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Gorakhpur News: गुजर गया साल, हाईटेक नहीं हुईं ई-बसें, यात्रियों को हो रही परेशानी

Sun, 15 Jan 2023 01:12 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: vivek shukla Updated Sun, 15 Jan 2023 01:12 PM IST
सार

दिसंबर 2021 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 इलेक्ट्रिक बसों (ई-बसों) को तीन रूटों के लिए हरी झंडी दिखाई थी। ई-बस सेवा शुरू होने के साथ ही जिम्मेदारों ने घोषणा की थी कि जल्द ही यात्रियों को इस बस में क्यूआर कोड से टिकट खरीदने की सुविधा मिलेगी।

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Year has passed, e-buses are not hi-tech, passengers are facing trouble
गोरखपुर इलेक्ट्रिक बस। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

महानगर में सिटी इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू हुए एक वर्ष से अधिक का समय हो गया है, लेकिन यात्रियों को एक वर्ष बाद भी क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन टिकट खरीदने की सुविधा नहीं मिली।

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दिसंबर 2021 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 इलेक्ट्रिक बसों (ई-बसों) को तीन रूटों के लिए हरी झंडी दिखाई थी। ई-बस सेवा शुरू होने के साथ ही जिम्मेदारों ने घोषणा की थी कि जल्द ही यात्रियों को इस बस में क्यूआर कोड से टिकट खरीदने की सुविधा मिलेगी। साथ ही चलो एप पर बस का लाइव लोकेशन भी मिलेगा। सेवा शुरू हुए एक वर्ष हो गए। इस बीच बसों की संख्या भी बढ़कर 25 हो गई, लेकिन यात्रियों को ऑनलाइन टिकट खरीदने की सुविधाएं नहीं मिलीं।
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नहीं बनाए गए बस स्टॉपेज
ई-बसें जब शुरू हुई थीं तो 15 बसें तीन रूटों पर चलती थीं। वर्तमान कें 25 ई-बसों का संचालन आठ रूटों पर किया जा रहा है। बस शुरू होने के साथ ही इसके स्टॉपेज तय किए गए थे, लेकिन यह कागजों में सिमट कर रह गए। ई-बसें अपने निर्धारित स्टॉपेज पर बहुत कम रुकती हैं। इसकी वजह यह है कि बसों स्टॉपेज कागजों में तय कर दिए गए, लेकिन उन्हें जमीन पर नहीं उतारा गया।
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बस पर यात्रा करने वालों को ही नहीं पता होता है कि बस कहां रुकेगी। यही वजह है कि लोग जहां चाहते हैं वहीं बस रुकवाते हैं। बस चालक की भी मजबूरी है कि वह बस को रोकता है। इससे हादसे की आशंका तो बनी ही रहती है। बस से यात्रा करने वाले भी परेशान होते हैं। उन्हें बस कहां से मिलेगी और कहां पर उतरना है इसके लिए अंदाजा ही लगाना पड़ता है।

 

आठ माह में नहीं हो सका टूरिस्ट बसों का संचालन

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पिछले वर्ष मई में 2.92 करोड़ रुपये की दो विशेष टूरिस्ट बसें आई थीं। इन बसों का संचालन एयरपोर्ट से रामगढ़ताल और चिड़ियाघर के लिए होना था। आठ महीने बाद भी इन बसों का संचालन शुरू नहीं हो सका। ये बसें महेसरा स्थित बस डिपो में धूल खा रही हैं।

जल्द आएंगी 25 और बसें
महानगर में भले ही इलेक्ट्रिक बसों का संचालन अव्यवस्थित तरीके से हो रहा है, लेकिन इससे आम जन को काफी सुविधा मिली है। बहुत कम किराए में बसें यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचा रही हैं। यात्रियों को आरामदायक यात्रा करने को मिल रही है। इस सफलता को देखते हुए जिम्मेदारों ने 25 और इलेक्ट्रिक बसें मंगाने का निर्णय लिया है।

इलेक्ट्रिक बस डिपो के प्रबंधक केके मिश्रा ने कहा कि क्यूआर कोड से भुगतान कर टिकट खरीदने की सुविधा अभी शुरू नहीं हो सकी है। इसकी तैयारी चल रही है। जल्द ही यह सुविधा यात्रियों को मिलने लगेगी।
 

 

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