकडने के लिए कांट्रेक्ट देने की बात कही गई थी, मगर अब तक धरातल पर ऐसी कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है। सिटी व कैंट में इस समय अमूमन हर सड़क पर लावारिस पशु घूम रहे हैं जबकि इनसे निपटने के लिए निगम के पास कोई ठोस योजना नहीं है।
सब्जी मंडियों की हालत तो और भी ज्यादा खराब है। यहां पर सब्जी विक्रेता अक्सर रात्रि के समय गली-सड़ी सब्जियां सड़कों पर फेंक देते हैं, ऐसे में पशुओं की भरमार इन क्षेत्रों में ज्यादा हो जाती है। इतना ही नहीं जगाधरी रोड पर भी अमूमन यही स्थिति है। अब तक कई वाहन चालक पशुओं की चपेट में आ चुके हैं। कुछ वर्ष पहले तो दयालबाग के रहने वाले दसवीं कक्षा के छात्र की मौत तक लावारिस पशु से टकराने की वजह से हो चुकी है जबकि पशुओं द्वारा हमला कर घायल होने के मामले तो बहुत ज्यादा है।
डॉग पकड़ने के लिए नहीं योजना
निगम द्वारा ट्विन सिटी में लावारिस डॉग को पकड़ने के लिए भी ठोस योजना नहीं है। न ही इनका कोई कांट्रेक्ट अब तक अलॉट किया गया है। गली-मोहल्लों में इन डॉग की वजह से लोग परेशानी झेल रहे हैं। इतना ही नहीं इनके काटने पर महंगा इलाज अस्पतालों में उन्हें कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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कैंटोनमेंट बोर्ड में पूरे कांट्रेक्ट
नगर निगम के मुकाबले सैन्य क्षेत्र का रखरखाव करने वाले कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा पशुओं को पकड़ने और डॉग से निपटने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। पशु पकड़ने के लिए बोर्ड में कांट्रेक्ट दिया गया है जबकि डॉग पर भी लगाम लगाने के लिए पूर्व में अलग से कांट्रेक्ट अलॉट किया गया था।
किसी भी कार्य को करने के लिए इच्छा शक्ति की जरूरत होती है। निगम अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं जबकि यह मुद्दा काफी गंभीर है। लावारिस पशुओं को पकड़कर उनकी सही देखभाल होनी चाहिए। अभी पशु गंदगी में मुंह मारते हैं जिससे माहौल खराब हो रहा है।
- चित्रा सरवारा, पार्षद।
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अंबाला कैंट। ट्विन सिटी में लावारिस पशु लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। मुख्य सड़कों के अलावा गली मोहल्लों में ऐसे पशुओं की भरमार है जिस वजह से वाहन चालकों के साथ-साथ लोग परेशान हैं। पशुओं को पकड़ने के लिए नगर निगम द्वारा अब तक कोई ठोस योजना तैयार नहीं की गई है। पहले निगम बैठक में पशुओं को पकडने के लिए कांट्रेक्ट देने की बात कही गई थी, मगर अब तक धरातल पर ऐसी कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है। सिटी व कैंट में इस समय अमूमन हर सड़क पर लावारिस पशु घूम रहे हैं जबकि इनसे निपटने के लिए निगम के पास कोई ठोस योजना नहीं है।
सब्जी मंडियों की हालत तो और भी ज्यादा खराब है। यहां पर सब्जी विक्रेता अक्सर रात्रि के समय गली-सड़ी सब्जियां सड़कों पर फेंक देते हैं, ऐसे में पशुओं की भरमार इन क्षेत्रों में ज्यादा हो जाती है। इतना ही नहीं जगाधरी रोड पर भी अमूमन यही स्थिति है। अब तक कई वाहन चालक पशुओं की चपेट में आ चुके हैं। कुछ वर्ष पहले तो दयालबाग के रहने वाले दसवीं कक्षा के छात्र की मौत तक लावारिस पशु से टकराने की वजह से हो चुकी है जबकि पशुओं द्वारा हमला कर घायल होने के मामले तो बहुत ज्यादा है।
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डॉग पकड़ने के लिए नहीं योजना
निगम द्वारा ट्विन सिटी में लावारिस डॉग को पकड़ने के लिए भी ठोस योजना नहीं है। न ही इनका कोई कांट्रेक्ट अब तक अलॉट किया गया है। गली-मोहल्लों में इन डॉग की वजह से लोग परेशानी झेल रहे हैं। इतना ही नहीं इनके काटने पर महंगा इलाज अस्पतालों में उन्हें कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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कैंटोनमेंट बोर्ड में पूरे कांट्रेक्ट
नगर निगम के मुकाबले सैन्य क्षेत्र का रखरखाव करने वाले कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा पशुओं को पकड़ने और डॉग से निपटने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। पशु पकड़ने के लिए बोर्ड में कांट्रेक्ट दिया गया है जबकि डॉग पर भी लगाम लगाने के लिए पूर्व में अलग से कांट्रेक्ट अलॉट किया गया था।
किसी भी कार्य को करने के लिए इच्छा शक्ति की जरूरत होती है। निगम अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं जबकि यह मुद्दा काफी गंभीर है। लावारिस पशुओं को पकड़कर उनकी सही देखभाल होनी चाहिए। अभी पशु गंदगी में मुंह मारते हैं जिससे माहौल खराब हो रहा है।
- चित्रा सरवारा, पार्षद।