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Ambala News: आठ साल से अटका 100 बेड का अस्पताल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 22 May 2023 12:39 AM IST
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100 bed hospital stuck for eight years
तरुण अग्रवाल
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अंबाला सिटी। शहर के सिविल अस्पताल का विस्तार करते हुए 100 बेड का बनाने का काम अधर में है। आठ साल पहले सीएम मनोहर लाल ने इसके विस्तार की घोषणा की थी। इतना ही नहीं सिविल अस्पताल का यह काम 27 करोड़ रुपये के बजट में होना था। आठ साल बाद यह बजट 45 करोड़ तक पहुंच गया है।
बता दें कि यह घोषणा वर्ष 2015 में अंबाला में की गई थी। आज इस घोषणा को आठ साल बीत गए हैं। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी सीएम के इस प्रोजेक्ट को ही सिरे पर नहीं चढ़ा पाया। अमर उजाला ने जब प्रोजेक्ट की पड़ताल की तो पाया कि कई काम आज भी अधूरे हैं और कई पर काम बंद है। पांच मंजिला भवन तो खड़ा कर दिया है, मगर उसमें कई काम शेष हैं। इसमें दरवाजे से लेकर टाइलों तक का काम नहीं हुआ। दूसरी तरफ विभागीय अधिकारियों का दावा है कि अब सिर्फ 15 प्रतिशत ही कार्य शेष है। यदि गति यही रही तो प्रोजेक्ट को इस वर्ष करना भी चुनौती रहेगा।
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निर्माणाधीन अस्पताल में मिली ये कमियां

-अस्पताल के भवन के बाहर टाइलें लगने का काम भी अधूरा।

-फ्लोर पर भी टाइल लगाने का काम अधूरा है।

-खिड़की से लेकर दरवाजे तक का काम अधूरा मिला।

-जब तक टाइलिंग के काम नहीं होंगे तो तब तक रंगरोगन भी नहीं हो सकेगा।

अब तक 30 करोड़ रुपये हो चुके खर्च

अभी तक भवन निर्माण पर लोक निर्माण विभाग करीब 30 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। जबकि भवन निर्माण के कंस्ट्रक्शन वर्क के लिए 27 करोड़ रुपये को मंजूरी मिली थी। इस भवन का निर्माण कार्य मार्च 2019 में शुरू हुआ था। तब निर्माण के लिए टेंडर हुआ था तो इसे 24 महीने यानी दो साल में तैयार करना था। मगर इतना समय बीतने के बावजूद बार-बार समय बढ़ाया जा रहा है।
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इस प्रकार बढ़ा बजट

पहले तो कोरोना के कारण काम पूरी तरह से ठप हो गया। काम में देरी होती देख विभाग ने काम को पूरा करने की समय सीमा को भी बढ़ा दिया। धीरे-धीरे इस काम में बदलाव होते चले गए और बजट बढ़ता चला गया। जहां पहले दीवारों पर पेंट की बात कही जा रही थी, उसे बदलकर टाइलों का किया। इसमें वाटर प्रूफिंग के काम को भी जोड़ा गया।

अब बजट मंजूरी का इंतजार

पीडब्ल्यूडी की ओर से अपने स्तर पर बजट को ओर अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता था। इसी कारण यह कार्य अब बजट पास होने के लिए रुक गया है क्योंकि अभी इस प्रोजेक्ट को लेकर 45 करोड़ तक कर दिया है। इस फाइल को एक्सटेंड करने के लिए उच्च विभाग के पास भेज दिया है। जहां से अनुमति मिलने और बजट पर सहमति बनने तक यह कार्य आरंभ नहीं हो सकेगा।



काम पूरा होने के बाद मिलेंगी ये सुविधाएं



बेसमेंट में स्टोर, लाउंड्री और एसी प्लांट बनाया जाएगा। भूतल पर रेडियोलॉजी, ब्लड बैंक, सर्जिकल और ऑर्थो ओपीडी तैयार की जाएगी। प्रथम तल पर लैब, एडमिनिस्ट्रेशन, सीसीयू, आईसीयू, इमरजेंसी (12 बेड), मेडिसिन ओपीडी। द्वितीय तल पर प्राइवेट वार्ड (12 बेड), फिजियोथैरेपी, नेत्र रोग ओपीडी, डोरमेट्री। तृतीय तल पर वार्ड (24 बेड), प्राइवेट वार्ड (10 बेड), वार्ड (36 बेड), कैंटीन, चौथे तल पर एएचयू, ऑप्रेशन थियेटर, डिस्कशन रूम। सीएमओ कार्यालय भी यहीं पर शिफ्ट करने का प्रस्ताव है।




वर्जन



सिविल वर्क का शुरुआती टेंडर 27 करोड़ का मंजूर हुआ था। परंतु उस दौरान कई कार्य इसमें जुड़े नहीं थे, परंतु बाद में काम बढ़ा तो बजट भी बढ़ गया। बजट की अनुमति से लिए फाइल को उच्च अधिकारियों के पास भेज दिया है। फाइल पर काम चल रहा है, उम्मीद है जल्द ही अनुमति मिल जाएगी और काम शुरू हो जाएगा।



-राजकुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, बीएडंआर।
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