{"_id":"61e2e3f0f76eaf06ac381f31","slug":"yogi-adityanath-said-new-corona-variant-is-like-viral-fever-caution-is-more-important-for-prevention","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना से जंग: बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोविड हॉस्पिटल का निरीक्षण करने पहुंचे योगी, लिया इंतजामों का जायजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना से जंग: बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोविड हॉस्पिटल का निरीक्षण करने पहुंचे योगी, लिया इंतजामों का जायजा
Sat, 15 Jan 2022 08:43 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 15 Jan 2022 08:43 PM IST
सार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया के विशेषज्ञों ने माना है कि कोविड से बचाव का वैक्सीन सर्वोत्तम उपाय है। सभी लोग टीका जरूर लगवाएं। जिन्होंने अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाई है, वह 25 जनवरी तक हर हाल में लगवा लें। जिन्होंने पहली डोज ले ली है, वह दूसरी डोज लें। दोनों डोज लेने वालों में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज बूस्टर डोज लगवाएं।
विज्ञापन
बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश-दुनिया में सदी की सबसे बड़ी महामारी कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण पाते हुए सरकार ने जीवन के साथ लोगों की जीविका को भी सफलतापूर्वक बचाया है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर में मिले अनुभवों से तीसरी लहर को पूरी कुशलता और सफलता से रोका गया है। कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन ज्यादा घातक नहीं है, फिर भी इससे बचाव और इस पर काबू पाने के लिए सावधानी व सतर्कता ज्यादा जरूरी है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री शनिवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोविड हॉस्पिटल और इसी परिसर में स्थित रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों को निगेटिव होने में 15 दिन से एक माह तक का समय लग रहा था। फेफड़े की गंभीर समस्या और पोस्ट कोविड के मामले सामने आ रहे थे। इसकी तुलना में तीसरी लहर ज्यादा खतरनाक नहीं है। नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर विशेषज्ञों ने जो बातें बताईं हैं उसके अनुसार यह सामान्य वायरल फीवर जैसा है। प्रदेश में इसकी पॉजिटिविटी रेट 6 प्रतिशत है। इसमें 99 प्रतिशत मामले होम आइसोलेशन के हैं। होम आइसोलेट लोगों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जा रही है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले में 2200 से ज्यादा एक्टिव केस हैं। इनमें केवल 12 मरीजों को भर्ती करने की जरूरत पड़ी है। यानी 0.5 प्रतिशत मामलों में ही अस्पताल में भर्ती करने की नौबत आई है। अन्य मरीज होम आइसोलेशन में हैं। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया पौने दो वर्ष से कोरोना महामारी का सामना कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश ने इस महामारी पर न केवल कामयाबी पाई है, बल्कि इसके रोकथाम का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसकी सराहना विश्व स्वास्थ्य संगठन और दुनिया की अनेक संस्थाएं कर चुकी हैं।
विज्ञापन
बचाव का वैक्सीन ही सबसे बड़ा उपाय
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया के विशेषज्ञों ने माना है कि कोविड से बचाव का वैक्सीन सर्वोत्तम उपाय है। सभी लोग टीका जरूर लगवाएं। जिन्होंने अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाई है, वह 25 जनवरी तक हर हाल में लगवा लें। जिन्होंने पहली डोज ले ली है, वह दूसरी डोज लें। दोनों डोज लेने वालों में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज बूस्टर डोज लगवाएं।
प्रदेश में लग चुकी वैक्सीन की 22.5 करोड़ डोज
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में कोविड वैक्सीन की 22.5 करोड़ डोज लगाई जा चुकी है। 15 से 17 वर्ष तक के किशोरों को भी बड़े पैमाने पर वैक्सीन लगाई जा रही है। अब तक 47.25 लाख किशोरों को वैक्सीन लगाई गई है। जिले में कुल 35.50 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य है। इनमें से 29.59 लाख का टीकाकरण हो चुका है। 33 प्रतिशत (101500) युवाओं का टीकाकरण हो चुका है।
हर जिले में जांच, इलाज की पूरी व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने बताया कि मार्च 2020 में जब प्रदेश में कोरोना का पहला मामला आया था, तब जांच तक की सुविधा नहीं थी। मौजूदा समय में प्रदेश के सभी 75 जिलों में जांच और इलाज की पूरी व्यवस्था है। प्रदेश में चार लाख प्रतिदिन कोरोना जांच की क्षमता है। लेवल वन, टू और थ्री के 1.80 लाख बेड उपलब्ध हैं। मौजूदा समय में ऑक्सीजन के मामले में प्रदेश आत्मनिर्भर है। 558 ऑक्सीजन प्लांट चालू हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 10000 आरटीपीसीआर जांच की सुविधा है। मेडिकल कॉलेज में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट और पीएसए प्लांट क्रियाशील है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन युक्त 500 बेड का कोविड हॉस्पिटल है। इसमें 300 बेड वेंटिलेटर और 200 बेड पर एचएफएनसी की सुविधा उपलब्ध है।