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- सेक्टर सात में बुधवार वाकिंग कर रहे व्यक्ति को काटा स्ट्रीट डाग ने
Updated Thu, 26 Apr 2018 01:20 AM IST
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सिटी में बढ़ रहे डॉग बाइट के केस, निगम कमिश्नर बोले- फिलहाल स्ट्रीट डॉग पर लगाम लगाने को योजना नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
स्ट्रीट डॉग्स को लेकर निगम निगम का सुस्त रवैया लोगों के लिए परेशानी बनता जा रहा है। आए दिन लोग स्ट्रीट डॉग का शिकार हो रहे हैं, लेकिन फिर भी निगम आंखें मूंदे बैठा है। बुधवार को भी सिटी के सेक्टर सात निवासी 57 वर्षीय रविंद्र जैन को स्ट्रीट डॉग ने काट लिया। उन्होंने बताया कि वह सुबह पास के पार्क में वॉक के लिए जा रहे थे कि अचानक स्ट्रीट डॉग ने उन पर हमला कर घायल कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने डॉग को भगाया। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी इस क्षेत्र में ऐसे मामले सामने आए है और कई बार तो बुजुर्ग और बच्चे भी इन स्ट्रीट डॉग्स का शिकार हो जाते हैं, लेकिन फिर भी प्रशासन इस ओर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं कर रहा है। बता दें कि सिटी में ही प्रतिदिन 15 से 20 अधिक केस डॉग बाइट के पहुंचते हैं और कई केस तो प्राईवेट अस्पतालों और क्लीनिक में ही निपट जाते हैं।
डॉग बाइट से जनता की जेब हो रही ढीली
अगर किसी व्यक्ति को डॉग काट जाए तो उस व्यक्ति को चार बार रेबीज का टीका लगवाना पड़ता है। जिसकी कीमत मार्केट में 300 से 400 रुपये है, वहीं सरकारी अस्पताल में इसकी कीमत 100 रुपये है, अगर किसी को स्ट्रीट डॉग काट लेता है उस व्यक्ति की जेब ढीली होनी लाजमी है।
निगम की योजना पर नहीं हुआ अमल
निगम की ओर भी स्ट्रीट डॉग्स को लेकर कई बार योजनाएं तैयार की जा चुकी है लेकिन अभी तक एक भी योजना सिरे नही चढ़ पाई है, और वहीं अब स्ट्रीट डॉग्स लेकर प्रशासन का सुस्त रवैया भी अब जनता के लिए परेशानी बनता जा रहा है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही निगम की ओर से स्ट्रीट डॉग्स को लेकर कुछ नहीं किया गया तो ऐसे डॉग बाइट के केसों में बढ़ोतरी होती रहेगी।
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महिलाएं और बच्चे होते हैं अधिक शिकार
डॉग बाइट के केस में सबसे अधिक बच्चों व महिलाओं को शिकार होना पड़ता है। पिछले दिनों में भी कैंट के रंगिया मंडी, कच्चा बाजार, मच्छी मार महौल्ला, दयालबाग चौंक, सिटी के जगाधरी गेट, रंजीत नगर, व अन्य क्षेत्रों के बच्चों व महिलाओं को शिकार होना पड़ा है। और इतने केस होने के बाद भी प्रशासन द्वारा किसी तरह की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
निगम द्वारा फिलहाल स्ट्रीट डॉग्स पर लगाम लगाने की कोई योजना नहीं है। इस मामले में जल्द कोई योजना बनाई जाएगी। यदि किसी खास क्षेत्र में स्ट्रीट डॉग की संख्या ज्यादा है तो उन्हें वहां से हटाया जा सकता है। जनता इसकी शिकायत निगम को कर सकती है। -धर्मवीर सिंह, कमिश्नर, नगर निगम, अंबाला।
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
स्ट्रीट डॉग्स को लेकर निगम निगम का सुस्त रवैया लोगों के लिए परेशानी बनता जा रहा है। आए दिन लोग स्ट्रीट डॉग का शिकार हो रहे हैं, लेकिन फिर भी निगम आंखें मूंदे बैठा है। बुधवार को भी सिटी के सेक्टर सात निवासी 57 वर्षीय रविंद्र जैन को स्ट्रीट डॉग ने काट लिया। उन्होंने बताया कि वह सुबह पास के पार्क में वॉक के लिए जा रहे थे कि अचानक स्ट्रीट डॉग ने उन पर हमला कर घायल कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने डॉग को भगाया। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी इस क्षेत्र में ऐसे मामले सामने आए है और कई बार तो बुजुर्ग और बच्चे भी इन स्ट्रीट डॉग्स का शिकार हो जाते हैं, लेकिन फिर भी प्रशासन इस ओर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं कर रहा है। बता दें कि सिटी में ही प्रतिदिन 15 से 20 अधिक केस डॉग बाइट के पहुंचते हैं और कई केस तो प्राईवेट अस्पतालों और क्लीनिक में ही निपट जाते हैं।
डॉग बाइट से जनता की जेब हो रही ढीली
अगर किसी व्यक्ति को डॉग काट जाए तो उस व्यक्ति को चार बार रेबीज का टीका लगवाना पड़ता है। जिसकी कीमत मार्केट में 300 से 400 रुपये है, वहीं सरकारी अस्पताल में इसकी कीमत 100 रुपये है, अगर किसी को स्ट्रीट डॉग काट लेता है उस व्यक्ति की जेब ढीली होनी लाजमी है।
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निगम की योजना पर नहीं हुआ अमल
निगम की ओर भी स्ट्रीट डॉग्स को लेकर कई बार योजनाएं तैयार की जा चुकी है लेकिन अभी तक एक भी योजना सिरे नही चढ़ पाई है, और वहीं अब स्ट्रीट डॉग्स लेकर प्रशासन का सुस्त रवैया भी अब जनता के लिए परेशानी बनता जा रहा है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही निगम की ओर से स्ट्रीट डॉग्स को लेकर कुछ नहीं किया गया तो ऐसे डॉग बाइट के केसों में बढ़ोतरी होती रहेगी।
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महिलाएं और बच्चे होते हैं अधिक शिकार
डॉग बाइट के केस में सबसे अधिक बच्चों व महिलाओं को शिकार होना पड़ता है। पिछले दिनों में भी कैंट के रंगिया मंडी, कच्चा बाजार, मच्छी मार महौल्ला, दयालबाग चौंक, सिटी के जगाधरी गेट, रंजीत नगर, व अन्य क्षेत्रों के बच्चों व महिलाओं को शिकार होना पड़ा है। और इतने केस होने के बाद भी प्रशासन द्वारा किसी तरह की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
निगम द्वारा फिलहाल स्ट्रीट डॉग्स पर लगाम लगाने की कोई योजना नहीं है। इस मामले में जल्द कोई योजना बनाई जाएगी। यदि किसी खास क्षेत्र में स्ट्रीट डॉग की संख्या ज्यादा है तो उन्हें वहां से हटाया जा सकता है। जनता इसकी शिकायत निगम को कर सकती है। -धर्मवीर सिंह, कमिश्नर, नगर निगम, अंबाला।